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Sitapur News: सीतापुर के बिशुनपुर में लगातार चौथे दिन मिले बाघ के पगचिह्न

Wed, 19 Feb 2025 12:01 AM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Wed, 19 Feb 2025 12:01 AM IST
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Tiger footprints found in Bishunpur, Sitapur for the fourth consecutive day
बाघ के पगचिह्नों की जांच करते वनकर्मी।
इमलिया सुल्तानपुर (सीतापुर)। बाघ ने चार दिन से बिशुनपुर के आसपास ठिकाना बना रखा है। करीब 200 मीटर के दायरे में चार दिन से रोजाना उसके नए पगचिह्न मिल रहे हैं। फिर भी वन विभाग बाघ की लोकेशन पता नहीं कर पा रहा है। बाघ के आगे जहां वन विभाग लाचार नजर आ रहा है, वहीं ग्रामीण दहशत में हैं। बाघ की हरकत पर नजर रखने के लिए तैनात चार दरोगा भी फिलहाल नाकाम साबित हो रहे हैं। मंगलवार को भी नए पगचिह्न मिलने पर वन विभाग ने हमेशा की तरह जांच व कांबिंग कर ग्रामीणों को सतर्क रहने की हिदायत देकर कर्तव्यों से इतिश्री कर ली। वन विभाग के कर्मचारियों ने प्लास्टर ऑफ पेरिस का छिड़काव कर पगचिह्नों के नमूने जांच के लिए भेजे हैं। बाघ न पकड़े जाने से ग्रामीणों में नाराजगी है।
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सीतापुर रेंज के बिशुनपुर में पिछले चार दिनों से बाघ की चहलकदमी जारी है। मंगलवार सुबह बिशुनपुर के पश्चिम दयाशंकर के खेत में नए पगचिह्न मिले। वन विभाग की टीम ने मौके पर पहुंचकर जांच की। आसपास के खेतों में कॉबिंग की। ग्रामीणों को सतर्क रहने की हिदायत देकर लौट गई। कहने को बिशुनपुर में बाघ की हरकत पर नजर रखने के लिए सोमवार शाम से चार दरोगा तैनात किए गए है, लेकिन नए पगचिह्न मिलना इसका प्रमाण है कि बाघ के मूवमेंट का पता लगाने में दरोगा नाकाम रहे। चार दिनों से रोजाना करीब 200 मीटर के दायरे में बाघ चहलकदमी कर रहा है। हर बार मिलने वाले पगचिह्नों के बीच की दूरी 200 मीटर के इर्द-गिर्द रही है। ग्रामीणों का आरोप है कि बाघ को पकड़ने के लिए वन विभाग कोई ठोस कदम नहीं उठा रहा है। बाघ की दहशत से लोग घरों में कैद रहने को विवश हैं।
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संसद में उठ चुका है मुद्दा
धौरहरा से सपा सांसद आनंद भदौरिया हाल में ही बाघ की समस्या संसद में उठा चुके हैं। सांसद ने बाघ की दहशत से खेती-किसानी चौपट होने व बच्चों के स्कूल न जाने से पढ़ाई बाधित होने का हवाला देकर समस्या के समाधान को लेकर आवाज उठाई थी। इसके बाद भी बाघ को पकड़ना तो दूर वन विभाग उसकी लोकेशन का पता नहीं लगा पा रहा है।
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अपनी-अपनी सीमा का हवाला देकर झाड़ रहे पल्ला
बाघ की जिस क्षेत्र में चहलकदमी है वह क्षेत्र दो वन रेंज में आता है। ढोलई, रोजहा, फर्रकपुर, रामविलास पुरवा व शेरपुर वन विभाग हरगांव की रेंज में आता है। वहीं बिशुनपुर सीतापुर रेंज में आता है। बाघ जब दोनों में से किसी भी रेंज में चहलकदमी करता है तो अगले दिन वनकर्मी पगचिह्न की जांच करते हैं और यह कहकर मामले से पल्ला झाड़ लेते हैं कि बाघ हमारी रेंज को छोड़ कर दूसरी रेंज में चला गया है। वहीं, ग्रामीणों का कहना है कि सीमा के फेर में उनका जीवन संकट में पड़ गया है। दोनों रेंज के जिम्मेदार सामूहिक प्लान तैयार कर कोई ठोस कदम उठाएं, जिससे बाघ को पकड़ा जा सके।



लोकेशन की जानकारी मिलने पर होगी कार्रवाई
बाघ के पगचिह्नत लगातार मिल रहे हैं। इनकी जांच की व कॉबिंग की जा रही है। बाघ की हरकत पर नजर रखने के लिए चार दरोगाओं की तैनाती की गई है। स्पष्ट लोकेशन की जानकारी होने पर कार्रवाई की जाएगी। - मुशीर अहमद, डिप्टी रेंजर
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