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अधूरे पड़े हैं आवास, जांच में मिली खामियां
Updated Mon, 27 Nov 2017 11:30 PM IST
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सोनभद्र। जिला ग्राम्य विकास अभिकरण के परियोजना निदेशक एनएन मिश्रा ने कई गांवों का निरीक्षण किया। इस दौरान कई जगहों पर प्रधानमंत्री आवास योजना के लाभार्थियों के आवास निर्माण अधूरे पाए गए। अब तक दूसरी किश्त भी नहीं मांगी गई है। वाल राइटिंग कर लाभार्थियों के नाम भी नहीं लिखवाए गए हैं। इस पर पीडी ने संबंधित गांवों के सेक्रेटरियों को नोटिस जारी किया है।
पीडी ने बताया कि उन्होंने सोमवार को घोरावल ब्लॉक के खुटहां ग्राम पंचायत का निरीक्षण किया। यहां प्रधानमंत्री आवास योजना की जांच की। जांच में पाया कि आवास का निर्माण अब तक इतना नहीं हो सका है कि दूूसरी किश्त आवंटित की जा सके। इसी तरह से उन्होंने पकरी, बरौंधी, कड़िया, परसौना और मधका गांव का भी निरीक्षण किया। उन्होंने बताया कि 22 अगस्त के शासनादेश में निर्देश है कि दीवार पर लाभार्थियों की सूची लिखी जानी है, लेकिन किसी भी लाभार्थी का नाम दीवार पर नहीं लिखा गया है। निर्देशित किया गया था कि जिन लाभार्थियों को प्रधानमंत्री आवास दिया गया है, उन्हें नवंबर के आखिरी सप्ताह तक दूसरी किश्त की मांग करनी है लेकिन जांच में एक भी ऐसी ग्राम पंचायत नहीं मिली, जिसमें आवास का कार्य दूसरी किश्त मांगे जाने तक के लिए हो चुका है। बताया कि ग्राम प्रधान खुद निर्माण सामग्री गिरा रहे हैं और मनमानी कार्य करा रहे है, इससे निर्माण प्रभावित हो रहा है। सेक्रेटरी सही ढंग से मानीटरिंग नहीं कर रहे हैं। इसी वजह से कई लाभार्थियों के नीव स्तर के कार्य भी अब तक पूरे नहीं हो सके हैं। इसलिए संबंधित ग्राम पंचायतों के सेक्रेटरियों को नोटिस जारी की गई हैै।
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पीडी ने बताया कि उन्होंने सोमवार को घोरावल ब्लॉक के खुटहां ग्राम पंचायत का निरीक्षण किया। यहां प्रधानमंत्री आवास योजना की जांच की। जांच में पाया कि आवास का निर्माण अब तक इतना नहीं हो सका है कि दूूसरी किश्त आवंटित की जा सके। इसी तरह से उन्होंने पकरी, बरौंधी, कड़िया, परसौना और मधका गांव का भी निरीक्षण किया। उन्होंने बताया कि 22 अगस्त के शासनादेश में निर्देश है कि दीवार पर लाभार्थियों की सूची लिखी जानी है, लेकिन किसी भी लाभार्थी का नाम दीवार पर नहीं लिखा गया है। निर्देशित किया गया था कि जिन लाभार्थियों को प्रधानमंत्री आवास दिया गया है, उन्हें नवंबर के आखिरी सप्ताह तक दूसरी किश्त की मांग करनी है लेकिन जांच में एक भी ऐसी ग्राम पंचायत नहीं मिली, जिसमें आवास का कार्य दूसरी किश्त मांगे जाने तक के लिए हो चुका है। बताया कि ग्राम प्रधान खुद निर्माण सामग्री गिरा रहे हैं और मनमानी कार्य करा रहे है, इससे निर्माण प्रभावित हो रहा है। सेक्रेटरी सही ढंग से मानीटरिंग नहीं कर रहे हैं। इसी वजह से कई लाभार्थियों के नीव स्तर के कार्य भी अब तक पूरे नहीं हो सके हैं। इसलिए संबंधित ग्राम पंचायतों के सेक्रेटरियों को नोटिस जारी की गई हैै।
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