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समान कार्य, समान वेतन के लिए भरी हूंकार
Updated Wed, 23 Aug 2017 11:47 PM IST
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सोनभद्र। समान कार्य, समान वेतन, पुरानी पेंशन व्यवस्था बहाल करने समेत अन्य मांगों को लेकर बुधवार को कलेक्ट्रेट में माध्यमिक वित्त विहिन शिक्षक महासभा ने विरोध प्रदर्शन किया। डीएम को मुख्यमंत्रीे के नाम 23 सूत्री मांगपत्र सौंपा।
बाइक जुलूस निकाल कर मांगों के समर्थन में नारेबाजी करते हुए शिक्षक कलेक्ट्रेट पहुंचे। सदस्य विधान परिषद उमेश द्विवेदी और कार्यकारी प्रदेश अध्यक्ष सदस्य विधान परिषद संजय कुमार मिश्रा ने कहा कि समान शिक्षा दे रहे सभी शिक्षकों को समान वेतन मिलना चाहिए। वर्ष 2010 की मान्यता के पश्चात अब तक कार्यरत समस्त शिक्षकों एवं शिक्षणेत्तर कर्मचारियों को सरकारी व्यवस्था में शामिल करने और छात्रों के अनुपालन में छूटे हुए अद्यतन शिक्षकों को मानदेय की परिधि में लाने की जरूरत है। प्रदेश अध्यक्ष महिला प्रकोष्ठ रेनू मिश्रा ने कहा कि सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों के साथ असहायिक मान्यता प्राप्त विद्यालयों के रिक्त पदों पर समायोजित करने, व्यवसायिक एवं कंप्यूटर शिक्षकों की समस्याएं दूर करने और वित्तविहिन स्कूलों में कार्यरत प्रधानाचार्य, शिक्षक, शिक्षणेत्तर कर्मचारियों के लिए बीमा और ईपीएफ बीमा लागू कराई जाए। जिलाध्यक्ष उमाकांत मिश्र, जिला महामंत्री मो. फरहत खां और कोषाध्यक्ष गणेश प्रसाद त्रिपाठी ने शिक्षकों के पक्ष में आवाज उठाई। राजेंद्र पांडेय, अरूण पति त्रिपाठी, अनिल सिंह, गोविंद धर दूबे, गणेश पांडेय, धर्मेंद्र यादव, अंचल कुमार विश्वकर्मा, प्रदीप कुमार, रविंद्र देव पांडेय, संगीता श्रीवास्तव, मंजू मौर्या आदि मौजूद रहे।
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बाइक जुलूस निकाल कर मांगों के समर्थन में नारेबाजी करते हुए शिक्षक कलेक्ट्रेट पहुंचे। सदस्य विधान परिषद उमेश द्विवेदी और कार्यकारी प्रदेश अध्यक्ष सदस्य विधान परिषद संजय कुमार मिश्रा ने कहा कि समान शिक्षा दे रहे सभी शिक्षकों को समान वेतन मिलना चाहिए। वर्ष 2010 की मान्यता के पश्चात अब तक कार्यरत समस्त शिक्षकों एवं शिक्षणेत्तर कर्मचारियों को सरकारी व्यवस्था में शामिल करने और छात्रों के अनुपालन में छूटे हुए अद्यतन शिक्षकों को मानदेय की परिधि में लाने की जरूरत है। प्रदेश अध्यक्ष महिला प्रकोष्ठ रेनू मिश्रा ने कहा कि सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों के साथ असहायिक मान्यता प्राप्त विद्यालयों के रिक्त पदों पर समायोजित करने, व्यवसायिक एवं कंप्यूटर शिक्षकों की समस्याएं दूर करने और वित्तविहिन स्कूलों में कार्यरत प्रधानाचार्य, शिक्षक, शिक्षणेत्तर कर्मचारियों के लिए बीमा और ईपीएफ बीमा लागू कराई जाए। जिलाध्यक्ष उमाकांत मिश्र, जिला महामंत्री मो. फरहत खां और कोषाध्यक्ष गणेश प्रसाद त्रिपाठी ने शिक्षकों के पक्ष में आवाज उठाई। राजेंद्र पांडेय, अरूण पति त्रिपाठी, अनिल सिंह, गोविंद धर दूबे, गणेश पांडेय, धर्मेंद्र यादव, अंचल कुमार विश्वकर्मा, प्रदीप कुमार, रविंद्र देव पांडेय, संगीता श्रीवास्तव, मंजू मौर्या आदि मौजूद रहे।
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