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पहाड़ी इलाकों में बह गए कई पुलिया और रपटा
Updated Tue, 08 Aug 2017 11:31 PM IST
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सोनभद्र। नगवां ब्लॉक के पहाड़ी इलाकों में इस बार अब तक हुई बारिश से काफी क्षति हुई है। कई जगह पुलिया और रपटा बह गया है। सड़क भी कुछ जगहों पर क्षतिग्रस्त हुई है। इससे आवागमन प्रभावित हो रहा है। बारिश होने पर अभी और भी क्षति हो सकती है। वजह कि कई जगहों पर सड़क भी धंसी है। लोगों का आरोप है कि मानक के अनुसार निर्माण कार्य न होने का खामियाजा क्षेत्रीय लोगों को भुगतना पड़ रहा है।
जिले के विभिन्न इलाकों में इस बार हुई बारिश से जहां कई लोगों के मकान गिर गए वहीं सड़कें और रपटे भी बह गए हैं। पहाड़ी और नक्सल क्षेत्रों में बारिश से हुई क्षति को लेकर अधिकारियों ने कोई रुचि नहीं ली जिसका खामियाजा क्षेत्रीय लोगों को भुगतना पड़ रहा है। इस बरसात में अब तक हुई बारिश से कई जगहों पर काफी क्षति हुई है। नगवां ब्लाक के करौंदिया गांव में रमेश जायसवाल के घर के पास करीब दो साल पूर्व ही रपटा बना था। पिछली बारिश में यह रपटा कुछ हद तक खराब हुआ था लेकिन इस बार की बारिश में वह बह गया। इससे लोगों को आने-जाने में परेशानी झेलनी पड़ रही है। दो पहिया वाहन वालों को जुगाड़ से रपटा पार करना पड़ रहा है। इसी तरह पिंडरा दोहर गांव में पांच मीटर सड़क उग्रह नारायण के घर के पास बह गई है। रामपुर गांव से पहले करीब चार मीटर सड़क धंस गई है। रामपुर में ही पुलिया क्षतिग्रस्त हो गई है दीवार गिर गई है। ऐसे ही बार्डर के इलाकों में भी सड़कों और रपटों की हालत खस्ता है। इससे क्षेत्रीय लोगों को परेशानी झेलनी पड़ रही है। क्षेत्र के रमेश, रामनरेश, बसंत, बुल्लू, किशुन का कहना है कि नक्सल क्षेत्र में जो भी निर्माण कार्य कराए जाते हैं, उनमें मानकों की अनदेखी की जाती है। ग्रामीणों ने जिलाधिकारी से ध्वस्त रपटै, सड़क, पुलिया का नए सिरे से निर्माण कराने की मांग की है।
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जिले के विभिन्न इलाकों में इस बार हुई बारिश से जहां कई लोगों के मकान गिर गए वहीं सड़कें और रपटे भी बह गए हैं। पहाड़ी और नक्सल क्षेत्रों में बारिश से हुई क्षति को लेकर अधिकारियों ने कोई रुचि नहीं ली जिसका खामियाजा क्षेत्रीय लोगों को भुगतना पड़ रहा है। इस बरसात में अब तक हुई बारिश से कई जगहों पर काफी क्षति हुई है। नगवां ब्लाक के करौंदिया गांव में रमेश जायसवाल के घर के पास करीब दो साल पूर्व ही रपटा बना था। पिछली बारिश में यह रपटा कुछ हद तक खराब हुआ था लेकिन इस बार की बारिश में वह बह गया। इससे लोगों को आने-जाने में परेशानी झेलनी पड़ रही है। दो पहिया वाहन वालों को जुगाड़ से रपटा पार करना पड़ रहा है। इसी तरह पिंडरा दोहर गांव में पांच मीटर सड़क उग्रह नारायण के घर के पास बह गई है। रामपुर गांव से पहले करीब चार मीटर सड़क धंस गई है। रामपुर में ही पुलिया क्षतिग्रस्त हो गई है दीवार गिर गई है। ऐसे ही बार्डर के इलाकों में भी सड़कों और रपटों की हालत खस्ता है। इससे क्षेत्रीय लोगों को परेशानी झेलनी पड़ रही है। क्षेत्र के रमेश, रामनरेश, बसंत, बुल्लू, किशुन का कहना है कि नक्सल क्षेत्र में जो भी निर्माण कार्य कराए जाते हैं, उनमें मानकों की अनदेखी की जाती है। ग्रामीणों ने जिलाधिकारी से ध्वस्त रपटै, सड़क, पुलिया का नए सिरे से निर्माण कराने की मांग की है।
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