{"_id":"690a48feb83b1489f50ecba4","slug":"trained-krishi-sakhi-is-planting-bluecorn-nursery-sitapur-news-c-102-1-slko1037-143520-2025-11-05","type":"story","status":"publish","title_hn":"Sitapur News: प्रशिक्षण प्राप्त कृषि सखी लगा रहीं ब्लूकॉर्न की नर्सरी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Sitapur News: प्रशिक्षण प्राप्त कृषि सखी लगा रहीं ब्लूकॉर्न की नर्सरी
Wed, 05 Nov 2025 12:12 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सीतापुर
संवाद न्यूज एजेंसी, सीतापुर
Updated Wed, 05 Nov 2025 12:12 AM IST
विज्ञापन
सीतापुर। जिले में ब्लू कॉर्न की खेती के लिए प्रशिक्षित महिलाएं इसकी नर्सरी तैयार करने में जुटी हैं। इन महिलाओं ने केवीके कटिया से ब्लूकॉर्न की खेती करने का प्रशिक्षण लिया है। प्रशिक्षण प्राप्त करने के बाद अब यह कृषि सखी अपने गांव में रोल मॉडल बनी हैं। यह महिलाएं खुद तो ब्लूकॉर्न की नर्सरी तैयार कर ही रही हैं, साथ ही अन्य महिलाओं को भी इसके लिए प्रेरित कर स्वावलंबी बनाने की कोशिश में जुटी हैं। इस काम में जिले का बिसवां ब्लॉक सबसे अग्रणी बना है।
बिसवां ब्लॉक के भिनैनी गांव निवासी कृषि सखी सीता देवी एक स्वयं सहायता समूह की सदस्य है। उन्होंने केवीके कटिया से ब्लूकॉर्न की खेती का प्रशिक्षण लिया है। उन्होंने केवीके से प्रशिक्षण लेकर कमुआ गांव निवासी प्रगतिशील किसान अशोक गुप्ता के सहयोग से ब्लूकॉर्न की नर्सरी लगाई है। सीता देवी ने बताया कि 25 दिनों में नर्सरी तैयार हो जाएगी। इसके बाद इसे खेत में बोया जाएगा। । उन्होंने बताया कि इसमें फूल आने पर इसे तोड़ा जाएगा और सुखाया जाएगा। इन फूलों को बिसवां एग्रो प्रोसेसिंग कंपनी के माध्यम से बेचा जाएगा।
उन्हें फसल तैयार होने पर इसकी अधिक कीमत मिलने की उम्मीद है। भरोसा जताया कि इससे गांव की महिलाओं काे भी रोजगार के बेहतर अवसर मुहैया हो सकेंगे। वह पढ़ाई के साथ ही किसानों की सेहत सुधारने की दिशा में भी काम कर रही हैं। इसके लिए वह किसानों को गो आधारित खेती करने के लिए प्रेरित कर रही हैं। इसके लिए वह गांव-गांव जाकर बैठकें कर किसानों व महिलाओं को जैविक पोषण वाटिका की स्थापना के बारे में जागरूक भी करती हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
बिसवां ब्लॉक के भिनैनी गांव निवासी कृषि सखी सीता देवी एक स्वयं सहायता समूह की सदस्य है। उन्होंने केवीके कटिया से ब्लूकॉर्न की खेती का प्रशिक्षण लिया है। उन्होंने केवीके से प्रशिक्षण लेकर कमुआ गांव निवासी प्रगतिशील किसान अशोक गुप्ता के सहयोग से ब्लूकॉर्न की नर्सरी लगाई है। सीता देवी ने बताया कि 25 दिनों में नर्सरी तैयार हो जाएगी। इसके बाद इसे खेत में बोया जाएगा। । उन्होंने बताया कि इसमें फूल आने पर इसे तोड़ा जाएगा और सुखाया जाएगा। इन फूलों को बिसवां एग्रो प्रोसेसिंग कंपनी के माध्यम से बेचा जाएगा।
विज्ञापन
उन्हें फसल तैयार होने पर इसकी अधिक कीमत मिलने की उम्मीद है। भरोसा जताया कि इससे गांव की महिलाओं काे भी रोजगार के बेहतर अवसर मुहैया हो सकेंगे। वह पढ़ाई के साथ ही किसानों की सेहत सुधारने की दिशा में भी काम कर रही हैं। इसके लिए वह किसानों को गो आधारित खेती करने के लिए प्रेरित कर रही हैं। इसके लिए वह गांव-गांव जाकर बैठकें कर किसानों व महिलाओं को जैविक पोषण वाटिका की स्थापना के बारे में जागरूक भी करती हैं।
विज्ञापन