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शिक्षामित्रों ने बीएसए दफ्तर पर किया अर्धनग्न प्रदर्शन
Updated Thu, 07 Sep 2017 11:35 PM IST
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सोनभद्र। शिक्षामित्रों ने यूपी सरकार पर वादा खिलाफी का आरोप लगाया है। गुरुवार को बेसिक शिक्षा अधिकारी कार्यालय पर शिक्षामित्रों ने अर्धनग्न प्रदर्शन किया और प्रदेश सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। शिक्षक के गरिमा के अनुसार मान-सम्मान वापस करने की मांग की। सरकार के दस हजार रुपये मानदेय देने के फैसले का विरोध किया और कहा कि शिक्षामित्रों को यह फैसला नामंजूर है।
शिक्षामित्र संयुक्त संघर्ष मोर्चा के बैनर तले गुरुवार को शिक्षामित्र भारी संख्या में बीएसए कार्यालय पर पहुंचे और धरना- प्रदर्शन किया। यहां जिला संयोजक शशि भूषण त्रिपाठी व वकील अहमद खां ने कहा कि हमें शिक्षक की गरिमा के अनुसार हमारा मान सम्मान वापस करना राज्य सरकार की जिम्मेदारी है। वह कैसे पूरे करे यह सरकार निर्णय ले। मानदेय नहीं वेतनमान का प्रस्ताव यदि शासन द्वारा निर्गत नहीं किया गया तो अब आर-पार की लड़ाई का ऐलान किया जाता है। आज अर्धनग्न प्रदर्शन कर शासन-प्रशासन को इस बात का इल्म कराया जा रहा है कि हम तो सड़क पर आ गए हैं, यदि सरकार नहीं चेती तो उसे भी सड़क पर लाने का कार्य शिक्षामित्र करेंगे। अजीत सिंह, विनोद कुमार मौर्य, दिलीप त्रिपाठी ने कहा कि यदि हम एकजूट होकर अपनी मांगों के लिए संघर्ष नहीं किये तो वह दिन दूूर नहीं जब सरकार अपनी मंशा के अनुसार 2019 के बाद हम सभी को घर बैठा देगी। बीना मिश्रा, सरिता मौर्या, गुलाब यादव, अरुण केशरी ने कहा कि अब वह समय आ गया है कि सरकार को शिक्षामित्र अपनी ताकत का एहसास कराएं और यह बता दें कि एक चाणक्य अगर घनानंद जैसे आततायी शासक का पतन कर सकता है तो यहां इतने शिक्षक शासन-प्रशासन का पतन कर सकते हैं। प्रदर्शन में राकेश सिंह, संदीप सिंह, महिमा मिश्रा, किरन सिंह, उमाशंकर मिश्रा, नगेंद्र दूबे, प्रमोद पांडेय, अमित दूबे, मुरारीनाथ कुशवाहा, रामनौमी, अशोक पांडेय, बाल किशुन मौजूद रहे।
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शिक्षामित्र संयुक्त संघर्ष मोर्चा के बैनर तले गुरुवार को शिक्षामित्र भारी संख्या में बीएसए कार्यालय पर पहुंचे और धरना- प्रदर्शन किया। यहां जिला संयोजक शशि भूषण त्रिपाठी व वकील अहमद खां ने कहा कि हमें शिक्षक की गरिमा के अनुसार हमारा मान सम्मान वापस करना राज्य सरकार की जिम्मेदारी है। वह कैसे पूरे करे यह सरकार निर्णय ले। मानदेय नहीं वेतनमान का प्रस्ताव यदि शासन द्वारा निर्गत नहीं किया गया तो अब आर-पार की लड़ाई का ऐलान किया जाता है। आज अर्धनग्न प्रदर्शन कर शासन-प्रशासन को इस बात का इल्म कराया जा रहा है कि हम तो सड़क पर आ गए हैं, यदि सरकार नहीं चेती तो उसे भी सड़क पर लाने का कार्य शिक्षामित्र करेंगे। अजीत सिंह, विनोद कुमार मौर्य, दिलीप त्रिपाठी ने कहा कि यदि हम एकजूट होकर अपनी मांगों के लिए संघर्ष नहीं किये तो वह दिन दूूर नहीं जब सरकार अपनी मंशा के अनुसार 2019 के बाद हम सभी को घर बैठा देगी। बीना मिश्रा, सरिता मौर्या, गुलाब यादव, अरुण केशरी ने कहा कि अब वह समय आ गया है कि सरकार को शिक्षामित्र अपनी ताकत का एहसास कराएं और यह बता दें कि एक चाणक्य अगर घनानंद जैसे आततायी शासक का पतन कर सकता है तो यहां इतने शिक्षक शासन-प्रशासन का पतन कर सकते हैं। प्रदर्शन में राकेश सिंह, संदीप सिंह, महिमा मिश्रा, किरन सिंह, उमाशंकर मिश्रा, नगेंद्र दूबे, प्रमोद पांडेय, अमित दूबे, मुरारीनाथ कुशवाहा, रामनौमी, अशोक पांडेय, बाल किशुन मौजूद रहे।
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