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Sitapur News: बच्चों को न मना सकीं विधायक, शिक्षिका निलंबित
Fri, 26 Sep 2025 12:28 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सीतापुर
संवाद न्यूज एजेंसी, सीतापुर
Updated Fri, 26 Sep 2025 12:28 AM IST
सार
सीतापुर के महमूदाबाद में प्रधानाध्यापक बृजेंद्र वर्मा द्वारा बीएसए की पिटाई के मामले ने विवाद और प्रदर्शन को जन्म दिया है। पुलिस जांच में महत्वपूर्ण वीडियो फुटेज नहीं दिए गए, जिससे पारदर्शिता पर सवाल उठ रहे हैं। मामले की उच्च स्तरीय जांच की मांग की गई है।
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ताला तोड़ते पुलिसकर्मी।
विस्तार
महमूदाबाद। प्राथमिक विद्यालय नदवा के प्रधानाध्यापक बृजेंद्र वर्मा की ओर से बीएसए अखिलेश प्रताप सिंह की बेल्ट से पिटाई का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। बृहस्पतिवार को विधायक महमूदाबाद आशा मौर्या ने स्कूल में पढ़ाई शुरू कराने का प्रयास किया। स्कूल में बंद तीन ताले तुड़वाकर सफाई करवाई, लेकिन बच्चे व अभिभावक बृजेंद्र कुमार वर्मा को वापस बुलाने की मांग पर अड़े रहे। स्कूल के बाहर प्रदर्शन किया।
विधायक के खिलाफ नारेबाजी करते हुए मारपीट का आरोप भी लगा दिया। इस बीच विद्यालय पहुंचे दो शिक्षक दोपहर दो बजे तक बैठकर इंतजार करते रहे, लेकिन पंजीकृत 90 बच्चों में से कोई भी पढ़ने नहीं पहुंचा। उधर, सीजेएम कोर्ट ने आरोपी बृजेंद्र वर्मा की जमानत याचिका खारिज कर दी।
बृहस्पतिवार सुबह करीब आठ बजे विधायक आशा मौर्या एसओ सदरपुर राजेश कुमार के साथ विद्यालय पहुंचीं। उस समय बच्चे व अभिभावक स्कूल के बाहर खड़े थे। विधायक ने ग्रामीणों से स्कूल की चाभी के बारे में पूछा। चाभी नहीं मिली तो उन्होंने पुलिस के सहयोग से मुख्य गेट व दो कमरों का ताला तुड़वाया। तीसरा कमरा अंदर से लॉक होने के कारण नहीं खुल सका। इसके बाद कर्मचारी को बुलाकर सफाई करवाई।
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एआरपी श्रीकृष्ण तिवारी व शिक्षामित्र अनुराग श्रीवास्तव विद्यालय संचालन के लिए बाहर खड़े थे। विधायक ने बच्चों से स्कूल आने के लिए कहा, लेकिन बच्चे प्रधानाध्यापक को वापस बुलाने की मांग पर अड़े रहे। विधायक करीब दो घंटे तक अभिभावकों से बात करती रहीं, लेकिन बात नहीं बनी। बच्चे घर लौट गए। विवाद की जड़ मानी जा रहीं शिक्षिका अवंतिका को बीएसए ने निलंबित कर दिया।
बस दो मिनट में निकल गईं बीईओ :
बीएसए के निर्देश पर बीईओ सीमा चौहान विद्यालय पहुंचीं। उन्होंने शिक्षकों को विद्यालय संचालन का निर्देश दिया। महज दो मिनट रुककर ही वह चली गईं। बीईओ ने विद्यालय के हालात नहीं देखे और न ही ग्रामीणों से कोई वार्ता की।
प्रधानाध्यापक की पत्नी बोलीं, पति को बीएसए कर रहे थे प्रताड़ित :
प्रधानाध्यापक बृजेंद्र वर्मा की पत्नी सीमा वर्मा ने चुप्पी तोड़ी। उन्होंने बृहस्पतिवार को पति को प्रताडि़त किए जाने का आरोप लगाया है। सीमा वर्मा ने बताया कि पति को शिक्षिका की अटेंडेंस लगाने के लिए बाध्य किया जाता था। वह लगातार इसके लिए मना कर रहे थे। इसीलिए बीएसए पति को परेशान कर रहे थे।
पहले स्कूल में हुए कार्यों का तीन साल का ब्योरा मांगा गया। उन्होंने जब ब्योरा दे दिया, तो 10 साल का ब्योरा मांगा गया। वह भी दे दिया तो दबाव बनाने के लिए बीएसए बॉफिस बुलाया गया। वहां कहासुनी हुई और पति ने गुस्से में बीएसए की पिटाई कर दी।
सांसद बोले, घटना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण
मामले में सीतापुर सांसद राकेश राठौर भी मुखर हो गए हैं। उन्होंने कहा कि घटना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। बीएसए पर हमले के पीछे के आक्रोश को भी समझने की जरूरत है। मुझे सूचना मिली है कि शिक्षक को भी पीटा गया। उनकी भी एफआईआर दर्ज हो।
पूर्व मंत्री ने कहा, जनता बुखार उतार देगी : नदवा प्रकरण पर पूर्व मंत्री नरेंद्र वर्मा ने कहा कि स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के चलते बाहर होने के कारण मेरी अनुपस्थित में भतीजा उत्कर्ष वर्मा और पूर्व प्रमुख प्रेम सागर मौर्य गांव पहुंचे। 2027 में ज्यादा समय नहीं बचा है। सत्ता का जो बुखार चढ़ा है। यही जनता उसे उतार देगी।
आखिर क्यो नहीं दे रहे फुटेज : बेसिक शिक्षा विभाग के सूत्रों का कहना हैं कि वहीं फुटेज दिए गए है जिसमें शिक्षक दोषी प्रतीत हो रहा है। जबकि इसके आगे के फुटेज बहुत ही अलग है। इस घटनाक्रम के बाद बीएसए के स्वजातीय दबंग शिक्षकों व कुछ कर्मचारियों ने आरोपी शिक्षक को जमकर मारा पीटा। इसकी तस्दीक मेडिकल रिपोर्ट कर रही है। आरोपी के आंख के नीचे चोट के निशान है। आंख में सूजन आ गई है। पेट व पीठ पर भी चोटें लगी है। इसी वजह से फुटेज नहीं दिए जा रहे हैं। इस मामले में बार एसोसिएशन सीतापुर के अध्यक्ष विजय कुमार अवस्थी ने भी ट्वीट किया है। उन्होंने कहा घटना निंदनीय है। शिक्षक को कैसे चोटें आईं है। पुलिस व बीएसए कार्यालय को स्पष्ट करना चाहिए।
सोशल मीडिया पर बृहस्पतिवार को एक ऑडियो वायरल हुआ। इसमें एक शिक्षक व एक अधिकारी के बीच बातचीत हो रही है। बातचीत के प्रमुख अंश।
अधिकारी- आपसे जो कह रहे हैं वो आप करिए। गांव की चिंता आप मत करिए। गांव से शिकायत आएगी तो हम देखेंगे। क्या समस्या है। गांव वाले क्या कहते हैं?
शिक्षक- पूछते हैं मैडम क्यों नहीं आ रहीं हैं।
अधिकारी- कह दीजिए मैडम मेडिकल पे हैं।
शिक्षक- वही तो हम बता रहे हैं। सर मेडिकल पे हैं, लेकिन बाद में क्या होगा। उनकी गाड़ी जो है प्रधान के घर के सामने से निकलती है।
अधिकारी- आप लोग टाइम से आते हैं।
शिक्षक- जी, टाइम से ही आते हैं।
अधिकारी- सेल्फी मंगाना शुरू करें। कल से सेल्फी मंगाना शुरू करें।
शिक्षक-आप मंगा लीजिए...आप सर हंै।
अधिकारी- तुमको मैंने बुलाया है इसीलिए। तुम कहानी समझा रहे हो।
शिक्षक- नहीं, समस्या बता रहा हूं।
अधिकारी- पता है कि विद्यालय में कौन कितने बजे पहुंचता है।
शिक्षक- नहीं, आप सब कुछ कर सकते हैं।
अधिकारी- तो जब मैं बता रहा हूं तो आप मैनेज नहीं कर रहे हो।
शिक्षक- सर ऐसा न करिए। हफ्ते में एक दिन आ जाएं। एक दिन रेस्ट कर लें। ये डेली वाला तो अभी बहुत लंबा टाइम है।
अधिकारी- शिक्षक से कहते हैं कि ठीक है जाइए। कल से सेल्फी भेजिए। अगले एक साल तक। एक मिनट की देरी हुई तो सस्पेंड करूंगा।
शिक्षक- ठीक सर थैंक्यू...।
फुटेज देने में भी खेल, केवल बीएसए के साथ मारपीट के मिले साक्ष्य
सीतापुर।
बीएसए व शिक्षक के बीच मारपीट में पुलिस जांच आगे बढ़ी तो फुटेज देने में ही खेल हो रहा है। पुलिस को केवल बीएसए व शिक्षक के बीच हुई मारपीट के फुटेज मिले हैं। जबकि यह फुटेज पहले से ही सोशल मीडिया पर वायरल हैं। पुलिस ने पूरे घटनाक्रम का फुटेज मांगा तो बीएसए कार्यालय से इसे मना कर दिया गया। अब पुलिस डीवीआर कब्जे में लेने के लिए उच्चाधिकारियों से बात कर रही है।
पुलिस बुधवार को कार्यालय पहुंची और बीएसए के बयान दर्ज किए। फुटेज मांगे लेकिन केवल फुटेज वह दिए गए जिसमें शिक्षक बीएसए को बेल्ट निकालकर वार कर रहा है। कुछ लोग आकर शिक्षक को पकड़ लेते हैं। इसके बाद आगे क्या घटनाक्रम हुआ। इसके फुटेज नहीं दिए गए। पुलिस ने शिक्षक के कार्यालय के अंदर आने से लेकर पुलिस हिरासत तक के फुटेज मांगे थे। यह फुटेज बीएसए कार्यालय में लगे कैमरे में कैद हैं। लेकिन पुलिस को यह कहकर मना कर दिया गया कि आगे के फुटेज उपलब्ध नहीं हंै। इंस्पेक्टर अनूप शुक्ला ने बताया कि डीवीआर कब्जे में लिया जाएगा। उसके बाद ही जांच आगे बढ़ेंगी।
जेल में मिलने जाएगा प्रतिनिधिमंडल : प्राथमिक शिक्षक संघ की बैठक बृहस्पतिवार को शिक्षक भवन में हुई। बीएसए कार्यालय में हुई घटना की निंदा की गई। जिलाध्यक्ष रवींद्र दीक्षित ने कहा कि शिक्षक ने किन परिस्थितियों में इतनी बड़ी घटना को अंजाम दिया, यह जांच का विषय है। कोई तो वजह रही होगी। जिला मंत्री हंसराज वर्मा ने आरोपी शिक्षक के परिजनों से वार्ता की। उन्होंने कहा कि प्रकरण गंभीर है। जिला कार्यसमिति का प्रतिनिधि मंडल प्रदेश नेतृत्व के साथ शासन से शुक्रवार को मुलाकात करेगा। इसमें उच्च स्तरीय जांच की मांग की जाएगी। जेल जाकर शिक्षक से वार्ता की जाएगी।
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विधायक के खिलाफ नारेबाजी करते हुए मारपीट का आरोप भी लगा दिया। इस बीच विद्यालय पहुंचे दो शिक्षक दोपहर दो बजे तक बैठकर इंतजार करते रहे, लेकिन पंजीकृत 90 बच्चों में से कोई भी पढ़ने नहीं पहुंचा। उधर, सीजेएम कोर्ट ने आरोपी बृजेंद्र वर्मा की जमानत याचिका खारिज कर दी।
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बृहस्पतिवार सुबह करीब आठ बजे विधायक आशा मौर्या एसओ सदरपुर राजेश कुमार के साथ विद्यालय पहुंचीं। उस समय बच्चे व अभिभावक स्कूल के बाहर खड़े थे। विधायक ने ग्रामीणों से स्कूल की चाभी के बारे में पूछा। चाभी नहीं मिली तो उन्होंने पुलिस के सहयोग से मुख्य गेट व दो कमरों का ताला तुड़वाया। तीसरा कमरा अंदर से लॉक होने के कारण नहीं खुल सका। इसके बाद कर्मचारी को बुलाकर सफाई करवाई।
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एआरपी श्रीकृष्ण तिवारी व शिक्षामित्र अनुराग श्रीवास्तव विद्यालय संचालन के लिए बाहर खड़े थे। विधायक ने बच्चों से स्कूल आने के लिए कहा, लेकिन बच्चे प्रधानाध्यापक को वापस बुलाने की मांग पर अड़े रहे। विधायक करीब दो घंटे तक अभिभावकों से बात करती रहीं, लेकिन बात नहीं बनी। बच्चे घर लौट गए। विवाद की जड़ मानी जा रहीं शिक्षिका अवंतिका को बीएसए ने निलंबित कर दिया।
बस दो मिनट में निकल गईं बीईओ :
बीएसए के निर्देश पर बीईओ सीमा चौहान विद्यालय पहुंचीं। उन्होंने शिक्षकों को विद्यालय संचालन का निर्देश दिया। महज दो मिनट रुककर ही वह चली गईं। बीईओ ने विद्यालय के हालात नहीं देखे और न ही ग्रामीणों से कोई वार्ता की।
प्रधानाध्यापक की पत्नी बोलीं, पति को बीएसए कर रहे थे प्रताड़ित :
प्रधानाध्यापक बृजेंद्र वर्मा की पत्नी सीमा वर्मा ने चुप्पी तोड़ी। उन्होंने बृहस्पतिवार को पति को प्रताडि़त किए जाने का आरोप लगाया है। सीमा वर्मा ने बताया कि पति को शिक्षिका की अटेंडेंस लगाने के लिए बाध्य किया जाता था। वह लगातार इसके लिए मना कर रहे थे। इसीलिए बीएसए पति को परेशान कर रहे थे।
पहले स्कूल में हुए कार्यों का तीन साल का ब्योरा मांगा गया। उन्होंने जब ब्योरा दे दिया, तो 10 साल का ब्योरा मांगा गया। वह भी दे दिया तो दबाव बनाने के लिए बीएसए बॉफिस बुलाया गया। वहां कहासुनी हुई और पति ने गुस्से में बीएसए की पिटाई कर दी।
सांसद बोले, घटना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण
मामले में सीतापुर सांसद राकेश राठौर भी मुखर हो गए हैं। उन्होंने कहा कि घटना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। बीएसए पर हमले के पीछे के आक्रोश को भी समझने की जरूरत है। मुझे सूचना मिली है कि शिक्षक को भी पीटा गया। उनकी भी एफआईआर दर्ज हो।
पूर्व मंत्री ने कहा, जनता बुखार उतार देगी : नदवा प्रकरण पर पूर्व मंत्री नरेंद्र वर्मा ने कहा कि स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के चलते बाहर होने के कारण मेरी अनुपस्थित में भतीजा उत्कर्ष वर्मा और पूर्व प्रमुख प्रेम सागर मौर्य गांव पहुंचे। 2027 में ज्यादा समय नहीं बचा है। सत्ता का जो बुखार चढ़ा है। यही जनता उसे उतार देगी।
आखिर क्यो नहीं दे रहे फुटेज : बेसिक शिक्षा विभाग के सूत्रों का कहना हैं कि वहीं फुटेज दिए गए है जिसमें शिक्षक दोषी प्रतीत हो रहा है। जबकि इसके आगे के फुटेज बहुत ही अलग है। इस घटनाक्रम के बाद बीएसए के स्वजातीय दबंग शिक्षकों व कुछ कर्मचारियों ने आरोपी शिक्षक को जमकर मारा पीटा। इसकी तस्दीक मेडिकल रिपोर्ट कर रही है। आरोपी के आंख के नीचे चोट के निशान है। आंख में सूजन आ गई है। पेट व पीठ पर भी चोटें लगी है। इसी वजह से फुटेज नहीं दिए जा रहे हैं। इस मामले में बार एसोसिएशन सीतापुर के अध्यक्ष विजय कुमार अवस्थी ने भी ट्वीट किया है। उन्होंने कहा घटना निंदनीय है। शिक्षक को कैसे चोटें आईं है। पुलिस व बीएसए कार्यालय को स्पष्ट करना चाहिए।
सोशल मीडिया पर बृहस्पतिवार को एक ऑडियो वायरल हुआ। इसमें एक शिक्षक व एक अधिकारी के बीच बातचीत हो रही है। बातचीत के प्रमुख अंश।
अधिकारी- आपसे जो कह रहे हैं वो आप करिए। गांव की चिंता आप मत करिए। गांव से शिकायत आएगी तो हम देखेंगे। क्या समस्या है। गांव वाले क्या कहते हैं?
शिक्षक- पूछते हैं मैडम क्यों नहीं आ रहीं हैं।
अधिकारी- कह दीजिए मैडम मेडिकल पे हैं।
शिक्षक- वही तो हम बता रहे हैं। सर मेडिकल पे हैं, लेकिन बाद में क्या होगा। उनकी गाड़ी जो है प्रधान के घर के सामने से निकलती है।
अधिकारी- आप लोग टाइम से आते हैं।
शिक्षक- जी, टाइम से ही आते हैं।
अधिकारी- सेल्फी मंगाना शुरू करें। कल से सेल्फी मंगाना शुरू करें।
शिक्षक-आप मंगा लीजिए...आप सर हंै।
अधिकारी- तुमको मैंने बुलाया है इसीलिए। तुम कहानी समझा रहे हो।
शिक्षक- नहीं, समस्या बता रहा हूं।
अधिकारी- पता है कि विद्यालय में कौन कितने बजे पहुंचता है।
शिक्षक- नहीं, आप सब कुछ कर सकते हैं।
अधिकारी- तो जब मैं बता रहा हूं तो आप मैनेज नहीं कर रहे हो।
शिक्षक- सर ऐसा न करिए। हफ्ते में एक दिन आ जाएं। एक दिन रेस्ट कर लें। ये डेली वाला तो अभी बहुत लंबा टाइम है।
अधिकारी- शिक्षक से कहते हैं कि ठीक है जाइए। कल से सेल्फी भेजिए। अगले एक साल तक। एक मिनट की देरी हुई तो सस्पेंड करूंगा।
शिक्षक- ठीक सर थैंक्यू...।
फुटेज देने में भी खेल, केवल बीएसए के साथ मारपीट के मिले साक्ष्य
सीतापुर।
बीएसए व शिक्षक के बीच मारपीट में पुलिस जांच आगे बढ़ी तो फुटेज देने में ही खेल हो रहा है। पुलिस को केवल बीएसए व शिक्षक के बीच हुई मारपीट के फुटेज मिले हैं। जबकि यह फुटेज पहले से ही सोशल मीडिया पर वायरल हैं। पुलिस ने पूरे घटनाक्रम का फुटेज मांगा तो बीएसए कार्यालय से इसे मना कर दिया गया। अब पुलिस डीवीआर कब्जे में लेने के लिए उच्चाधिकारियों से बात कर रही है।
पुलिस बुधवार को कार्यालय पहुंची और बीएसए के बयान दर्ज किए। फुटेज मांगे लेकिन केवल फुटेज वह दिए गए जिसमें शिक्षक बीएसए को बेल्ट निकालकर वार कर रहा है। कुछ लोग आकर शिक्षक को पकड़ लेते हैं। इसके बाद आगे क्या घटनाक्रम हुआ। इसके फुटेज नहीं दिए गए। पुलिस ने शिक्षक के कार्यालय के अंदर आने से लेकर पुलिस हिरासत तक के फुटेज मांगे थे। यह फुटेज बीएसए कार्यालय में लगे कैमरे में कैद हैं। लेकिन पुलिस को यह कहकर मना कर दिया गया कि आगे के फुटेज उपलब्ध नहीं हंै। इंस्पेक्टर अनूप शुक्ला ने बताया कि डीवीआर कब्जे में लिया जाएगा। उसके बाद ही जांच आगे बढ़ेंगी।
जेल में मिलने जाएगा प्रतिनिधिमंडल : प्राथमिक शिक्षक संघ की बैठक बृहस्पतिवार को शिक्षक भवन में हुई। बीएसए कार्यालय में हुई घटना की निंदा की गई। जिलाध्यक्ष रवींद्र दीक्षित ने कहा कि शिक्षक ने किन परिस्थितियों में इतनी बड़ी घटना को अंजाम दिया, यह जांच का विषय है। कोई तो वजह रही होगी। जिला मंत्री हंसराज वर्मा ने आरोपी शिक्षक के परिजनों से वार्ता की। उन्होंने कहा कि प्रकरण गंभीर है। जिला कार्यसमिति का प्रतिनिधि मंडल प्रदेश नेतृत्व के साथ शासन से शुक्रवार को मुलाकात करेगा। इसमें उच्च स्तरीय जांच की मांग की जाएगी। जेल जाकर शिक्षक से वार्ता की जाएगी।