{"_id":"619157e442afb85cd6382774","slug":"weighing-stalled-in-jawaharpur-sugar-mill-sitapur-news-lko6044450197","type":"story","status":"publish","title_hn":"जवाहरपुर चीनी मिल में तौल ठप","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
जवाहरपुर चीनी मिल में तौल ठप
विज्ञापन
जवाहरपुर शुगर मिल के पास तौल के इंतजार में खड़ीं गन्ना लदी ट्रैक्टर-ट्रॉलियां। । - संवाद
- फोटो : SITAPUR
सीतापुर। अधूरी तैयारियों के साथ चालू जवाहरपुर चीनी मिल की व्यवस्थाएं चौथे दिन ही धड़ाम हो गईं। मिल ने गन्ना तौल ठप कर दी है। किसान अब खुले आसमान के नीचे सर्द रातें गुजारने को मजबूर हैं। रविवार को मिल के एक और फरमान ने किसानों की मुसीबतें बढ़ा दीं। जिम्मेदारों ने गन्ना किसानों के मोबाइल पर मैसेज भेजकर फिलहाल गन्ना नहीं लाने का फरमान जारी किया। गन्ना बेचने आए किसानों की ट्रैक्टर-ट्रॉलियां मिल के दोनों ओर डेढ़-डेढ़ किमी. तक लग गई हैं। जाम से आवागमन में भी समस्याएं आ रही है। किसानों का कहना है कि जाम लगातार बढ़ रहा है। तौल नहीं हो रही है।
किसानों का हाल इन दिनों बहुत बुरा है। वे कहीं डीएपी, एनपीके की खाद पाने के लिए जंग लड़ रहे हैं तो कहीं धान बेचने में उन्हें एड़ी से चोटी का जोर लगाना पड़ रहा है। ऐसे में पहले से ही कई समस्याओं से जूझ रहे किसानों के सामने जवाहरपुर चीनी मिल की अव्यवस्थाओं ने और बड़ा संकट खड़ा कर दिया है। मिल को चालू करने से पहले यहां के प्रशासन ने बड़े-बड़े दावों के साथ किसानों को सुविधाएं देने का बखान किया था।
तैयारियों के साथ मिल को चालू करने का दावा किया था, लेकिन सारे दावों की पोल मिल चालू होने के चौथे दिन ही खुल गई। रविवार को चौथा दिन था। सुबह करीब 09:28 बजे किसानों के मोबाइल पर मिल की ओर से मैसेज भेजा गया कि मिल में जाम लगा होने के कारण 14 नवंबर को किसानों को जारी की गईं सभी गन्ना पर्चियों की तारीख अब 16 नवंबर तक के लिए बढ़ा दी गई है।
विज्ञापन
यह मैसेज पढ़ते ही किसानों के होश उड़ गए। वह परेशान हो उठे। सबसे अधिक परेशानी उन किसानों को हुई, जिन्होंने गन्ना तैयार करवाने के बाद उसे ट्रॉली में भरवा लिया था। अब जिम्मेदार तकनीकी खामी की वजह बताकर जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ रहे हैं।
जवाहरपुर चीनी मिल के जीएम टीएन सिंह हैं। व्यवस्थाओं की जिम्मेदारी उनके कंधों पर है। मिल की समस्याओं को लेकर कई बार कॉल की गई पर उन्होंने रिसीव नहीं किया। जवाहपुर चीनी मिल के मीडिया प्रभारी सुधीर सिंह जीएम का बचाव करते नजर आए। बोले, हो सकता है कि नंबर न सेव हो। मैं बात कर लूंगा।
ट्रॉली पर लद गया गन्ना
ऐलिया ब्लॉक के गड़रियनुपरवा निवासी किसान मंगरेलाल के मोबाइल पर रविवार सुबह जवाहरपुर चीनी मिल की ओर से मैसेज भेजा गया कि मिल में जाम लगा है। इस वजह से 14 नवंबर की जारी हुई पर्ची पर उस तारीख में तौल नहीं होगी। तौल की तारीख बढ़ाकर 16 नवंबर कर दी गई है। अब तौल 16 को होगी। मैसेज देखकर मंगरेलाल परेशान हो उठे। उन्होंने ट्रैक्टर-ट्रॉली बुक कर ली थी। गन्ना भी लद चुका था।
अव्यवस्था से हुए परेशान
इंदरौली गांव के किसान अनुज वर्मा के मोबाइल पर 11 नवंबर को मैसेज आया था कि 14 तारीख में मिल में गन्ना तौल के लिए पर्ची जारी की गई है। उन्होंने गन्ना तैयार करवा लिया था। 14 को ही ले जाना था, लेकिन सुबह-सुबह मैसेज देखकर वह भी परेशान हो गए। इस अव्यवस्था के लिए उन्होंने मिल प्रशासन और वहां के अधिकारियों को जिम्मेदार ठहराया है।
पर्ची की तारीख बढ़ाने से आईं कई समस्याएं
जवाहरपुर चीनी मिल की ओर से दो दिन के लिए पर्ची की तारीख बढ़ाने की वजह से किसानों के सामने कई तरह की समस्याएं आ गई है। एक तो उन किसानों को दिक्कतें हुईं, जिन्होंने गन्ना ट्रॉली पर लदवा लिया था। अब ट्रॉली के मालिक कह रहे हैं कि 16 को गन्ना जाएगा तो 17 या 18 तक ही वापसी हो पाएगी।
ऐसे में 14 से 18 नवंबर तक उनकी ट्रॉली फंसी रहेगी। उनके और भी काम है। वह गन्ना ट्रॉली से उतरवाने के लिए कह रहे हैं। अब किसान अगर गन्ना फिर से उतरवाए तो भरवाने के लिए दोबारा मजदूर करें। मसलन, दोगुना पैसा देना पड़ेगा। यह प्रकिया दो बार करनी पड़ेगी। दूसरा अब बिना ठेके के गन्ना छिल नहीं पा रहा है। ऐसे में किसान ठेके वालों के पास जाकर दो दिन बाद गन्ना तैयार करने की मन्नतें कर रहा है। ठेकेवाला मान नहीं रहा है। उनका कहना है कि उनके पास समय नहीं है।
...कब आएगा तौल का नंबर
किसान सुंदरलाल ने बताया कि शनिवार से ट्रॉली लेकर खड़ा हूं। इतनी लंबा जाम है कि पता नहीं कि गन्ना तौल का नंबर कब आएगा। मिल में कोई बताने और सुनने वाला तक नहीं है। महेश प्रताप ने बताया कि शनिवार से जाम में फंसा हूं। 24 घंटे से अधिक का समय हो गया है। सर्द रातों में खुले आसमान के नीचे रह रहा हूं। न कोई व्यवस्थाएं हैं और न ही कोई सुन रहा। रामशंकर का कहना है कि मिल चार घंटे चलती है तो छह घंटे बिगड़ी रहती है। यह पता होता तो आता ही नहीं। औने पौने दाम में गन्ना बेच देता।
विज्ञापन
किसानों का हाल इन दिनों बहुत बुरा है। वे कहीं डीएपी, एनपीके की खाद पाने के लिए जंग लड़ रहे हैं तो कहीं धान बेचने में उन्हें एड़ी से चोटी का जोर लगाना पड़ रहा है। ऐसे में पहले से ही कई समस्याओं से जूझ रहे किसानों के सामने जवाहरपुर चीनी मिल की अव्यवस्थाओं ने और बड़ा संकट खड़ा कर दिया है। मिल को चालू करने से पहले यहां के प्रशासन ने बड़े-बड़े दावों के साथ किसानों को सुविधाएं देने का बखान किया था।
विज्ञापन
तैयारियों के साथ मिल को चालू करने का दावा किया था, लेकिन सारे दावों की पोल मिल चालू होने के चौथे दिन ही खुल गई। रविवार को चौथा दिन था। सुबह करीब 09:28 बजे किसानों के मोबाइल पर मिल की ओर से मैसेज भेजा गया कि मिल में जाम लगा होने के कारण 14 नवंबर को किसानों को जारी की गईं सभी गन्ना पर्चियों की तारीख अब 16 नवंबर तक के लिए बढ़ा दी गई है।
विज्ञापन
यह मैसेज पढ़ते ही किसानों के होश उड़ गए। वह परेशान हो उठे। सबसे अधिक परेशानी उन किसानों को हुई, जिन्होंने गन्ना तैयार करवाने के बाद उसे ट्रॉली में भरवा लिया था। अब जिम्मेदार तकनीकी खामी की वजह बताकर जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ रहे हैं।
जवाहरपुर चीनी मिल के जीएम टीएन सिंह हैं। व्यवस्थाओं की जिम्मेदारी उनके कंधों पर है। मिल की समस्याओं को लेकर कई बार कॉल की गई पर उन्होंने रिसीव नहीं किया। जवाहपुर चीनी मिल के मीडिया प्रभारी सुधीर सिंह जीएम का बचाव करते नजर आए। बोले, हो सकता है कि नंबर न सेव हो। मैं बात कर लूंगा।
ट्रॉली पर लद गया गन्ना
ऐलिया ब्लॉक के गड़रियनुपरवा निवासी किसान मंगरेलाल के मोबाइल पर रविवार सुबह जवाहरपुर चीनी मिल की ओर से मैसेज भेजा गया कि मिल में जाम लगा है। इस वजह से 14 नवंबर की जारी हुई पर्ची पर उस तारीख में तौल नहीं होगी। तौल की तारीख बढ़ाकर 16 नवंबर कर दी गई है। अब तौल 16 को होगी। मैसेज देखकर मंगरेलाल परेशान हो उठे। उन्होंने ट्रैक्टर-ट्रॉली बुक कर ली थी। गन्ना भी लद चुका था।
अव्यवस्था से हुए परेशान
इंदरौली गांव के किसान अनुज वर्मा के मोबाइल पर 11 नवंबर को मैसेज आया था कि 14 तारीख में मिल में गन्ना तौल के लिए पर्ची जारी की गई है। उन्होंने गन्ना तैयार करवा लिया था। 14 को ही ले जाना था, लेकिन सुबह-सुबह मैसेज देखकर वह भी परेशान हो गए। इस अव्यवस्था के लिए उन्होंने मिल प्रशासन और वहां के अधिकारियों को जिम्मेदार ठहराया है।
पर्ची की तारीख बढ़ाने से आईं कई समस्याएं
जवाहरपुर चीनी मिल की ओर से दो दिन के लिए पर्ची की तारीख बढ़ाने की वजह से किसानों के सामने कई तरह की समस्याएं आ गई है। एक तो उन किसानों को दिक्कतें हुईं, जिन्होंने गन्ना ट्रॉली पर लदवा लिया था। अब ट्रॉली के मालिक कह रहे हैं कि 16 को गन्ना जाएगा तो 17 या 18 तक ही वापसी हो पाएगी।
ऐसे में 14 से 18 नवंबर तक उनकी ट्रॉली फंसी रहेगी। उनके और भी काम है। वह गन्ना ट्रॉली से उतरवाने के लिए कह रहे हैं। अब किसान अगर गन्ना फिर से उतरवाए तो भरवाने के लिए दोबारा मजदूर करें। मसलन, दोगुना पैसा देना पड़ेगा। यह प्रकिया दो बार करनी पड़ेगी। दूसरा अब बिना ठेके के गन्ना छिल नहीं पा रहा है। ऐसे में किसान ठेके वालों के पास जाकर दो दिन बाद गन्ना तैयार करने की मन्नतें कर रहा है। ठेकेवाला मान नहीं रहा है। उनका कहना है कि उनके पास समय नहीं है।
...कब आएगा तौल का नंबर
किसान सुंदरलाल ने बताया कि शनिवार से ट्रॉली लेकर खड़ा हूं। इतनी लंबा जाम है कि पता नहीं कि गन्ना तौल का नंबर कब आएगा। मिल में कोई बताने और सुनने वाला तक नहीं है। महेश प्रताप ने बताया कि शनिवार से जाम में फंसा हूं। 24 घंटे से अधिक का समय हो गया है। सर्द रातों में खुले आसमान के नीचे रह रहा हूं। न कोई व्यवस्थाएं हैं और न ही कोई सुन रहा। रामशंकर का कहना है कि मिल चार घंटे चलती है तो छह घंटे बिगड़ी रहती है। यह पता होता तो आता ही नहीं। औने पौने दाम में गन्ना बेच देता।