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भक्तों की मनोकामना पूरी करते-करते नाम पड़ गया बरैला

Sun, 05 Aug 2018 12:04 AM IST
Updated Sun, 05 Aug 2018 12:04 AM IST
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भक्तों की मनोकामना पूरी करते-करते नाम पड़ गया बरैला
सोनभद्र। जिला मुख्यालय से महज दो किमी दूर राबट्र्सगंज-घोरावल मार्ग स्थित बरैला महादेव की महिमा अपरंपार है। राजा विक्रमादित्य के काल में स्थापित शिवलिंग के दर्शन-पूजन से भक्तों की पूरी होती मनोकामना ने इस शिवलिंग का बरैला (वर देने वाला) महादेव नामकरण ही कर दिया। एकमुखी शिवलिंग होने के कारण जहां इसका विशेष महत्व बताया जाता है। यहां का शिलालेख भी अबूझ पहेली बना हुआ है। पुरातत्व विभाग के लोग भी इस शिलालेख पर अंकित संवत 700 से ज्यादा कुछ नहीं पढ़ पाए हैं। वहीं श्रावण के आखिरी बुधवार को यहां होता वार्षिक श्रृंगार श्रद्धालुओं को भक्ति में डुबोकर रख देता है। बसंतपंचमी और शिवरात्रि को दर्शन के लिए भारी भीड़ उमड़ती है।
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मान्यता है कि राजा विक्रमादित्य ने स्वयं यहां आकर पूजा-अर्चना की थी। वहीं अज्ञातवास के समय गुप्तेश्वर महादेव जाते समय पांडव भी यहां कुछ देर के लिए ठहरे थे और उन्होंने भगवान शिव का पूुजन-अर्चन कर दुखों को दूर करने की कामना की थी। मौजूदा समय भी मंदिर में स्थापित शिवलिंग कब का है, किसने स्थापित किया, इसको लेकर कोई विशेष जानकारी नहीं है। पांच साल पूर्व लखनऊ से आई पुरातत्व विभाग की टीम ने भी इस शिवलिंग और यहां जारी पूजा-अर्चना को काफी प्राचीन माना है। पीढिय़ों से भगवान भोलेनाथ की पूजा करते आ रहे पुजारी परिवार के देवनाथ (मुख्य पुजारी) बताते हैं कि पुरातत्व विभाग के लोगों ने शिलालेख पर खुदे शब्दों का विश्लेषण कर इस मंदिर का इतिहास विक्रम संवत 700 के समय का या इससे भी पुराना माना था। पूरा लेख वह भी नहीं पढ़ पाए थे। दो साल पूर्व कुछ भक्तों ने ही मौजूदा मंदिर का निर्माण कराया था। वहीं बड़हर राजपरिवार ने तीन सौ वर्ष पूर्व मंदिर के पश्चिमी तरफ स्थित मां शीतला की मूर्ति स्थापित की थी। मान्यता है कि जिस किसी युवक या युवती के विवाह में बाधा आ रही है। वह इस मंदिर में दर्शन-पूजन करे तो उसकी बाधा दूर हो जाती है। वहीं संतान से वंचित, रोग एवं अन्य परेशानियों से पीड़ित व्यक्ति के लिए भी बरैला महादेव का दर्शन काफी लाभप्रद माना जाता है। एकमुखी स्वरूप होने के कारण यहां रूद्राभिषेक का विशेष महत्व माना जाता है। इस कारण विशेष अवसरों पर यहां रूद्राभिषेक के लिए लोगों की उत्सुकता देखते ही बनती है।
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