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जिले के 167 गांवों में वितरण व्यवस्था चरमराई
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सोनभद्र। जिले में अनाज वितरण प्रणाली व्यवस्था को पारदर्शी बनाने के लिए कोटे की दुकान पर लगाई गई ई-पास मशीनों को जरूरत के अनुसार नेटवर्क नहीं मिल रहा है। तीनों तहसील के 167 गांवों में नेटवर्क न होने के कारण मशीनें पूरी तरह बंद है। इससे यहां पर वितरण प्रणाली व्यवस्था चरमरा गई है। मामला संज्ञान में आने पर जिलापूर्ति अधिकारी राकेश तिवारी ने उच्चाधिकारियों को सूचना भेज दी है।
बतादें कि घटतौली पर अंकुश लगाने के लिए जिले में संचालित 725 वितरण प्रणाली की दूकानों पर बायोमैट्रिक मशीनें लगाई गई है। शहरी क्षेत्रों में 72 एवं ग्रामीण क्षेत्रों में 653 दूकानें है। नक्सल एवं दुरूह क्षेत्रों के बसुहारी, पोखरिया, मड़पा, कजियारी समेत कई गांवों में नेटवर्क न होने के कारण ई-पास मशीनें काम नहीं कर रही है। इस नाते निर्धारित समय सीमा के भीतर कोर्टदार कार्डधारकों को अनाज वितरित नहीं कर पा रहे है। अनाज वितरण न करने की शिकायत अधिकारियों को तक पहुंचने लगी है। इस संबंध में जिला पूर्ति अधिकारी राकेश तिवारी ने कहा कि सभी कोटे की दुकानों पर ई-पास मशीनें लग गई है। शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में अभी तक मशीनों से करीब 55 प्रतिशत वितरण किया जा चुका है। बायोमैट्रिक मशीन से वितरण करने में प्रदेश में 20वें स्थान सोनभद्र है। कहा कि राबर्ट्सगंज, दुद्धी और घोरावल तहसील क्षेत्र के करीब 167 गांवों में नेटवर्क की समस्या के चलते ई-पास मशीनें काम नहीं कर रही है। इसकी जानकारी उच्चाधिकारियों को दे दी गई है। कहा कि उच्चाधिकारियों को अनुमति मिलने के बाद जिन गांवों में मशीनें नहीं चल रही है वहां के कोटेदारों को मैनुवल वितरण करने की अनुमति दी जाएगी, ताकि कार्डधारकों को कोई परेशानी न हा सकें।
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बतादें कि घटतौली पर अंकुश लगाने के लिए जिले में संचालित 725 वितरण प्रणाली की दूकानों पर बायोमैट्रिक मशीनें लगाई गई है। शहरी क्षेत्रों में 72 एवं ग्रामीण क्षेत्रों में 653 दूकानें है। नक्सल एवं दुरूह क्षेत्रों के बसुहारी, पोखरिया, मड़पा, कजियारी समेत कई गांवों में नेटवर्क न होने के कारण ई-पास मशीनें काम नहीं कर रही है। इस नाते निर्धारित समय सीमा के भीतर कोर्टदार कार्डधारकों को अनाज वितरित नहीं कर पा रहे है। अनाज वितरण न करने की शिकायत अधिकारियों को तक पहुंचने लगी है। इस संबंध में जिला पूर्ति अधिकारी राकेश तिवारी ने कहा कि सभी कोटे की दुकानों पर ई-पास मशीनें लग गई है। शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में अभी तक मशीनों से करीब 55 प्रतिशत वितरण किया जा चुका है। बायोमैट्रिक मशीन से वितरण करने में प्रदेश में 20वें स्थान सोनभद्र है। कहा कि राबर्ट्सगंज, दुद्धी और घोरावल तहसील क्षेत्र के करीब 167 गांवों में नेटवर्क की समस्या के चलते ई-पास मशीनें काम नहीं कर रही है। इसकी जानकारी उच्चाधिकारियों को दे दी गई है। कहा कि उच्चाधिकारियों को अनुमति मिलने के बाद जिन गांवों में मशीनें नहीं चल रही है वहां के कोटेदारों को मैनुवल वितरण करने की अनुमति दी जाएगी, ताकि कार्डधारकों को कोई परेशानी न हा सकें।
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