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गर्मी के शुरुआत में ही पानी की समस्या से जूझेंगे ग्रामीण

Sat, 23 Mar 2019 11:06 PM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Sat, 23 Mar 2019 11:06 PM IST
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गर्मी के शुरुआत में ही पानी की समस्या से जूझेंगे ग्रामीण
म्योरपुर। गर्मी के शुरुआती दौर में भूगर्भ जल खिसकने से पानी की किल्लत बढ़ने लगी है। ग्रामीण इलाकों में समस्या से लोगों आने वाले दिनों में और भी जूझना पड़ेगा। इससे पूर्व गत वर्ष भूगर्भ जल को बनाए रखने की दिशा में बाउली और कूप के खुदाई और गहरीकरण पर काम तो हुआ है मगर इन कूप से लोगों को कितनी राहत मिलेगी यह अप्रैल के बाद ही पता लग सकेगा।
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जिले के दक्षिणांचल के म्योरपुर ब्लॉक की भौगोलिक स्थिति पहाड़ी होने की वजह से आए दिन लोगों को पेयजल के लिए जूझना पड़ता है। गर्मी के शुरुआती दौर में ही कुछ गांव में पानी की समस्या बढ़ गई है। बहुत से गांवों में तो हैंडपंपों में पानी नीचे खिसकने की वजह से पाइप बढ़ाने की नौबत आ गई है। इससे भी पानी की समस्या गंभीर हो गई है। ब्लाक के पड़री ग्राम पंचायत की बात करें तो यह ग्राम पंचायत रिहंद जलाशय का तटवर्ती गांव है। गर्मी के शुरुआती दौर में ही बोदराडांड़ टोले में पानी की समस्या उत्पन्न हो गई है। इस ग्राम पंचायत के अधिकतर टोलों में लोग पानी के लिए रिहंद जलाशय और उसके बगल में खोदे गए चुआड़ पर ही आश्रित है। कमोवेश रिहंद जलाशय के तटवर्ती ग्राम पंचायत में सभी का यही हाल है। ऐसे में इन ग्राम पंचायतों में खैराही, किरवानी, रनटोला, डडीहरा, गडिया, बनमहरी आदि ग्राम पंचायतों में पेयजल की गंभीर समस्या उत्पन्न हो जाती है। पिछले वित्तीय वर्ष में म्योरपुर विकासखंड की 80 ग्राम पंचायतों में से करीब 50 ग्राम पंचायतों में टैंकर की खरीद की गई थी। सभी ग्राम पंचायतों में सरकारी हैंडपंपों में सबमर्सिबल डालकर स्टैंड पोस्ट के माध्यम से लोगों को पेयजल की उपलब्धता कराई गई थी। जानकारों ने सबमर्सिबल लगाकर पानी के दोहन को लेकर सवाल उठाए थे। उनका कहना था कि हैंडपंप चलाकर जो पानी उपयोग में लाया जा सकता है। सबमर्सिबल लगाने की वजह से वह पानी जरूरत से ज्यादा खर्च किया जा रहा है।
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म्योरपुर। अतिरिक्त कार्यक्रम अधिकारी सीमा शर्मा कहती हैं कि पिछले वित्तीय वर्ष में मनरेगा के तहत 217 सिंचाई कूप, तालाब व बावली की खुदाई और गहरीकरण का काम कराया गया था ताकि उनमें पानी रूके और भूगर्भ जल रिचार्ज हो सके। बताया कि इस वर्ष फेज द्वितीय के तहत ब्लाक के 153 स्थलों का चयन कर लिया गया है। इसकी खुदाई करके गर्मी में ही उसे बरसात के लिए तैयार कर लिया जाएगा। इससे भूगर्भ जल को रिचार्ज किया जा सके। वहीं अवर अभियंता लघु सिंचाई रामजी सिंह ने कहा कि भूगर्भ जल को रिचार्ज करने का अब तक का प्रयास सफल रहा है।पिछली बार की तरह इस बार स्थिति थोड़ा नियंत्रण में है।गर्मी और पड़ेगी तब वास्तविक स्थिति का पता चल सकेगा।
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