{"_id":"6942f5f57d2436b5e603412f","slug":"the-story-of-the-bravery-of-martyr-captain-manoj-pandey-will-resonate-sitapur-news-c-102-1-slko1037-146470-2025-12-17","type":"story","status":"publish","title_hn":"Sitapur News: गूंजेगी शहीद कैप्टन मनोज पांडेय के पराक्रम की कहानी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Sitapur News: गूंजेगी शहीद कैप्टन मनोज पांडेय के पराक्रम की कहानी
Wed, 17 Dec 2025 11:57 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सीतापुर
संवाद न्यूज एजेंसी, सीतापुर
Updated Wed, 17 Dec 2025 11:57 PM IST
विज्ञापन
सीतापुर। रूढ़ा गांव की गलियों से अनाम द्वीप तक अंकित परमवीर चक्र विजेता शहीद कैप्टन मनोज पांडेय के पराक्रम की कहानी अब राष्ट्रपति भवन में भी गूंजेगी। राष्ट्रपति भवन में बनाई गई परमवीर दीर्घा में शामिल 21 परमवीर चक्र विजेताओं में शहीद कैप्टन मनोज पांडेय का चित्र भी शामिल किया गया है। विजय दिवस पर राष्ट्रपति द्रोपदी मुर्मू ने परमवीर दीर्घा का उद्घाटन किया। इस दौरान कैप्टन मनोज पांडेय के भाई मनमोहन को राष्ट्रपति ने सम्मानित भी किया।
जिले में कसमंडा ब्लॉक के रूढ़ा गांव में 25 जून 1975 को कैप्टन मनोज पांडेय का जन्म हुआ था। इंटर तक पढ़ाई करने के बाद पहले ही प्रयास में मनोज का चयन सेना में हो गया। इनकी पहली पोस्टिंग कश्मीर में सेंकड लेफ्टिनेंट के रूप में हुई थी। कैप्टन मनोज पांडेय ने कारगिल की जंग में वीरता दिखाते हुए दुश्मनों को धूल चटाई थी। इसके लिए मरणोपरांत उन्हें परमवीर चक्र से सम्मानित किया गया।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी उनके शौर्य को याद कर अंडमान निकोबार के एक अनाम द्वीप का नाम शहीद कैप्टन मनोज पांडेय कर चुके हैं। अब राष्ट्रपति द्रोपदी मुर्मू ने शहीद कैप्टन मनोज के भाई मनमोहन को विजय दिवस पर राष्ट्रपति भवन में आमंत्रित कर सम्मानित किया है। राष्ट्रपति भवन में बनाए गए परमवीर दीर्घा में कैप्टन मनोज पांडेय का चित्र भी शामिल किया गया है। शहीद कैप्टन मनोज के भाई मनमोहन पांडेय वर्तमान में उत्तर प्रदेश की विधानसभा में डिप्टी चीफ मार्शल के पद पर कार्यरत हैं।
विज्ञापन
द्रोपदी मुर्मू से सम्मान पाकर मनमोहन भावुक हो गए। उन्होंने बताया कि राष्ट्रपति भवन में बनाई गई परमवीर (गैलरी) में परमवीर चक्र से सम्मानित 21 विजेताओं के चित्र प्रदर्शित हैं।
इस गैलरी का उद्देश्य आगंतुकों को हमारे उन राष्ट्रीय नायकों के शौर्य की कहानी से अवगत कराना है, जिन्होंने राष्ट्र की रक्षा में अदम्य संकल्प और साहस का प्रदर्शन किया था। यह उन वीर योद्धाओं की स्मृति को सम्मान देने की एक सराहनीय पहल है, जिन्होंने मातृभूमि की सेवा में अपने प्राणों की आहुति दी।
विज्ञापन
जिले में कसमंडा ब्लॉक के रूढ़ा गांव में 25 जून 1975 को कैप्टन मनोज पांडेय का जन्म हुआ था। इंटर तक पढ़ाई करने के बाद पहले ही प्रयास में मनोज का चयन सेना में हो गया। इनकी पहली पोस्टिंग कश्मीर में सेंकड लेफ्टिनेंट के रूप में हुई थी। कैप्टन मनोज पांडेय ने कारगिल की जंग में वीरता दिखाते हुए दुश्मनों को धूल चटाई थी। इसके लिए मरणोपरांत उन्हें परमवीर चक्र से सम्मानित किया गया।
विज्ञापन
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी उनके शौर्य को याद कर अंडमान निकोबार के एक अनाम द्वीप का नाम शहीद कैप्टन मनोज पांडेय कर चुके हैं। अब राष्ट्रपति द्रोपदी मुर्मू ने शहीद कैप्टन मनोज के भाई मनमोहन को विजय दिवस पर राष्ट्रपति भवन में आमंत्रित कर सम्मानित किया है। राष्ट्रपति भवन में बनाए गए परमवीर दीर्घा में कैप्टन मनोज पांडेय का चित्र भी शामिल किया गया है। शहीद कैप्टन मनोज के भाई मनमोहन पांडेय वर्तमान में उत्तर प्रदेश की विधानसभा में डिप्टी चीफ मार्शल के पद पर कार्यरत हैं।
विज्ञापन
द्रोपदी मुर्मू से सम्मान पाकर मनमोहन भावुक हो गए। उन्होंने बताया कि राष्ट्रपति भवन में बनाई गई परमवीर (गैलरी) में परमवीर चक्र से सम्मानित 21 विजेताओं के चित्र प्रदर्शित हैं।
इस गैलरी का उद्देश्य आगंतुकों को हमारे उन राष्ट्रीय नायकों के शौर्य की कहानी से अवगत कराना है, जिन्होंने राष्ट्र की रक्षा में अदम्य संकल्प और साहस का प्रदर्शन किया था। यह उन वीर योद्धाओं की स्मृति को सम्मान देने की एक सराहनीय पहल है, जिन्होंने मातृभूमि की सेवा में अपने प्राणों की आहुति दी।