{"_id":"5984b1044f1c1b94098b4673","slug":"191501868292-sonebhadra-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"वन विभाग ने बालू लदा टिपर किया सीज 20-19-01","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
वन विभाग ने बालू लदा टिपर किया सीज 20-19-01
Updated Fri, 04 Aug 2017 11:08 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
सोनभद्र। रोक के बावजूद चोपन थाना क्षेत्र में छह जगह मिनी सिंडिकेट बनाकर बालू का अवैध खनन हो रहा है। सूचना के बाद डीएम ने गुरुवार की रात प्रशासनिक अमले को जांच पड़ताल के लिए मौके पर भेजा। रात के 11:30 बजे से लेकर 2:30 के बीच एसडीएम की अगुवाई में टीम ने पटवध, मुरक्कटा, रेडिया, सेंदुरिया, बर्दिया, कोटा जांच पड़ताल की। डीएम के निर्देश पर टीम ने अवैध बालू परिवहन के लिए इस्तेमाल किए जाने वाले तीन रास्तों को कटवा दिया है।
30 सितंबर से जिले में बालू खनन पर पूरी तरह से रोक है। लेकिन स्थानीय स्तर पर टीपर और ट्रैक्टर ट्राली से बालू खनन कराया जा रहा है। इनमें से चोपन के कुछ नेता, गोठानी, मारकुंडी और सतारूढ़ दल के कुछ लोगों ने एक मिनी सिंडिकेट बना लिया है। सूत्रों की माने तो डाला वन रेंज, चोपन और डाला पुलिस भी इसमें सहयोग कर रही है। बताया जा रहा है कि चोपन के किसी व्यक्ति की इसमें बिचौलिया की भूमिका है। इसका खुलासा बुधवार की रात हुआ समय हुआ जब गुरुवार की रात पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष देवेंद्र शास्त्री घर के पास स्थित सिंदुरिया पुल पर बैठे थे। पास ही में पुलिस की 100 नंबर गाड़ी खड़ी थी। उसी समय बालू लदे दो टीपर आते हुए दिखाई दिए। पुलिसकर्मी ने टीपर रोका मगर चालक से बातचीत के बाद छोड़ दिया। इस पर शास्त्री ने विरोध जताया तो पुलिसकर्मी वहां से चले गए। इसपर देवेंद्र ने इसकी सूचना डीएम पीके उपाध्याय को दे दी। डीएम ने गुरुवार की रात ही 11:30 बजे से लेकर रात के 2:30 बजे तक चार टीमों को अलग अलग क्षेत्रों में भेजा। टीम कोटा, सिंदुरिया, पटवध, डाला सहित अन्य संभावित प्वाइंटों पर गई। लेकिन पुलिस के आने की सूचना पर खनन करने वालों ने काम बंद करवा दिया। डीएम पीके उपाध्याय ने कहा कि उन्होंने चार टीमों को रात ढाई बजे तक जांच पड़ताल करने को भेजा था। तीन घंटे की जांच पड़ताल में कही कोई नहीं मिला। हां कुछ ऐसे रास्ते थे जहां से रात में बालू लेकर वाहन गुजरते थे। उन रास्तों को कटवा दिया गया है।
विज्ञापन
30 सितंबर से जिले में बालू खनन पर पूरी तरह से रोक है। लेकिन स्थानीय स्तर पर टीपर और ट्रैक्टर ट्राली से बालू खनन कराया जा रहा है। इनमें से चोपन के कुछ नेता, गोठानी, मारकुंडी और सतारूढ़ दल के कुछ लोगों ने एक मिनी सिंडिकेट बना लिया है। सूत्रों की माने तो डाला वन रेंज, चोपन और डाला पुलिस भी इसमें सहयोग कर रही है। बताया जा रहा है कि चोपन के किसी व्यक्ति की इसमें बिचौलिया की भूमिका है। इसका खुलासा बुधवार की रात हुआ समय हुआ जब गुरुवार की रात पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष देवेंद्र शास्त्री घर के पास स्थित सिंदुरिया पुल पर बैठे थे। पास ही में पुलिस की 100 नंबर गाड़ी खड़ी थी। उसी समय बालू लदे दो टीपर आते हुए दिखाई दिए। पुलिसकर्मी ने टीपर रोका मगर चालक से बातचीत के बाद छोड़ दिया। इस पर शास्त्री ने विरोध जताया तो पुलिसकर्मी वहां से चले गए। इसपर देवेंद्र ने इसकी सूचना डीएम पीके उपाध्याय को दे दी। डीएम ने गुरुवार की रात ही 11:30 बजे से लेकर रात के 2:30 बजे तक चार टीमों को अलग अलग क्षेत्रों में भेजा। टीम कोटा, सिंदुरिया, पटवध, डाला सहित अन्य संभावित प्वाइंटों पर गई। लेकिन पुलिस के आने की सूचना पर खनन करने वालों ने काम बंद करवा दिया। डीएम पीके उपाध्याय ने कहा कि उन्होंने चार टीमों को रात ढाई बजे तक जांच पड़ताल करने को भेजा था। तीन घंटे की जांच पड़ताल में कही कोई नहीं मिला। हां कुछ ऐसे रास्ते थे जहां से रात में बालू लेकर वाहन गुजरते थे। उन रास्तों को कटवा दिया गया है।
विज्ञापन