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Sitapur News: लेनदेन के विवाद में चाचा ने की थी भतीजे की हत्या

Mon, 12 Aug 2024 12:06 AM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सीतापुर
संवाद न्यूज एजेंसी, सीतापुर Updated Mon, 12 Aug 2024 12:06 AM IST
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Uncle killed nephew over transaction dispute
सीतापुर। अटरिया थाना क्षेत्र में नाले में मिले युवक के शव के मामले का रविवार को पुलिस ने खुलासा कर दिया। पुलिस के मुताबिक युवक के चाचा ने ही पैसे के लेनदेन के विवाद में अपने भतीजे की हत्या की थी। इस हत्याकांड में आरोपी के पुत्र भी शामिल थे। पुलिस ने पांच आरोपियों को जेल भेज दिया है। वारदात के खुलासे में मृत युवक के मोबाइल से मदद मिली।
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दो अगस्त को एक अज्ञात व्यक्ति का शव देवीपुर के पास सड़क के किनारे नाले में पड़ा मिला था। उसकी पहचान खैराबाद के गांव गौरिया निवासी शंखनाद तिवारी उर्फ गुल्ली के रूप में हुई थी। शंखनाथ काफी समय पहले लखनऊ में रहकर बालू-मौरंग बेचता था। पुलिस ने जांच के बाद लखनऊ के मड़ियांव थाना क्षेत्र के प्लाट नंबर पांच जुगल विहार काॅलोनी, फैजुल्लागंज निवासी शंखनाथ के चाचा मुक्तेश्वर तिवारी को गिरफ्तार कर लिया। साथ ही उसके पुत्र गौरव, आयुष और वैभव के साथ केशवनगर निवासी शिवेंद्र प्रताप सिंह को भी पकड़ लिया।
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पूछताछ में खुलासा हुआ कि आरोपियों का शंखनाथ से रुपयों के लेनदेन को लेकर विवाद था। पैसे वापस न करने पर शंखनाथ ने धमकी दी थी। इससे क्षुब्ध होकर मुक्तेश्वर उर्फ मुनान व उसके पुत्र वैभव तिवारी ने शंखनाथ को मौरंग डलवाने के बहाने बुलाकर अपनी गाड़ी में जबरन बैठा लिया।
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इसके बाद देवीपुर गांव पहुंचकर बड़ी बगिया में ईंटों से सिर कूंचकर हत्या कर दी। मामले को हादसा का रूप देने के लिए आरोपियों ने शव को नाले में फेंक दिया। एएसपी दक्षिणी डॉक्टर प्रवीण रंजन सिंह ने बताया कि आरोपियों के पास से चार मोबाइल, दो कारें बरामद हुईं हैं। पांचों को जेल भेज दिया गया है।

मोबाइल ने खोला राज
एसओ रोहित दुबे ने बताया कि मामला पहले दिन से संदिग्ध था। घटना काे एक्सीडेंट का रूप देने का प्रयास किया गया था। पुलिस ने जब शंखनाथ के मोबाइल की जांच की तो उसमें आखिरी बार एक ही नंबर से चार बार कॉल आईं थीं। इसके बाद से यह नंबर बंद था। इससे पुलिस का शक यकीन में बदल गया। पुलिस टीम ने जब बंद नंबर की सीडीआर खंगाली तो कई परतें खुल गईं।

पूछताछ में चाचा करता रहा आनाकानी
पुलिस के मुताबिक जब आरोपियों को हिरासत में लिया गया तो आरोपी चाचा पूरे मामले को घुमाकर आनाकानी करता रहा। लेकिन उसके उसके पुत्र और उसके दोस्त शिवेंद्र ने हत्या किए जाने की बात कबूल की। बाद में जब चाचा को पुलिस ने साक्ष्य दिखाए तो उसने ने भी अपना जुल्म मान लिया। हालांकि कितने रुपयों को लेकर विवाद था। यह बात आरोपियों ने अभी नहीं बताई है।


इटौंजा टोल प्लाजा के कैमरे में कैद हुईं कारें
जांच में पुलिस ने जिन कारों को आरोपियों के पास से बरामद किया गया है। उन कारों से ही आरोपियों ने आकर घटना को अंजाम दिया था। इन कारों की फुटेज और आरोपियों की फुटेज इटौंजा पर लगे टोल प्लाजा में कैद हो गईं। पुलिस ने जब घटना की रात की फुटेज देखी तो इन कारों में आरोपी बैठे हुए दिखाई दिए थे।
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