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अब जिले में दारोगा और सिपाही की मिलेगी ट्रेनिंग
Updated Tue, 27 Jun 2017 10:23 PM IST
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सोनभद्र। अब जिले में भी युवक-युवतियों को दारोगा और सिपाही की ट्रेनिंग दी जाएगी। पुलिस प्रशासन अभ्यर्थियों का चयन करेगा। इसके लिए एसपी आरपी सिंह ने नक्सल एएसपी के नेतृत्व में टीम गठित कर दिया है। पुलिस लाइन चुर्क में कम्यूनिटी पुलिसिंग के तहत चयनित अभ्यर्थियों को नि:शुल्क प्रशिक्षण दिया जाएगा। प्रशिक्षुओं को भोजन और ठहने का भी इंतजाम होगा।
शासन ने पुलिस प्रशासन को दारोगा एवं सिपाही बनने की चाहत रखने वाले युवक-युवतियों को कम्यूनिटी पुलिसिंग के तहत प्रशिक्षण देने का निर्देश दिया है। ताकि यूपी पुलिस की भर्ती में उन्हें नौकरी मिलने का अवसर मिल सकें। जुलाई माह से प्रशिक्षण की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। अपर पुलिस अधीक्षक डॉ. अवधेश सिंह ने बताया कि पुलिस लाइन में कोचिंग के माध्यम से युवक-युवतियों को प्रशिक्षण दिया जाएगा। प्रशिक्षण से पूर्व अभ्यर्थियों के चयन की प्रक्रिया अपनाई जाएगी। प्रशिक्षण के लिए अभ्यर्थियों की लंबाई, शरीर की मोटाई और डिग्री की जांच की जाएगी। योग्य युवक-युवतियों को ही प्रशिक्षण के लिए चयनित किया जाएगा। कोचिंग में प्रशिक्षकों के माध्यम से प्रशिक्षुओं को कितने मिनट में दारोगा व सिपाही पद के लिए दौड़ पूरी करनी होगी, किस स्तर के प्रश्न आएंगे, कितनी ऊंची कूद करनी होगी आदि की जानकारियां दी जाएगी। प्रशिक्षण के दौरान प्रशिक्षुओं को मुफ्त में भोजन, नाश्ता और रहने की व्यवस्था की जाएगी। कहा कि प्रशिक्षण का मुख्य मकसद पुलिस बनने की चाहत रखने वाले युवक-युवतियों की मंशा को पूर्ण कराने में सहयोग करना है। कहा कि प्रशिक्षण के लिए कुछ बच्चों का इंटरव्यू की फार्मेल्टी पूरी की गई और जल्द ही और लोगों का किया जाएगा।
शासन ने पुलिस प्रशासन को दारोगा एवं सिपाही बनने की चाहत रखने वाले युवक-युवतियों को कम्यूनिटी पुलिसिंग के तहत प्रशिक्षण देने का निर्देश दिया है। ताकि यूपी पुलिस की भर्ती में उन्हें नौकरी मिलने का अवसर मिल सकें। जुलाई माह से प्रशिक्षण की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। अपर पुलिस अधीक्षक डॉ. अवधेश सिंह ने बताया कि पुलिस लाइन में कोचिंग के माध्यम से युवक-युवतियों को प्रशिक्षण दिया जाएगा। प्रशिक्षण से पूर्व अभ्यर्थियों के चयन की प्रक्रिया अपनाई जाएगी। प्रशिक्षण के लिए अभ्यर्थियों की लंबाई, शरीर की मोटाई और डिग्री की जांच की जाएगी। योग्य युवक-युवतियों को ही प्रशिक्षण के लिए चयनित किया जाएगा। कोचिंग में प्रशिक्षकों के माध्यम से प्रशिक्षुओं को कितने मिनट में दारोगा व सिपाही पद के लिए दौड़ पूरी करनी होगी, किस स्तर के प्रश्न आएंगे, कितनी ऊंची कूद करनी होगी आदि की जानकारियां दी जाएगी। प्रशिक्षण के दौरान प्रशिक्षुओं को मुफ्त में भोजन, नाश्ता और रहने की व्यवस्था की जाएगी। कहा कि प्रशिक्षण का मुख्य मकसद पुलिस बनने की चाहत रखने वाले युवक-युवतियों की मंशा को पूर्ण कराने में सहयोग करना है। कहा कि प्रशिक्षण के लिए कुछ बच्चों का इंटरव्यू की फार्मेल्टी पूरी की गई और जल्द ही और लोगों का किया जाएगा।
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