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संजीवनी बूटी लाकर बचाए लक्ष्मण के प्राण
Updated Thu, 18 Oct 2018 11:16 PM IST
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रेणुकूट। हिंडाल्को रामलीला परिषद के कलाकारों ने हिंडाल्को रामलीला मैदान पर आठवें दिन रावण की तरफ से युद्ध की मोर्चाबंदी, अंगद-रावण संवाद, राम की तरफ से युद्ध की मोर्चाबंदी, लक्ष्मण शक्ति लीला आदि का सजीव मंचन किया गया। रावण को यह ज्ञात हुआ कि श्री राम ने समुद्र पर सेतु बांध लिया है और वानर सेना लंका पर चढ़ाई को बढ़ रही है तो वह भी युद्ध तैयारी में लग जाता है और पूरे किले की मोर्चाबंदी कर लेता है।
उधर, श्रीराम के दूत के रूप में अंगद एक बार फिर रावण को समझाने पहुंचते हैं लेकिन दंभ में डूबा रावण श्रीराम के लिए अपमानजनक भाषा का प्रयोग करता है। इस पर अंगद गुस्से में आ जाते हैं और रावण तथा उनके दरबार के योद्धाओं को चुनौती देते हैं कि पहले जमीन से मेरा पैर हिला कर दिखाओ, फिर प्रभु राम पर विजय पाने की सोचना। कोई भी योद्धा पैर हिलाना तो दूर, टस से मस नहीं कर पाते। तब रावण आगे बढ़ता है। इस पर अंगद बोलते हैं कि मेरे नहीं, प्रभु राम के चरणों में झुको तुम्हारा कल्याण होगा। इस पर रावण क्रोधित हो जाता है और युद्ध के लिए तैयार रहने को कहता है। अंगद के लौटने पर श्रीराम और उनकी वानर सेना भी युद्ध की तैयारी में जुट जाती है। युद्ध के दौरान मेघनाद के शक्तिवाण से लक्ष्मण मूर्छित होकर गिर पड़ते हैं। यह देख कर प्रभु राम व्याकुल हो उठते हैं। तब हनुमान वैद्यराज सुषेन और संजीवनी बूटी को लाते हैं, जिससे लक्ष्मण ठीक हो जाते हैं। इससे भगवान श्रीराम और उनकी सेना में खुशी की लहर दौड़ जाती है।
बभनी। ग्रामीण नव युवक रामलीला मंडली के तरफ से चल रही रामलीला में बुधवार की रात्रि में लंका दहन, अक्षय कुमार वध और समुद्र पर सेतु निर्माण, रामेश्वरम स्थापना की लीला का मंचन किया गया। पवनसुत हनुमान लंका प्रवेश कर मां जानकी से मिलते हैं। इसके बाद मां सीता से आज्ञा लेकर अशोक वाटिका में फल खाते, वाटिका को तहस-नहस कते जाते हैं। यह खबर पाकर रावण ने अपने पुत्र अक्षय कुमार को भेजा, जिसे हनुमान मार डालते हैं। उसके बाद मेघनाथ आता है जो ब्रह्मपाश का हनुमान को बांध लेना है और रावण दरबार लेकर पहुंचता है। वहां उनकी पूंछ में आग लगाने का निर्णय होता है। जैसे ही हनुमान की पूंछ में आग लगाई गई, उन्होंने कूदकर पूरे लंका में आग लगा दी और देखते ही देखते सोने की लंका जलकर नष्ट हो गई। इसके बाद हनुमान मां सीता से अनुमति लेकर लौट आते हैं और प्रभुराम को पूरा समाचार सुनाते हैं। इसके बाद समुद्र पर सेतु निर्माण और भगवान रामेश्वरम की स्थापना की जाती है। सूर्यकांत, रत्नेश कुमार, मेंहीलाल, बद्री प्रसाद, रामदेव, सुखलाल ने व्यवस्था में अहम भूमिका निभाई।
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उधर, श्रीराम के दूत के रूप में अंगद एक बार फिर रावण को समझाने पहुंचते हैं लेकिन दंभ में डूबा रावण श्रीराम के लिए अपमानजनक भाषा का प्रयोग करता है। इस पर अंगद गुस्से में आ जाते हैं और रावण तथा उनके दरबार के योद्धाओं को चुनौती देते हैं कि पहले जमीन से मेरा पैर हिला कर दिखाओ, फिर प्रभु राम पर विजय पाने की सोचना। कोई भी योद्धा पैर हिलाना तो दूर, टस से मस नहीं कर पाते। तब रावण आगे बढ़ता है। इस पर अंगद बोलते हैं कि मेरे नहीं, प्रभु राम के चरणों में झुको तुम्हारा कल्याण होगा। इस पर रावण क्रोधित हो जाता है और युद्ध के लिए तैयार रहने को कहता है। अंगद के लौटने पर श्रीराम और उनकी वानर सेना भी युद्ध की तैयारी में जुट जाती है। युद्ध के दौरान मेघनाद के शक्तिवाण से लक्ष्मण मूर्छित होकर गिर पड़ते हैं। यह देख कर प्रभु राम व्याकुल हो उठते हैं। तब हनुमान वैद्यराज सुषेन और संजीवनी बूटी को लाते हैं, जिससे लक्ष्मण ठीक हो जाते हैं। इससे भगवान श्रीराम और उनकी सेना में खुशी की लहर दौड़ जाती है।
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बभनी। ग्रामीण नव युवक रामलीला मंडली के तरफ से चल रही रामलीला में बुधवार की रात्रि में लंका दहन, अक्षय कुमार वध और समुद्र पर सेतु निर्माण, रामेश्वरम स्थापना की लीला का मंचन किया गया। पवनसुत हनुमान लंका प्रवेश कर मां जानकी से मिलते हैं। इसके बाद मां सीता से आज्ञा लेकर अशोक वाटिका में फल खाते, वाटिका को तहस-नहस कते जाते हैं। यह खबर पाकर रावण ने अपने पुत्र अक्षय कुमार को भेजा, जिसे हनुमान मार डालते हैं। उसके बाद मेघनाथ आता है जो ब्रह्मपाश का हनुमान को बांध लेना है और रावण दरबार लेकर पहुंचता है। वहां उनकी पूंछ में आग लगाने का निर्णय होता है। जैसे ही हनुमान की पूंछ में आग लगाई गई, उन्होंने कूदकर पूरे लंका में आग लगा दी और देखते ही देखते सोने की लंका जलकर नष्ट हो गई। इसके बाद हनुमान मां सीता से अनुमति लेकर लौट आते हैं और प्रभुराम को पूरा समाचार सुनाते हैं। इसके बाद समुद्र पर सेतु निर्माण और भगवान रामेश्वरम की स्थापना की जाती है। सूर्यकांत, रत्नेश कुमार, मेंहीलाल, बद्री प्रसाद, रामदेव, सुखलाल ने व्यवस्था में अहम भूमिका निभाई।
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