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टेंडर प्रक्रिया जांच के लिए लखनऊ से पहुंची टीम
Updated Sat, 05 May 2018 01:44 AM IST
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अनपरा। अनपरा तापीय परियोजना और उसके आवासीय परिसर की सड़कों के जीर्णोद्धार के लिए निकला टेंडर चहेतों को देने के लिए एक अधिकारी ने पेंच फंसा दिया। जिसकी वजह से सड़क निर्माण कार्य समय से शुरू होने की उम्मीद नहीं दिख रही है। इस मामले की जांच के लिए शुक्रवार को लखनऊ से एक टीम अनपरा पहुंच गई है।
बता दें कि सूबे के मुखिया ने अनपरा विद्युत गृह का नवंबर 2017 में दौरा किया था। इस दौरान परियोजना व आवासीय परिसर की जर्जर सड़कों को देख नाराजगी व्यक्त की थी। उन्होंने निरीक्षण के दौरान ही सड़कों की मरम्मत का निर्देश दिया था। जिसके तहत करीब दो माह पूर्व 15 करोड़ में सड़कों का निर्माण करने के लिए टेंडर निकाला गया। इस टेंडर प्रक्रिया में कुल आठ ठेकेदार शामिल हुए और तय नियमों के मुताबिक टेंडर डाल दिया। मुख्य अभियंता पर्यावरण संरक्षण एवं सुरक्षा आरपी सक्सेना ने 15 मार्च को अनपरा ताप विद्युत गृह के मुख्य अभियंता एवं परियोजना समन्वयक को एक पत्र जारी कर दिया। जिसमें मे. श्यामा विल्डकान प्राइवेट लिमिटेड के पत्र का हवाला देते हुए निर्देशित किया गया था कि उक्त कंपनी ने टेंडर में प्रतिभाग करने की इच्छा व्यक्त की है। निविदा में ज्वाइंट वेंचर की अनुमति न होने के कारण उक्त फर्म निविदा में प्रतिभाग नहीं कर पा रही है। इस संबंध में निदेशक तकनीकी ने निर्देशित किया है कि निविदा की पीक्यूसी में ज्वाइंट वेंचर का प्राविधान रखा जाए। इसके बाद टेंडर डालने वाले टेकेदारों में मायूसी फैल गई। उनका आरोप है कि ज्वाइंट वेंचर का बहाना कर मामले को टाला जा रहा है। इसकी शिकायत जब निदेशक तकनीकी से की गई तो उन्होंने जांच के लिए एक टीम अनपरा भेज दी। शुक्रवार की शाम अनपरा पहुंची टीम शनिवार को जांच कर रिपोर्ट संबंधित अधिकारी दो देगी।
रिपोर्ट आने के बाद लेंगे निर्णय
टेंडर प्रक्रिया को निरस्त नहीं किया गया है और जो आरोप लगाए जा रहे वह गलत है। इस मामले की जांच के लिए एक टीम अनपरा भेजी गई है। जांच रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। - वीएस तिवारी, निदेशक तकनीकी
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बता दें कि सूबे के मुखिया ने अनपरा विद्युत गृह का नवंबर 2017 में दौरा किया था। इस दौरान परियोजना व आवासीय परिसर की जर्जर सड़कों को देख नाराजगी व्यक्त की थी। उन्होंने निरीक्षण के दौरान ही सड़कों की मरम्मत का निर्देश दिया था। जिसके तहत करीब दो माह पूर्व 15 करोड़ में सड़कों का निर्माण करने के लिए टेंडर निकाला गया। इस टेंडर प्रक्रिया में कुल आठ ठेकेदार शामिल हुए और तय नियमों के मुताबिक टेंडर डाल दिया। मुख्य अभियंता पर्यावरण संरक्षण एवं सुरक्षा आरपी सक्सेना ने 15 मार्च को अनपरा ताप विद्युत गृह के मुख्य अभियंता एवं परियोजना समन्वयक को एक पत्र जारी कर दिया। जिसमें मे. श्यामा विल्डकान प्राइवेट लिमिटेड के पत्र का हवाला देते हुए निर्देशित किया गया था कि उक्त कंपनी ने टेंडर में प्रतिभाग करने की इच्छा व्यक्त की है। निविदा में ज्वाइंट वेंचर की अनुमति न होने के कारण उक्त फर्म निविदा में प्रतिभाग नहीं कर पा रही है। इस संबंध में निदेशक तकनीकी ने निर्देशित किया है कि निविदा की पीक्यूसी में ज्वाइंट वेंचर का प्राविधान रखा जाए। इसके बाद टेंडर डालने वाले टेकेदारों में मायूसी फैल गई। उनका आरोप है कि ज्वाइंट वेंचर का बहाना कर मामले को टाला जा रहा है। इसकी शिकायत जब निदेशक तकनीकी से की गई तो उन्होंने जांच के लिए एक टीम अनपरा भेज दी। शुक्रवार की शाम अनपरा पहुंची टीम शनिवार को जांच कर रिपोर्ट संबंधित अधिकारी दो देगी।
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रिपोर्ट आने के बाद लेंगे निर्णय
टेंडर प्रक्रिया को निरस्त नहीं किया गया है और जो आरोप लगाए जा रहे वह गलत है। इस मामले की जांच के लिए एक टीम अनपरा भेजी गई है। जांच रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। - वीएस तिवारी, निदेशक तकनीकी
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