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शिक्षकों के गले की फांस बना सर्वे
Updated Fri, 03 Aug 2018 12:16 AM IST
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अनपरा । परिषदीय विद्यालयों के शिक्षकों को सर्वे का काम सौंपा गया है। आवास व हर तरह के पेंशन पात्रों की खोज कर रिपोर्ट देनी है । यह कार्य ज्यादातर महिला शिक्षकों को दिया गया है । इस कार्य में सेक्रेटरी, रोजगार सेवक और सफाई कर्मियों द्वारा सहयोग न मिलने के कारण शिक्षकों को सर्वे कार्य में अड़चनें आ रही हैं।
मुख्यमंत्री आवास, विधवा, विकलांग, वृद्धा पेंशन के अलावा अंत्योदय कार्ड लाभार्थियों की तलाश के लिए जिले में सर्वे कराया जा रहा है। इस सर्वे के कार्य में शिक्षकों को लगाया गया है। सर्वे का काम ग्राम पंचायत में हुई खुली बैठक वाले दिन से सात दिनों के भीतर पूरा कर रिपोर्ट ब्लाक अधिकारियों को देनी है। विकास विभाग से जुड़े कर्मचारियों जैसे ग्राम पंचायत अधिकारी, प्रधान, रोजगार सेवक व सफाई कर्मियों का सहयोग न मिलने से शिक्षक परेशान हैं। दरअसल कुछ ग्राम पंचायतों में सात-सात राजस्व गांव है। आबादी और उनका क्षेत्रफल भी व्यापक है। ऐसे में महिला शिक्षकों को सर्वे करने में दिक्कत हो रही है। कुछ शिक्षकों ने इसकी जानकारी अपने ब्लाक के एडीओ पंचायत से की। एडीओ पंचायत ने सफाई कर्मियों से सहयोग लेने की बात कही लेकिन सफाई कर्मी बहाना बना कर शिक्षकों का सहयोग ही नहीं कर रहे हैं। सर्वे में लगी महिला शिक्षकों ने अफसरों से मदद की गुहार लगाई है। इस संबंध में मुख्य विकास अधिकारी एसके वर्मा ने कहा कि सफाई कर्मियों को सर्वे में शिक्षकों की मदद करने का आदेश पहले ही जारी कर दिया गया है। यदि कोई सफाई कर्मी इसमें हीलाहवाली करता है तो उसकी जानकारी अधिकारियों को दी जाए, ताकि ऐसे सफाई कर्मियों के खिलाफ सख्ती से निपटा जा सके।
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मुख्यमंत्री आवास, विधवा, विकलांग, वृद्धा पेंशन के अलावा अंत्योदय कार्ड लाभार्थियों की तलाश के लिए जिले में सर्वे कराया जा रहा है। इस सर्वे के कार्य में शिक्षकों को लगाया गया है। सर्वे का काम ग्राम पंचायत में हुई खुली बैठक वाले दिन से सात दिनों के भीतर पूरा कर रिपोर्ट ब्लाक अधिकारियों को देनी है। विकास विभाग से जुड़े कर्मचारियों जैसे ग्राम पंचायत अधिकारी, प्रधान, रोजगार सेवक व सफाई कर्मियों का सहयोग न मिलने से शिक्षक परेशान हैं। दरअसल कुछ ग्राम पंचायतों में सात-सात राजस्व गांव है। आबादी और उनका क्षेत्रफल भी व्यापक है। ऐसे में महिला शिक्षकों को सर्वे करने में दिक्कत हो रही है। कुछ शिक्षकों ने इसकी जानकारी अपने ब्लाक के एडीओ पंचायत से की। एडीओ पंचायत ने सफाई कर्मियों से सहयोग लेने की बात कही लेकिन सफाई कर्मी बहाना बना कर शिक्षकों का सहयोग ही नहीं कर रहे हैं। सर्वे में लगी महिला शिक्षकों ने अफसरों से मदद की गुहार लगाई है। इस संबंध में मुख्य विकास अधिकारी एसके वर्मा ने कहा कि सफाई कर्मियों को सर्वे में शिक्षकों की मदद करने का आदेश पहले ही जारी कर दिया गया है। यदि कोई सफाई कर्मी इसमें हीलाहवाली करता है तो उसकी जानकारी अधिकारियों को दी जाए, ताकि ऐसे सफाई कर्मियों के खिलाफ सख्ती से निपटा जा सके।
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