{"_id":"5b27ec284f1c1bf76e8b8ba8","slug":"151529343016-sonebhadra-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"एसआईबी की टीम ने जमा कराया एक करोड़ 3","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
एसआईबी की टीम ने जमा कराया एक करोड़ 3
Updated Mon, 18 Jun 2018 11:12 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
चोपन। एसआईबी जीएसटी मिर्जापुर के संयुक्त आयुक्त ओपी सिंह के नेतृत्व में आई टीम ने सोमवार को जुगैल थाना क्षेत्र के खेवंधा बालू साइट पर छापेमारी की। यहां अभिलेखों की जांच की। करीब 15 लाख रुपये जुर्माना और एक करोड़ 23 लाख रुपये जीएसटी बकाया पाया। टीम के निर्देश पर खनन पट्टाधाक ने कुल एक करोड़ 38 लाख रुपये जीएसटी मद में जमा कराया दिया।
सोमवार की शाम एसआईबी के ज्वॉइंट कमिश्नर ओपी सिंह के नेतृत्व में वाणिज्य कर विशेष अनुसंधान शाखा मिर्जापुर की टीम खेबंधा स्थित बालू साइट पर पहुची। टीम ने बालू कंपनी फर्म के व्यापार स्थल की जांच की गई तो चौकाने वाले खुलासे हुए। ज्वाइंट कमिश्नर ओपी सिंह ने बताया कि बालू व्यापारी ने खनन विभाग में रॉयल्टी के रूप में 13 करोड़ रुपये से अधिक की रायल्टी तो जमा की, लेकिन आरसीएम बेस पर 18 प्रतिशत जीएसटी अब तक नहीं जमा किया। न तो कोई रिटर्न दाखिल किया गया था। मौके पर टीम ने हजारों घन फीट बालू डंप पाया और बड़े पैमाने पर व्यापार करने की पुष्टि भी की। रिकार्ड में हेरफेर, व्यापार कम दर्शाने और रॉयल्टी जमा करने के बाद भी जीएसटी नहीं जमा करने पर एसआईबी की टीम ने बालू खनन फर्म से करीब तीन करोड़ रुपये की बालू डंप करने के आरोप में 15 लाख रुपये जुर्माना लगाया। जीएसटी एक करोड़ 23 लाख रुपये जमा कराया। कुल एक करोड़ 38 लाख रुपये जमा कराया गया। ज्वाइंट कमिश्नर ओपी सिंह ने बताया कि अभी जांच की कार्रवाई चल रही हैं। अभिलेख की जांच के बाद और कार्रवाई होगी। जांच टीम में डिप्टी कमिश्नर एके सिंह, असिस्टेंट कमिश्नर रविंद्र कुमार, अखिलेश मिश्रा, अजय कुमार, रत्नेश कुमार, सिद्धार्थ सिंह, वाणिज्य कर अधिकारी अजय पांडे शामिल रहे।
विज्ञापन
सोमवार की शाम एसआईबी के ज्वॉइंट कमिश्नर ओपी सिंह के नेतृत्व में वाणिज्य कर विशेष अनुसंधान शाखा मिर्जापुर की टीम खेबंधा स्थित बालू साइट पर पहुची। टीम ने बालू कंपनी फर्म के व्यापार स्थल की जांच की गई तो चौकाने वाले खुलासे हुए। ज्वाइंट कमिश्नर ओपी सिंह ने बताया कि बालू व्यापारी ने खनन विभाग में रॉयल्टी के रूप में 13 करोड़ रुपये से अधिक की रायल्टी तो जमा की, लेकिन आरसीएम बेस पर 18 प्रतिशत जीएसटी अब तक नहीं जमा किया। न तो कोई रिटर्न दाखिल किया गया था। मौके पर टीम ने हजारों घन फीट बालू डंप पाया और बड़े पैमाने पर व्यापार करने की पुष्टि भी की। रिकार्ड में हेरफेर, व्यापार कम दर्शाने और रॉयल्टी जमा करने के बाद भी जीएसटी नहीं जमा करने पर एसआईबी की टीम ने बालू खनन फर्म से करीब तीन करोड़ रुपये की बालू डंप करने के आरोप में 15 लाख रुपये जुर्माना लगाया। जीएसटी एक करोड़ 23 लाख रुपये जमा कराया। कुल एक करोड़ 38 लाख रुपये जमा कराया गया। ज्वाइंट कमिश्नर ओपी सिंह ने बताया कि अभी जांच की कार्रवाई चल रही हैं। अभिलेख की जांच के बाद और कार्रवाई होगी। जांच टीम में डिप्टी कमिश्नर एके सिंह, असिस्टेंट कमिश्नर रविंद्र कुमार, अखिलेश मिश्रा, अजय कुमार, रत्नेश कुमार, सिद्धार्थ सिंह, वाणिज्य कर अधिकारी अजय पांडे शामिल रहे।
विज्ञापन