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Sitapur News: इस दीपावली गोबर के दीयों से रोशन करें घर-आंगन

Thu, 17 Oct 2024 03:06 AM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सीतापुर
संवाद न्यूज एजेंसी, सीतापुर Updated Thu, 17 Oct 2024 03:06 AM IST
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This Deepawali, light up your home and courtyard with cow dung diyas
गाय के गोबर से तैयार किए गए दीए।

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सीतापुर। मिट्टी के दीयों के साथ इस दीपावली पर गोबर के आकर्षक व सुंदर दीयों से घर-आंगन रोशन होंगे। ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान से प्रशिक्षित महिलाएं गोबर के दीए बनाकर उन्हें खूबसूरत रंगों से सजा संवार रही हैं। इन दीयों की बिक्री के लिए विकास भवन व जिले के कई ब्लॉकों पर स्टॉल लगाए जाएंगे। शहर की मुख्य बाजार लालबाग में भी ये दीये खरीदे जा सकेंगे। गोबर को शुद्धता और पवित्रता का परिचायक माना जाता है। इसलिए मिट्टी के दीयों के साथ लोग गोबर के दीये की अच्छी खासी बिक्री की उम्मीद है।

गोंदलामऊ ब्लॉक के खाले गढ़ी गांव की सुनीता चौधरी ने बताया कि दीपावली पर घरों को रोशन करने के लिए लोग मिट्टी के दीयों का इस्तेमाल करते हैं। हमने अखबारों में गोबर से दीये बनाए जाने के बारे में सुना तो गांव की महिलाओं के साथ इन दीयों को बनाने की ठान ली। इसके बाद वर्ष 2023 में प्रशिक्षण लिया। सभी महिलाएं मिलकर एक दिन में करीब सौ दीये बना लेती हैं। एक सादे दीए की कीमत तीन रुपये है, जबकि रंग-रंगोन के साथ डिजाइन किए गए दीए की कीमत आठ रुपये रखी है। गोबर के दीयों के साथ कई फैंसी मोमबत्तियां भी बनाई गई हैं।
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महिलाएं गोबर से सुधार रहीं आर्थिक स्थिति
शहर में ईको फ्रेंडली वस्तुओं की बढ़ती मांग को देखते हुए महिलाएं गोबर के आकर्षक दीये बना रही हैं। गोंदलामऊ ब्लॉक की सुनीता चौधरी अपने साथ में नीतू देवी, अनीता व अन्य महिलाओं को जोड़कर उनकी भी आर्थिक स्थिति सुधारने में लगी हैं। इसी तरह जिले के अन्य जगहों पर भी महिलाएं गोबर के दीये के साथ गणेश-लक्ष्मी बनाने का प्रयास सफल हो चुका है।
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35 लोगों को भी इस बार भी मिला प्रशिक्षण
ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान जमैय्यतपुर की निदेशक प्रीती पांडेय ने बताया कि 35 ग्रामीण महिलाओं को इस बार भी गोबर के दीये और फैंसी मोमबत्ती बनाने का प्रशिक्षण दिया गया है। उन्होंने बताया कि 10 दिन तक चले प्रशिक्षण के दौरान महिलाओं को कानपुर से आई प्रशिक्षक अनुराधा यादव ने प्रशिक्षण दिया है।
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