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प्रधानमंत्री आवास बनाने के लिए गिरा दिया घर, अब अपात्र
Updated Wed, 17 Jan 2018 11:56 PM IST
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चतरा ब्लॉक के रामगढ़ ग्राम पंचायत में प्रधानमंत्री आवास के आवंटन में बड़ी गड़बड़ी का मामला सामने आया है। यहां 51 लोगों को आवास आवंटित हुआ, जिसमें से जांच में 22 लाभार्थियों को अपात्र घोषित कर दिया गया। इतना ही नहीं कुछ को पहली किश्त जारी की गई। एक लाभार्थी ने पीएम आवास बनाने के चक्कर में अपनी झोपड़ी गिरा दी। नींव तक का काम करा दिया। इसके बाद अपात्र घोषित होने से वह परिवार कड़ाके की ठंड में तिरपाल के नीचे रात गुजार रहा है।
जिले में प्रधानमंत्री आवास के आवंटन में तमाम तरह की खामियां हुई हैं। एक ऐसा ही मामला रामगढ़ ग्राम पंचायत का है। यहां प्रधानमंत्री आवास के निर्माण के लिए 72 आवास का प्रस्ताव था। इसमें से 51 पात्रों को आवास स्वीकृत किया गया और 44 पात्रों को धनराशि की प्रथम किश्त आवंटित की गई। गांव की जैबुननिशा पत्नी निजामुद्दीन ने अपनी झोपड़ी गिराकर पहली किश्त की राशि से आवास का निर्माण शुरू करा दिया। उसने नींव तक काम कराया। इसी बीच उसे अपात्र घोषित कर उसकी दूसरी किश्त रोक दी गई। अब उसका परिवार तिरपाल के नीचे रात गुजार रहा और अधिकारियों का चक्कर काट रहा है। इस ग्राम पंचायत में जांच कर कुल 22 लोगों को अपात्र घोषित कर दिया गया। जबकि उन्हें पहली किश्त जारी की गई थी।
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जिले में प्रधानमंत्री आवास के आवंटन में तमाम तरह की खामियां हुई हैं। एक ऐसा ही मामला रामगढ़ ग्राम पंचायत का है। यहां प्रधानमंत्री आवास के निर्माण के लिए 72 आवास का प्रस्ताव था। इसमें से 51 पात्रों को आवास स्वीकृत किया गया और 44 पात्रों को धनराशि की प्रथम किश्त आवंटित की गई। गांव की जैबुननिशा पत्नी निजामुद्दीन ने अपनी झोपड़ी गिराकर पहली किश्त की राशि से आवास का निर्माण शुरू करा दिया। उसने नींव तक काम कराया। इसी बीच उसे अपात्र घोषित कर उसकी दूसरी किश्त रोक दी गई। अब उसका परिवार तिरपाल के नीचे रात गुजार रहा और अधिकारियों का चक्कर काट रहा है। इस ग्राम पंचायत में जांच कर कुल 22 लोगों को अपात्र घोषित कर दिया गया। जबकि उन्हें पहली किश्त जारी की गई थी।
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