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प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र देखरेख के अभाव में खंडहर में तब्दील
Updated Tue, 13 Nov 2018 11:56 PM IST
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बीजपुर। ग्रामसभा डोडहर के पाल बस्ती में लाखों रुपये की लागत से निर्मित आवासीय प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र खंडहर में तब्दील होता जा रहा है। इसकी सुरक्षा की सुध लेने वाला कोई नहीं है।
बसपा सरकार में विधायक रहे सी एम प्रसाद ने नवनिर्मित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र का उद्घाटन कर स्वास्थ्य चिकित्सा सुविधा की आस ग्रामीणों में जगायी थी, लेकिन उम्मीद पर पानी तब फिर गया, जब नवनिर्मित स्वास्थ्य केंद्र में उद्घाटन के बाद उसमें सरकारी कर्मचारी तैनात नहीं किये गये। हालात अब उस नवनिर्मित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र का यह है कि बने कमरों के दरवाजे खिड़की दीवारों में लगे टाइल्स आदि भी चोर उखाड़ ले गए हैं, मात्र अब भारी भरकम धनराशि वाला यह प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र खंडहर के रूप में शो पीस बनकर रह गया है। सरकार के उद्देश्य का लाभ ग्रामीणों को नहीं मिल पाया। आज भी बीजपुर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र एनटीपीसी के चार पांच कमरों वाले एक भवन में चल रहा है, वह भी राम भरोसे है। तैनात सरकारी चिकित्सक आते ही नहीं, अस्थाई चिकित्सक की तैनाती हुई है जो सप्ताह में किसी दिन बैठ जाते हैं, उन्हीं के सहारे यह प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र चल रहा है। अगर इन कर्मचारियों को उस प्राथमिक केंद्र में शिफ्ट करा दिया जाए तो शायद खंडहर में तब्दील हो रहा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र जिस उद्देश्य से ग्रामीणों के लिए बनवाया गया है वह पूरा हो सके। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर पहले जाने का रास्ता तो नहीं था। लेकिन चिकित्सालय बनने के पश्चात ग्राम पंचायत से सड़क भी बनवाया गया, बिजली भी लगाई गई है, लेकिन सुचारू रूप से संचालन नहीं होने की वजह से यह चिकित्सालय ग्रामीणों के लिए निष्प्रयोज्य साबित हो रहा है। ग्रामीणों ने जिला प्रशासन का ध्यान आकृष्ट कराते हुए कार्रवाई की मांग की है।
बसपा सरकार में विधायक रहे सी एम प्रसाद ने नवनिर्मित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र का उद्घाटन कर स्वास्थ्य चिकित्सा सुविधा की आस ग्रामीणों में जगायी थी, लेकिन उम्मीद पर पानी तब फिर गया, जब नवनिर्मित स्वास्थ्य केंद्र में उद्घाटन के बाद उसमें सरकारी कर्मचारी तैनात नहीं किये गये। हालात अब उस नवनिर्मित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र का यह है कि बने कमरों के दरवाजे खिड़की दीवारों में लगे टाइल्स आदि भी चोर उखाड़ ले गए हैं, मात्र अब भारी भरकम धनराशि वाला यह प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र खंडहर के रूप में शो पीस बनकर रह गया है। सरकार के उद्देश्य का लाभ ग्रामीणों को नहीं मिल पाया। आज भी बीजपुर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र एनटीपीसी के चार पांच कमरों वाले एक भवन में चल रहा है, वह भी राम भरोसे है। तैनात सरकारी चिकित्सक आते ही नहीं, अस्थाई चिकित्सक की तैनाती हुई है जो सप्ताह में किसी दिन बैठ जाते हैं, उन्हीं के सहारे यह प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र चल रहा है। अगर इन कर्मचारियों को उस प्राथमिक केंद्र में शिफ्ट करा दिया जाए तो शायद खंडहर में तब्दील हो रहा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र जिस उद्देश्य से ग्रामीणों के लिए बनवाया गया है वह पूरा हो सके। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर पहले जाने का रास्ता तो नहीं था। लेकिन चिकित्सालय बनने के पश्चात ग्राम पंचायत से सड़क भी बनवाया गया, बिजली भी लगाई गई है, लेकिन सुचारू रूप से संचालन नहीं होने की वजह से यह चिकित्सालय ग्रामीणों के लिए निष्प्रयोज्य साबित हो रहा है। ग्रामीणों ने जिला प्रशासन का ध्यान आकृष्ट कराते हुए कार्रवाई की मांग की है।
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