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सिलेंडर फटने से झुलसे एनसीएल कर्मी की मौत
Updated Mon, 07 May 2018 12:52 AM IST
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शक्तिनगर (सोनभद्र)। एनसीएल के दुधीचुआ खदान में शनिवार की सुबह डीए सिलेंडर फटने से झुलसे एनसीएल कर्मी ्लालमन (42) की वाराणसी में उपचार के दौरान रविवार की सुबह मौत हो गई। इसकी जानकारी होने पर एनसीएल कर्मियों में शोक की लहर दौड़ गई।
बता दें कि शनिवार की सुबह पौने 11 बजे की यह घटना दुधीचुआ कोल खदान के सीएचपी स्थित तीन नंबर क्रेशर के समीप हुई थी। डोजर बैक करते समय वह डीए सिलेंडर पर जा चढ़ा था, जिसकी वजह से सिलेंडर में विस्फोट के साथ आग लग गई थी। इस हादसे में घटना स्थल पर मौजूद फिटर लालमन गंभीर रूप से झुलस गए थे। आनन-फानन में उन्हें शनिवार को उपचार के लिए नेहरू चिकित्सालय में भर्ती कराया गया था। चिकित्सकों ने उनके 60 फीसदी झुलसने की बात कही थी। प्राथमिक उपचार के बाद एनसीएल कर्मी को बेहतर उपचार के लिए वाराणसी स्थित एक निजी चिकित्सालय रेफर किया गया था। जहां रविवार की सुबह 10 बजे लालमन की मौत हो गई। एनसीएल कर्मियों का आरोप है कि वाराणसी के जिस निजी चिकित्सालय में रेफर किया गया था, वहां बर्न यूनिट ही नहीं थी। कर्मियों में उपचार में लापरवाही बरतने से मौत होने का आरोप लगाया है।
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बता दें कि शनिवार की सुबह पौने 11 बजे की यह घटना दुधीचुआ कोल खदान के सीएचपी स्थित तीन नंबर क्रेशर के समीप हुई थी। डोजर बैक करते समय वह डीए सिलेंडर पर जा चढ़ा था, जिसकी वजह से सिलेंडर में विस्फोट के साथ आग लग गई थी। इस हादसे में घटना स्थल पर मौजूद फिटर लालमन गंभीर रूप से झुलस गए थे। आनन-फानन में उन्हें शनिवार को उपचार के लिए नेहरू चिकित्सालय में भर्ती कराया गया था। चिकित्सकों ने उनके 60 फीसदी झुलसने की बात कही थी। प्राथमिक उपचार के बाद एनसीएल कर्मी को बेहतर उपचार के लिए वाराणसी स्थित एक निजी चिकित्सालय रेफर किया गया था। जहां रविवार की सुबह 10 बजे लालमन की मौत हो गई। एनसीएल कर्मियों का आरोप है कि वाराणसी के जिस निजी चिकित्सालय में रेफर किया गया था, वहां बर्न यूनिट ही नहीं थी। कर्मियों में उपचार में लापरवाही बरतने से मौत होने का आरोप लगाया है।
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