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डॉक्टरों के तबादले ने बढ़ाया मरीजों का दर्द

Wed, 06 Jul 2022 11:33 PM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Wed, 06 Jul 2022 11:33 PM IST
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Transfer of doctors increased the pain of patients
जिला अस्पताल में अल्ट्रासाउंड कक्ष के बाहर लाइन में खड़े मरीज व तीमारदार। - संवाद - फोटो : SITAPUR
सीतापुर। जिला अस्पताल के साथ ही सीएचसी व पीएचसी की स्वास्थ्य सेवाएं भी बेपटरी हो गई है। चिकित्सकों की ट्रांसफर पॉलिसी में अनियमितता बरती गई है। जिले से 28 चिकित्सकों के गैर जनपद ट्रांसफर कर दिए गए है। जबकि इनके मुकाबले महज तीन चिकित्सकों ने जिले में जॉइनिंग दी है। ऐसे में मरीजों को इलाज कराने में दिक्कतें होना शुरू हो गईं हैं।
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स्वास्थ्य विभाग में जून में बड़े पैमाने पर सीएचसी व पीएचसी पर तैनात चिकित्सकों के ट्रांसफर कर दिए गए है। चिकित्सकों का कहना है कि इस ट्रांसफर पॉलिसी में बहुत गड़बड़ी की गई है। मानकों का ख्याल नहीं रखा गया है। जिले से इस बार 28 चिकित्सकों के गैर जनपद स्थानांतरण कर दिए गए है। जिसमें कई चिकित्सकों को कार्यमुक्त कर दिया गया है तो कई कार्यमुक्त होने की प्रक्रिया में चल रहे हैं। ट्रांसफर के बाद से ये डॉक्टर सीएचसी व पीएचसी पर इलाज करने नहीं जा रहे है। ऐसे में चिकित्सकों के अभाव में मरीज लौट रहे है।
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ट्रांसफर के बाद केवल गैर जनपद से तीन चिकित्सक आए है। इतने कम चिकित्सक आने से जिले की स्वास्थ्य सेवाएं बेपटरी हो गई है। इससे मरीजों को सरकारी अस्पतालों में इलाज मिलना मुश्किल हो रहा है। कई जगहों पर केवल एक ही चिकित्सक के सहारे सेवाएं चल रही हैं।
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मानकों का नहीं रखा गया ख्याल
सीएचसी अधीक्षकों का कहना है कि ट्रांसफर में मानकों का ख्याल नहीं रखा गया है। कई चिकित्सकों की मेडिकल समस्या सही थी फिर भी ट्रांसफर कर दिया गया है। पति व पत्नी की तैनाती एक ही जनपद में होनी चाहिए। लेकिन इसका भी ख्याल नहीं रखा गया है। पति व पत्नी का अलग-अलग ट्रांसफर कर दिया गया है। कई चिकित्सक जिले में लंबे समय से तैनात थे। उनका ट्रांसफर न करके कम समय की तैनाती वाले चिकित्सकों का ट्रांसफर कर दिया गया।
सीएचसी सांडा में सिर्फ एक डॉक्टर
सीएचसी सांडा में सिर्फ एक ही डॉक्टर है। इस केंद्र से पांच प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र संचालित होते है। सिर्फ एक ही पीएचसी पर डॉक्टर की तैनाती है। अब यहां से एक चिकित्सक का ट्रांसफर हो गया है। इसकी वजह से न तो समय से सीएचसी और न ही पीएचसी पर मरीजों को इलाज मिल पा रहा है।
नये चिकित्सकों के न आने से समस्या
सीएचसी तंबौर में दो चिकित्सक हैं। मछरेहटा में सिर्फ एक डॉक्टर है। गोंदलामऊ सीएचसी से एक महिला चिकित्सक का ट्रांसफर हो गया है। इससे यहां पर आने वाले मरीजों को इलाज कराने में दिक्कतें आ रही है। पुराने चिकित्सक के ट्रांसफर होने व नये चिकित्सक के न आने से दिक्कत हो रही है। सीएचसी कसमंडा में दो चिकित्सक हैं। जबकि यहां पर रोजाना 100 से अधिक मरीज आते हैं। ऐसे में यहां पर आने वाले मरीजों को चिकित्सक के अभाव में समय पर इलाज मिलना बहुत मुश्किल हो रहा है। चिकित्सकों पर मरीज देखने का अधिक भार पड़ रहा है।

जिले से 28 चिकित्सक गैर जनपद चले गए है। 17 चिकित्सक मिले है। अभी तक केवल तीन ही चिकित्सकों ने जॉइनिंग दी है। फिर भी मौजूदा चिकित्सकों से बेहतर इलाज दिया जा रहा है।
- डॉ. मधु गैरोला, सीएमओ
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