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सांकेतिक विरोध के साथ जारी रहा इलाज
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सिंगरौली। सोमवार को सुरक्षा के सवाल पर आईएमए के बैनर तले चिकित्सकों के विरोध का आंशिक असर जिला अस्पताल बैढ़न में दिखाई पड़ा। हालांकि विरोध के बावजूद डाक्टरों ने मरीजों का उपचार किया।
बताते चलें कि इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए) ने सोमवार से 48 घंटे के हड़ताल का ऐलान किया है। हड़ताल का असर बैढ़न जिला चिकित्सालय में बेअसर रहा। डॉक्टर अस्पताल पहुंचे और रोजाना के तरह मरीजों का उपचार किया लेकिन सुरक्षा व बंगाल में हुई घटना के दोषियों पर ठोस कार्रवाई की मांग की। इंडियन मेडिकल एसोसिएशन सिंगरौली के उपाध्यक्ष डा. देवेंद्र सिंह ने कहा कि मरीजों का सेवा एवं उपचार करके सांकेतिक विरोध दर्ज करा रहे हैं और हम इंडियन मेडिकल एसोसिएशन के साथ खड़े हैं। हमारा मकसद यह नहीं है कि मरीजों को परेशान करे और नुकसान पहुंचाए। उन्होंने बताया कि ओपीडी और इमरजेंसी मरीजों को डॉक्टरों ने देखा। कहा कि पश्चिम बंगाल के कोलकाता में डॉक्टरों की पिटाई व प्राणघातक हमले के विरोध में सुरक्षा मुहैया न होना और सुरक्षा मुहैया कराने के लिए सरकार से डॉक्टर सुरक्षा एक्ट कानून बनाने की मांग पर हमारा रुख आईएमए के साथ है।
बताते चलें कि इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए) ने सोमवार से 48 घंटे के हड़ताल का ऐलान किया है। हड़ताल का असर बैढ़न जिला चिकित्सालय में बेअसर रहा। डॉक्टर अस्पताल पहुंचे और रोजाना के तरह मरीजों का उपचार किया लेकिन सुरक्षा व बंगाल में हुई घटना के दोषियों पर ठोस कार्रवाई की मांग की। इंडियन मेडिकल एसोसिएशन सिंगरौली के उपाध्यक्ष डा. देवेंद्र सिंह ने कहा कि मरीजों का सेवा एवं उपचार करके सांकेतिक विरोध दर्ज करा रहे हैं और हम इंडियन मेडिकल एसोसिएशन के साथ खड़े हैं। हमारा मकसद यह नहीं है कि मरीजों को परेशान करे और नुकसान पहुंचाए। उन्होंने बताया कि ओपीडी और इमरजेंसी मरीजों को डॉक्टरों ने देखा। कहा कि पश्चिम बंगाल के कोलकाता में डॉक्टरों की पिटाई व प्राणघातक हमले के विरोध में सुरक्षा मुहैया न होना और सुरक्षा मुहैया कराने के लिए सरकार से डॉक्टर सुरक्षा एक्ट कानून बनाने की मांग पर हमारा रुख आईएमए के साथ है।
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