फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Sitapur News ›   Ultrasound investigation stalled, patients kept wandering

अल्ट्रासाउंड की जांच ठप, भटकते रहे मरीज

Thu, 04 Aug 2022 12:09 AM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Thu, 04 Aug 2022 12:09 AM IST
विज्ञापन
Ultrasound investigation stalled, patients kept wandering
जिला अस्पताल में पर्चा बनवाने के लिए कतार में खड़े मरीज व तीमारदार। -संवाद - फोटो : SITAPUR
सीतापुर। जिले में स्वास्थ्य सेवाएं बदहाल हैं। जिला अस्पताल व जिला महिला अस्पताल की अल्ट्रासाउंड सुविधा में सुधार नहीं हुआ है। बुधवार को दोनों जगहों पर जांच ठप रही। इसकी वजह से सौ से अधिक मरीज बिना जांच कराए ही लौट गए। सबसे अधिक दिक्कत महिला अस्पताल में हुई। वहां पर गर्भवती को बाहर से जांच करवाने के लिए करीब सात सौ रुपये का अतिरिक्त खर्च करने पड़े। इससे मरीज दोनों अस्पतालों के चक्कर काटते रहे।
विज्ञापन

जिला महिला अस्पताल में दो साल से चिकित्सक न होने से अल्ट्रासाउंड की सुविधा बंद चल रही थी। इस अस्पताल के मरीज जिला अस्पताल में जाकर जांच करवाते थे। हाल में राज्य महिला आयोग की सदस्य सुनीता बंसल ने जब जिला महिला अस्पताल का निरीक्षण किया था तो उन्हें महिलाओं ने जांच न मिलने की बात कही थी। इस पर सुनीता बंसल ने डीएम से चिकित्सक नियुक्ति करने की बात कही थी। हाल में जिला अस्पताल में एक सोनोलॉजिस्ट ट्रांसफर होकर आ गए है।
विज्ञापन

डीएम के निर्देश पर जिला अस्पताल के सीएमएस ने अल्ट्रासाउंड में तैनात दोनों डॉक्टरों को तीन-तीन दिन जिला महिला अस्पताल में अटैच कर दिया था। जिससे दोनों अस्पतालों में जांच होती रहे। बुधवार को दोनों अस्पतालों में अल्ट्रासाउंड जांच की सुविधा बंद रही। जिला महिला अस्पताल में अल्ट्रासाउंड कक्ष के बाहर बैठी महिलाएं जांच का इंतजार ही करती रही। जिला अस्पताल में सुबह केवल एक घंटे मरीजों की जांच की गई। उसके बाद डॉक्टर साहब कोर्ट जाने की बात कहकर निकल गए।
विज्ञापन
विज्ञापन

11 बजे के बाद दोनों अस्पतालों में मरीज जांच होने का इंतजार करते रहे। इससे करीब 100 से अधिक मरीज बिना जांच के लौट गए। जिला अस्पताल आई गर्भवती व इमरजेंसी के मरीजों ने बाहर से जांच करवाई। रोशनी ने बताया कि जिला महिला अस्पताल में दिखाने आई थी। चिकित्सक ने अल्ट्रासाउंड जांच करवाने की बात कही। अल्ट्रासाउंड केंद्र बंद है।
मजबूरी में बाहर से जांच करवानी पड़ रही है। पूजा ने बताया कि जिला महिला अस्पताल में दो साल से जांच बंद चल रही है। अब उम्मीद थी कि चिकित्सक आने से आराम से जांच हो सकेगी। लेकिन डीएम के निर्देश के बावजूद यहां पर जांच शुरू नहीं हो पा रही है।
बाहर जाने की वजह से आई दिक्कत
जिला अस्पताल में अल्ट्रासाउंड करने के लिए दो चिकित्सक हैं। दोनों चिकित्सकों की ड्यूटी रोस्टरवार जिला महिला अस्पताल में लगाई गई है। बुधवार को डॉक्टर के बाहर जाने से जांचें प्रभावित हुई हैं।
- डॉ. आरके सिंह, सीएमएस, जिला अस्पताल
मौके पर दगा दे जाते है जनरेटर
जिला व महिला अस्पताल को 24 घंटे बिजली सप्लाई होती है। इसके लिए पावर कॉर्पोरेशन की अलग से लाइन बिछाई है। इमरजेंसी के समय जनरेटर की सुविधा भी है। कई मौके पर यह जनरेटर भी दगा दे जाते है। करीब एक माह पहले जिला अस्पताल की लाइन में फॉल्ट आ गई थी। उसके बाद जनरेटर चलाया गया था। लेकिन जनरेटर भी कुछ देर तक चलने के बाद खराब हो गया था।

इससे करीब दो घंटे तक अस्पताल की बिजली गुल रही थी। इसी तरह कई बार अस्पताल के कर्मी जनरेटर चलाने में भी कंजूसी बरतते है। बिजली जाने के बाद वह पंखा व लाइट इंवर्टर से काम चला लेते है। इससे जांचें प्रभावित होती है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed