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रोजगार के लिए भूख हड़ताल पर बैठे बेराजगार
Updated Thu, 05 Apr 2018 12:08 AM IST
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एनसीएल खड़िया में अधिभार (ओबी) हटाने का काम रही निजी कंपनी बीजीआर में क्षेत्रीय व परियोजना प्रभावित बेरोजगारों को रोजगार दिलाने के लिए बुधवार से अनिश्चित कालीन भूख हड़ताल शुरू हो गई। कार्यक्रम की अगुवाई सोनांचल संघर्ष वाहिनी कर रही है।
रोजगार को लेकर सोनांचल संघर्ष वाहिनी के संयोजक रोशन लाल यादव लंबे समय से संघर्ष कर रहे है। कई आश्वासनों व आंदोलनों के बाद भी बेरोजगारों को रोजगार नहीं दिए जाने से नाराज क्षेत्र के लोग बुधवार एनसीएल खड़िया क्षेत्र के महाप्रबंधक कार्यालय के समीप अनिश्चित कालीन भूख हड़ताल शुरू कर दिया। कार्यक्रम के अगुवा रोशन लाल यादव ने बताया कि उनकी मांग आउटसोर्सिंग कंपनी में 80 प्रतिशत क्षेत्रीय बेरोजगारों को रोजगार देने की है। उनका कहना था कि एनसीएल का निदेशक मंडल इस निमित्त साल 2006 में एक आदेश जारी कर स्पष्ट कर चुका है कि कोयला परियोजनाओं में कार्य रही निजी कंपनियों में प्रत्येक दशा में संविदा श्रमिक के रूप में 80 प्रतिशत कोल परियोजना से प्रभावित परिवारों के बेरोजगारों व क्षेत्र के लोगों को नौकरी दी जाएगी, लेकिन एनसीएल में सबकुछ इस आदेश के विपरीत हो रहा है। यादव ने कहा कि अब यह आंदोलन आरपार का होगा। भूख हड़ताल में शामिल होने वालों में प्रमुख रूप से सोसंवा के केंद्रीय प्रधान महासचिव पुष्पेंद्र चौधरी, गुलशन कुमार, विशाल गोंड, विकास कुमार, रामशरण गुप्ता व शीतल प्रसाद सहित काफी संख्या में क्षेत्र के बेरोजगार मौजूद रहे।
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रोजगार को लेकर सोनांचल संघर्ष वाहिनी के संयोजक रोशन लाल यादव लंबे समय से संघर्ष कर रहे है। कई आश्वासनों व आंदोलनों के बाद भी बेरोजगारों को रोजगार नहीं दिए जाने से नाराज क्षेत्र के लोग बुधवार एनसीएल खड़िया क्षेत्र के महाप्रबंधक कार्यालय के समीप अनिश्चित कालीन भूख हड़ताल शुरू कर दिया। कार्यक्रम के अगुवा रोशन लाल यादव ने बताया कि उनकी मांग आउटसोर्सिंग कंपनी में 80 प्रतिशत क्षेत्रीय बेरोजगारों को रोजगार देने की है। उनका कहना था कि एनसीएल का निदेशक मंडल इस निमित्त साल 2006 में एक आदेश जारी कर स्पष्ट कर चुका है कि कोयला परियोजनाओं में कार्य रही निजी कंपनियों में प्रत्येक दशा में संविदा श्रमिक के रूप में 80 प्रतिशत कोल परियोजना से प्रभावित परिवारों के बेरोजगारों व क्षेत्र के लोगों को नौकरी दी जाएगी, लेकिन एनसीएल में सबकुछ इस आदेश के विपरीत हो रहा है। यादव ने कहा कि अब यह आंदोलन आरपार का होगा। भूख हड़ताल में शामिल होने वालों में प्रमुख रूप से सोसंवा के केंद्रीय प्रधान महासचिव पुष्पेंद्र चौधरी, गुलशन कुमार, विशाल गोंड, विकास कुमार, रामशरण गुप्ता व शीतल प्रसाद सहित काफी संख्या में क्षेत्र के बेरोजगार मौजूद रहे।
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