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Sitapur News: बैंकों में हड़ताल से 350 करोड़ का लेनदेन हुआ प्रभावित
Thu, 12 Feb 2026 08:51 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सीतापुर
संवाद न्यूज एजेंसी, सीतापुर
Updated Thu, 12 Feb 2026 08:51 PM IST
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प्रदर्शन करते बैंक कर्मचारी।
सीतापुर। केंद्रीय श्रमिक संगठनों के आह्वान पर बृहस्पतिवार को बैंक कर्मचारी एक दिवसीय हड़ताल पर रहे। इंडियन बैंक जोनल ऑफिस परिसर में इकट्ठा होकर कर्मचारियों ने श्रम कानूनों में किए गए बदलावों के विरोध में प्रदर्शन किया। बैंक हड़ताल में इंडियन बैंक, पंजाब नेशनल बैंक सहित अन्य बैंक के कर्मचारी मौजूद रहे।
सीतापुर इकाई इंडियन बैंक अम्प्लाइज यूनियन के जिला सचिव अंकुर गुप्ता ने बताया कि श्रम कानूनों में किए गए बदलावों से कर्मचारियों के अधिकारों पर नकारात्मक प्रभाव पड़ रहा है और यह ट्रेड यूनियन व्यवस्था को कमजोर करने का प्रयास है। इस हड़ताल के चलते बृहस्पतिवार को पूरे जिले में लगभग 350 करोड़ रुपये का लेनदेन प्रभावित रहा।
बैंक कर्मचारियों की मांग है कि केंद्रीय सरकार द्वारा लागू नई श्रम संहिताएं और बैंकों का निजीकरण बंद हो। इसके साथ ही पर्याप्त भर्तियां की जाएं। आउटसोर्सिंग व ठेका प्रथा को बंद करना चाहिए। कॉरपोरेट्स से बकाया व डूबे कर्ज की वसूली के लिए कड़े कदम उठाएं। प्रदर्शन के दौरान संतोष कुमार सिंह, सुनील कुमार, अंगद सिंह, पवन, विजय, राकेश, रामखेलावन, प्रमिला, शेफाली, अभिषेक, संतोष, रामगोपाल, मुनेंद्र सिंह, राकेश यादव व राजाराम सहित अन्य उपस्थित रहे।
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सीतापुर इकाई इंडियन बैंक अम्प्लाइज यूनियन के जिला सचिव अंकुर गुप्ता ने बताया कि श्रम कानूनों में किए गए बदलावों से कर्मचारियों के अधिकारों पर नकारात्मक प्रभाव पड़ रहा है और यह ट्रेड यूनियन व्यवस्था को कमजोर करने का प्रयास है। इस हड़ताल के चलते बृहस्पतिवार को पूरे जिले में लगभग 350 करोड़ रुपये का लेनदेन प्रभावित रहा।
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बैंक कर्मचारियों की मांग है कि केंद्रीय सरकार द्वारा लागू नई श्रम संहिताएं और बैंकों का निजीकरण बंद हो। इसके साथ ही पर्याप्त भर्तियां की जाएं। आउटसोर्सिंग व ठेका प्रथा को बंद करना चाहिए। कॉरपोरेट्स से बकाया व डूबे कर्ज की वसूली के लिए कड़े कदम उठाएं। प्रदर्शन के दौरान संतोष कुमार सिंह, सुनील कुमार, अंगद सिंह, पवन, विजय, राकेश, रामखेलावन, प्रमिला, शेफाली, अभिषेक, संतोष, रामगोपाल, मुनेंद्र सिंह, राकेश यादव व राजाराम सहित अन्य उपस्थित रहे।
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