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आदिवासी सम्मेलन की सफलता की बनाई रणनीति
Updated Wed, 03 Jan 2018 11:25 PM IST
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अखिल भारतीय बनवासी कल्याण आश्रम के तत्वाधान में बुधवार को वन विश्राम गृह में बैठक हुई। मकर संक्रांति के पर होने वाले आदिवासी सम्मेलन के बारे में चर्चा की गई।
सह संगठन मंत्री आनंद ने कहा कि दो प्रतिशत आबादी आदिवासियों की है। इनके पिछड़े होने का मुख्य कारण शिक्षा की कमी है। कहा कि कोई भी संगठन समाज की जरुरत पूरा नहीं कर सकता। जिस संगठन का समाज से सरोकार नहीं होगा, वह संगठन किसी काम का नहीं होगा। विभाग संगठन मंत्री ने कहा कि कल्याण आश्रम 39 वर्षों के बनवासी क्षेत्र में काम की वजह से थोड़ा सा आदिवासियों में जागरुकता आई है। बैठक में न्याय पंचायतवार सभी को जिम्मेदारी सौंपी गई। इस दौरान डॉ. लखन राम, बीडी तिवारी, अमरकेश सिंह, धर्मेंद्र सिंह, जीत सिंह खरवार, मोनू जायसवाल, सफेद के अलावा म्योरपुर, किरबिल, आरंगपानी एवं सांगोबांध न्याय पंचायतों से लोग मौजूद रहे।
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सह संगठन मंत्री आनंद ने कहा कि दो प्रतिशत आबादी आदिवासियों की है। इनके पिछड़े होने का मुख्य कारण शिक्षा की कमी है। कहा कि कोई भी संगठन समाज की जरुरत पूरा नहीं कर सकता। जिस संगठन का समाज से सरोकार नहीं होगा, वह संगठन किसी काम का नहीं होगा। विभाग संगठन मंत्री ने कहा कि कल्याण आश्रम 39 वर्षों के बनवासी क्षेत्र में काम की वजह से थोड़ा सा आदिवासियों में जागरुकता आई है। बैठक में न्याय पंचायतवार सभी को जिम्मेदारी सौंपी गई। इस दौरान डॉ. लखन राम, बीडी तिवारी, अमरकेश सिंह, धर्मेंद्र सिंह, जीत सिंह खरवार, मोनू जायसवाल, सफेद के अलावा म्योरपुर, किरबिल, आरंगपानी एवं सांगोबांध न्याय पंचायतों से लोग मौजूद रहे।
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