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हत्या में एक ही परिवार के तीन लोगों को उम्रकैद की सजा

Wed, 22 Sep 2021 11:51 PM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Wed, 22 Sep 2021 11:51 PM IST
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Three people of the same family sentenced to life imprisonment for murder
सीतापुर। अपर सत्र न्यायाधीश राममणि पाठक ने हत्या के एक मामले में एक ही परिवार की एक महिला सहित तीन सदस्यों को आजीवन कारावास व 15-15 हजार के अर्थदंड की सजा सुनाई है। वादी मुकदमा रघुनंदन निवासी ग्राम मेहदौली कमलापुर का 11 वर्षीय पुत्र श्रवण कुमार 29 मई 2013 को गांव से ही खेलते समय गायब हो गया था। दो दिन बाद लड़के की लाश मिलने पर रघुनंदन ने अपने ही गांव के रामनाथ उनकी पत्नी कमलादेवी व मनीराम के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया।
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मामले में आरोप पत्र प्रेषित होने के बाद न्यायालय ने अभियोजन साक्ष्य आमंत्रित किए। जिसमें वादिनी द्वारा लगाए गए आरोपों के संबंध में आए साक्ष्य के बाद तीनों आरोपियों को घटना का दोषी पाते हुए न्यायाधीश ने उन्हें हत्या व हत्या के बाद साक्ष्य मिटाने के आरोप का दोषी पाते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई। अभियोजन पक्ष की ओर से इस मुकदमे की पैरवी सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता संतोष शुक्ला ने की। (संवाद)
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दुष्कर्मी को 10 वर्ष का कठोर कारावास
सीतापुर। विशेष सत्र न्यायाधीश पीसीएसओ एक्ट चंदगुप्त ने नाबालिग लड़की के साथ दुष्कर्म के एक मामले में एक आरोपी को 10 वर्ष के कठोर कारावास व 32 हजार के अर्थदंड की सजा सुनाई है। सिधौली कोतवाली इलाके के मोहल्ला प्रेमनगर निवासी सलीम के विरूद्व मोहल्ले की ही एक महिला ने उसकी 16 वर्षीय पुत्री के साथ रात में सोते समय दुष्कर्म किए जाने का मुकदमा 10 अप्रैल 2015 को दर्ज कराया था। वादिनी के मुताबिक सलीम उसके मकान के पड़ोस में ही अपना मकान बनवा रहा था।
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तभी मौके का फायदा उठाकर घर में लेटी उसकी 16 वर्षीय पुत्री के साथ उसने दुष्कर्म किया। शोर पर वादिनी व अन्य लोग जग गए और आरोपी को पकडने का प्रयास किया तभी वह झटका देकर भाग गया। मामले में पुलिस द्वारा न्यायालय में आरोप पत्र प्रेषित किए जाने के बाद अभियोजन पक्ष की ओर से अपने कथन के समर्थन में साक्ष्य प्रस्तुत किए गए।

जिन्हें विश्वसनीय पाते हुए न्यायाधीश ने आरोपी को 10 वर्ष के कठोर कारावास व 32 हजार के अर्थदंड की सजा सुनाई है। न्यायालय ने यह भी व्यवस्था की अर्थदंड की अधियोपित धनराशि में से 20 हजार रुपये पीड़िता को बतौर प्रतिकार प्रदान किए जाए। अभियोजन पक्ष की ओर से इस मुकदमे की पैरवी विशेष लोक अभियोजक गोविंद मिश्रा ने की। (संवाद)
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