सिंगरौली। एनसीएल ने वित्त वर्ष के लिए निर्धारित कोयला प्रेषण (डिस्पैच) लक्ष्य प्राप्त कर लिया है। कंपनी ने लक्ष्य प्राप्ति के लिए निर्धांरित समय से 3 दिन पहले ही वित्त वर्ष के लिए निर्धारित 100.50 मिलियन टन कोयला डिस्पैच लक्ष्य प्राप्ति का नया शिखर छू लिया है। कंपनी ने गत 28 मार्च तक 100.76 मिलियन टन कोयला प्रेषण कर यह उपलब्धि हासिल की है। एनसीएल की यह उपलब्धि अभूतपूर्व कंपनी की स्थापना से लेकर अब तक कंपनी द्वारा किसी भी वित्त वर्ष में यह सर्वाधिक कोयला प्रेषण है। एनसीएल अपनी होल्डिंग कंपनी कोल इंडिया लिमिटेड की दो अन्य अनुषंगी कंपनियों, महानदी कोलफील्ड्स लिमिटेड और साउथ ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड के बाद 100 मिलियन टन कोयला उत्पादन एवं प्रेषण करने वाली देश की तीसरी कोयला कंपनी बन गई है। एनसीएल की इस अभूतपूर्व उपलब्धि के लिए कंपनी के अध्यक्ष सह प्रबंध निदेशक पीके सिन्हा एवं निदेशक मंडल ने टीम एनसीएल को बधाई दी है और कहा है कि अपने कामगारों की लगन, निष्ठा, परिश्रम एवं कार्य के प्रति समर्पण की बदौलत एनसीएल अब 100 मिलियन टन कोयला उत्पादन एवं डिस्पैच करने वाली चुनिंदा कंपनियों के एलीट क्लब में शामिल हो गई है। एनसीएल ने वित्त वर्ष में 28 मार्च तक गत वित्त वर्ष की समान अवधि के मुकाबले अपने कोयला ग्राहकों को 5 प्रतिशत अधिक कोयला भेजा है। कंपनी ने 28 मार्च तक 100.76 मिलियन टन कोयला प्रेषण किया है। कंपनी के 10 कोयला क्षेत्रों में से 5 कोयला क्षेत्रों ने भी वित्त वर्ष के लिए निर्धारित अपने कोयला प्रेषण लक्ष्य समय से पहले ही प्राप्त कर लिए हैं। इन कोयला क्षेत्रों में दुधीचुआ, झिंगुरदा, ककरी, खड़िया और ब्लॉक-बी शामिल हैं। गौरतलब है कि एनसीएल को वित्त वर्ष के लिए 100 मिलियन टन कोयला उत्पादन का लक्ष्य दिया गया था। कंपनी ने वित्त वर्ष की समाप्ति से 5 दिन पूर्व ही यह उत्पादन लक्ष्य हासिल कर लिया था। कोयला उत्पादन में भी शानदार प्रदर्शन करते हुए कंपनी ने वित्त वर्ष के दौरान 28 मार्च, तक 100.63 मिलियन टन कोयला उत्पादन किया है, जो कि पिछले वित्त वर्ष कि समान अवधि में किए गए 92.14 मिलियन टन कोयला उत्पादन से लगभग 10 प्रतिशत अधिक है।