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Sonebhadra News: पंप स्टोरेज और फ्लोटिंग सोलर पावर प्लांट से बनेगी 15000 मेगावाट बिजली

Thu, 16 Jan 2025 11:05 PM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Thu, 16 Jan 2025 11:05 PM IST
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15000 MW electricity will be generated from pumped storage and floating solar power plant
सोनभद्र। तापीय परियोजनाओं के माध्यम से करीब 12 हजार मेगावाट बिजली उत्पादन कर रहे सोनभद्र को ग्रीन एनर्जी का हब बनाने के लिए युद्धस्तर पर काम चल रहा है। इसके लिए एक तरफ रिहंद जलाशय के रिजर्वायर में एक हजार मेगावाट की क्षमता वाला दुनिया का सबसे बड़ा फ्लोटिंग पावर प्लांट लगेगा तो दूसरी ओर सोन नदी पर आधारित 13810 मेगावाट की पंप स्टोरेज परियोजनाएं स्थापित होंगी। पिछले साल ग्लोबल इंवेस्टर्स समिट में निवेशकों ने इसका करार भी किया है। अब इसे मूर्त रूप देने पर काम चल रहा है।
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पिपरी स्थित पं. गोविंद बल्लभ पंत सागर (रिहंद जलाशय) के पानी का इस्तेमाल कर करीब 20 हजार मेगावाट बिजली का उत्पादन होता है। इसमें आठ हजार हजार मेगावाट बिजली यूपी सीमा से सटे मप्र के सिंगरौली जिले में स्थापित एनटीपीसी और निजी क्षेत्र की परियोजनाएं करती हैं। करीब 12 हजार मेगावाट बिजली यूपी में बनती है। तापीय परियोजना की राख, धुएं से बढ़ते बेतहाशा प्रदूषण के चलते सरकार अब ग्रीन एनर्जी की ओर बढ़ रही है। इसके लिए जिले का भौगोलिक क्षेत्र और यहां उपलब्ध संसाधन अनुकूल मिले हैं। पिछले साल हुए ग्लोबल इंवेस्टर्स समिट देश की कई कंपनियों ने यहां पंप स्टोरेज (पीएसपी) पर आधारित बिजली संयंत्र लगाने की सहमति जताते हुए सरकार के साथ एमओयू पर हस्ताक्षर किए थे। यह परियोजनाएं रॉबर्ट्सगंज और ओबरा तहसील क्षेत्र में प्रवाहित सोन नदी के तटवर्ती क्षेत्र में स्थापित होनी है, जिससे 13810 मेगावाट बिजली का उत्पादन होगा। वहीं रिहंद बांध के पिछले हिस्से में एनटीपीसी की ओर से फ्लोटिंग सोलर पावर प्लांट लगाया जाना है। करीब छह हजार करोड़ की लागत से स्थापित होने वाले इस फ्लोटिंग सोलर पावर प्लांट की क्षमता एक हजार मेगावाट होगी। इसे दुनिया का सबसे बड़ा फ्लोटिंग पावर प्लांट माना जा रहा है। सोलर और पीएसपी परियोजनाओं की क्षमता करीब 15 हजार मेगावाट होगी। इनकी स्थापना से सोनभद्र पूरे देश में ग्रीन एनर्जी उत्पादन करने वाला भी सबसे बड़ा क्षेत्र होगा।
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यह तापीय परियोजनाएं स्थापित::
अनपरा ए: 630 मेगावाट
अनपरा बी: 1000 मेगावाट
अनपरा डी: 1000 मेगावाट
ओबरा बी: 1000 मेगावाट
ओबरा सी: 1320 मेगावाट (निर्माणाधीन)
एनटीपीसी रिहंद: 3000 मेगावाट
एनटीपीसी सिंगरौली: 2000 मेगावाट
लैंको: 1200 मेगावाट (निजी)
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ऐसे बनेगा ग्रीन एनर्जी का हब::
पीएसपी परियोजनाएं::
कंपनी: पावर प्लांट की क्षमता (मेवा)
ग्रीनको ग्रुप: 3600
जेएसडब्ल्यू: 1680
टोरेंट पावर: 4150
अबाडा वाटर बैट्री: 1120
अमुरा ग्रुप: 2110
श्री सिद्धार्थ: 1200
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सोलर पावर प्लांट::
एनटीपीसी का फ्लोटिंग सोलर प्लांट: 1000 मेगावाट
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वर्जन...
सोन नदी पर आधारित पंप स्टोरेज पावर परियोजनाओं के आठ प्रस्ताव स्वीकृत हैं। इसकी स्थापना के लिए आवश्यक प्रक्रिया पूरी कराई जा रही है। इन परियोजनाओं से 13810 मेगावाट बिजली का उत्पादन होगा। तापीय परियोजनाओं की तरह इसमें प्रदूषण की संभावना नहीं रहती। -आरपी गौतम, उपायुक्त, उद्योग।
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