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शिक्ष, चिकित्सा, पेयजल को लेकर करेंगे आवाज बुलंद
Updated Thu, 13 Sep 2018 11:16 PM IST
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ओबरा। भारत सरकार के सर्वे के अनुसार अति पिछड़ा जिला के मूल कारण एवं निवारण के संबंध में पांच अक्टूबर को ओबरा में स्थानीय आदिवासी बेरोजगार सम्मेलन का निर्णय लिया गया है। आदिवासी क्षेत्र रेणुकापार एवं सलखन के पूर्वी पहाड़ी क्षेत्र जो शिक्षा, चिकित्सा, आवागमन, पेयजल, बेरोजगारी, सिंचाई के अभाव के करण परेशान ग्रामीण इंटक प्रतिनिधियों की बैठक इंटक के जिलाध्यक्ष हरदेव नारायण तिवारी की अध्यक्षता में ओबरा हाइड्रो इलेक्ट्रिक इंप्लाइज यूनियन इंटक कार्यालय पर हुई।
इसमें तिवारी ने कहा कि रेणुकापार आदिवासी क्षेत्र में बसे लाखों आदिवासी के बच्चों को पढ़ने के लिए कोई हाईस्कूल, इंटर कालेज न होने के कारण कक्षा पांच तथा कक्षा आठ के आगे कोई शिक्षा व्यवस्था नहीं है। आवागमन के अभाव में ग्रामीण क्षेत्र में एंबुलेंस का न पहुंच पाना, पेयजल, चिकित्सा की कोई सुविधा न होना, सलखन के पूर्वी पहाड़ी क्षेत्र में बसे हजारों आदिवासी मजदूरों के खेतों के सिंचाई हेतु केरवा बांध के निर्माण एवं गरीबी, भूख को दूर करने हेतु रोजगार के संबंध में बीते 26 अगस्त को संगठन का प्रतिनिधि मंडल नोडल अधिकारी सोनभद्र अमित गुप्ता आइएएस से शक्तिभवन में मिलकर ज्ञापन दिया था। बताया कि विभिन्न समस्याओं पर एक सम्मेलन ओबरा श्रीराम मंदिर मानस भवन में पांच अक्टूबर को सम्मेलन का निर्णय लिया गया है। इसमें इंटक के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष समेत अन्य मौजूद रहेंगे। बैठक में इंटक ग्रामीण प्रतिनिधि हरिशंकर गोंड़, रामबिलास दुबे, अकमानी देबी, बसंती देवी, रामदुलारे गोंड़, प्रहलाद गुप्ता, रमेश सिंह यादव, प्रभात कुमार पांडेय, शंभूनाथ दुबे, राजाराम, सूर्य नारायण सिंह, सुदामा विश्वकर्मा, शालिक राम, हीरावती देवी रहे। संचालन जिला महासचिव शमीम अख्तर खां ने किया।
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इसमें तिवारी ने कहा कि रेणुकापार आदिवासी क्षेत्र में बसे लाखों आदिवासी के बच्चों को पढ़ने के लिए कोई हाईस्कूल, इंटर कालेज न होने के कारण कक्षा पांच तथा कक्षा आठ के आगे कोई शिक्षा व्यवस्था नहीं है। आवागमन के अभाव में ग्रामीण क्षेत्र में एंबुलेंस का न पहुंच पाना, पेयजल, चिकित्सा की कोई सुविधा न होना, सलखन के पूर्वी पहाड़ी क्षेत्र में बसे हजारों आदिवासी मजदूरों के खेतों के सिंचाई हेतु केरवा बांध के निर्माण एवं गरीबी, भूख को दूर करने हेतु रोजगार के संबंध में बीते 26 अगस्त को संगठन का प्रतिनिधि मंडल नोडल अधिकारी सोनभद्र अमित गुप्ता आइएएस से शक्तिभवन में मिलकर ज्ञापन दिया था। बताया कि विभिन्न समस्याओं पर एक सम्मेलन ओबरा श्रीराम मंदिर मानस भवन में पांच अक्टूबर को सम्मेलन का निर्णय लिया गया है। इसमें इंटक के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष समेत अन्य मौजूद रहेंगे। बैठक में इंटक ग्रामीण प्रतिनिधि हरिशंकर गोंड़, रामबिलास दुबे, अकमानी देबी, बसंती देवी, रामदुलारे गोंड़, प्रहलाद गुप्ता, रमेश सिंह यादव, प्रभात कुमार पांडेय, शंभूनाथ दुबे, राजाराम, सूर्य नारायण सिंह, सुदामा विश्वकर्मा, शालिक राम, हीरावती देवी रहे। संचालन जिला महासचिव शमीम अख्तर खां ने किया।
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