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दोहरा झटका झेल सोमनाथ ने शुरू किया काम
Updated Mon, 07 May 2018 11:16 PM IST
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शक्तिनगर। दोहरा झटका झेलने वाली नार्दर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (एनसीएल) खडिय़ा क्षेत्र की सोमनाथ ड्रैगलाइन मशीन ने काम करना शुरू कर दिया है। मशीन से संबंधी सभी पैरामीटर पर इंजीनियरों की सतत निगाह है।
सोमनाथ ड्रैग लाइन दो मई को उस वक्त हादसे की शिकार हुई जब पास में चल रही विश्वनाथज ड्रैगलाइन मशीन का बूम उसके बाकेट से टकरा गया। इसी के बाद दोनों मशीनों ने काम करना बंद कर दिया। अरबों की विदेशी मशानों के टकराने का मामला कोयला मंत्रालय सहित कोल इंडिया तक गूंजा। इसी के बाद पूरे घटनाक्रम की जांच हाईपावर कमेटी को सौंप दी गई। पूरी हकीकत जांच रिपोर्ट के सार्वजनिक होने पर आएगी लेकिन उत्पादन के दबाव को देखते हुए कंपनी के इंजीनियरों ने हादसे में कम क्षतिग्रस्त सोमनाथ का पहले संचालित करने पर काम शुरू किया। इस मामले में विदेशी इंजीनियरों से भी मदद ली गई और मशीन को चला लिया गया। खडिय़ा के जीएम एमके प्रसाद व एनसीएल अधिकारी एसोसिएशन के वरिष्ठ पदाधिकारी तारकेश्वर प्रसाद के मौजूदगी में मशीन को संचालन शुरू हुआ तो अधिकारियों ने कुछ राहत की सांस ली। बताते है प्रोजक्ट का कोई भी अधिकारी जोकिखम उठाने को तैयार नहीं है लिहाजा मशीन को क्षमता के मुताबिक नहीं चलाया जा रहा है बल्कि कुछ घंटे के संचालन के बाद विशेषज्ञ कल पुर्जो की जांच कर रहे है। बताते चले कि बीते 11 मार्च को सोमनाथ को पहला झटका उस वक्त लगा जब लूज फेस पर मशीन चलाने से उसके नीचे का हजारों टन मलबा खिसक गया और मशीन पलटने से बच गई। दूसरा झटका दो मई को लगा इसके बाद मशीन के साथ जीएम सहित कई वरिष्ठ अधिकारी भी हिल गए।
बोले अधिकारी...
सोमनाथ ड्रैग लाइन को प्राइमरी जांच के बाद इंजीनियरों की निगरानी में चलाना शुरू कर दिया गया है। सभी पैरामीटर पर कुछ दिनों तक निगाह रखा जाएगा। - सीरज कुमार सिंह, प्रवक्ता, एनसीएल, सिंगरौली।
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सोमनाथ ड्रैग लाइन दो मई को उस वक्त हादसे की शिकार हुई जब पास में चल रही विश्वनाथज ड्रैगलाइन मशीन का बूम उसके बाकेट से टकरा गया। इसी के बाद दोनों मशीनों ने काम करना बंद कर दिया। अरबों की विदेशी मशानों के टकराने का मामला कोयला मंत्रालय सहित कोल इंडिया तक गूंजा। इसी के बाद पूरे घटनाक्रम की जांच हाईपावर कमेटी को सौंप दी गई। पूरी हकीकत जांच रिपोर्ट के सार्वजनिक होने पर आएगी लेकिन उत्पादन के दबाव को देखते हुए कंपनी के इंजीनियरों ने हादसे में कम क्षतिग्रस्त सोमनाथ का पहले संचालित करने पर काम शुरू किया। इस मामले में विदेशी इंजीनियरों से भी मदद ली गई और मशीन को चला लिया गया। खडिय़ा के जीएम एमके प्रसाद व एनसीएल अधिकारी एसोसिएशन के वरिष्ठ पदाधिकारी तारकेश्वर प्रसाद के मौजूदगी में मशीन को संचालन शुरू हुआ तो अधिकारियों ने कुछ राहत की सांस ली। बताते है प्रोजक्ट का कोई भी अधिकारी जोकिखम उठाने को तैयार नहीं है लिहाजा मशीन को क्षमता के मुताबिक नहीं चलाया जा रहा है बल्कि कुछ घंटे के संचालन के बाद विशेषज्ञ कल पुर्जो की जांच कर रहे है। बताते चले कि बीते 11 मार्च को सोमनाथ को पहला झटका उस वक्त लगा जब लूज फेस पर मशीन चलाने से उसके नीचे का हजारों टन मलबा खिसक गया और मशीन पलटने से बच गई। दूसरा झटका दो मई को लगा इसके बाद मशीन के साथ जीएम सहित कई वरिष्ठ अधिकारी भी हिल गए।
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बोले अधिकारी...
सोमनाथ ड्रैग लाइन को प्राइमरी जांच के बाद इंजीनियरों की निगरानी में चलाना शुरू कर दिया गया है। सभी पैरामीटर पर कुछ दिनों तक निगाह रखा जाएगा। - सीरज कुमार सिंह, प्रवक्ता, एनसीएल, सिंगरौली।
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