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Sitapur News: नरनी गांव में लगे पिंजरे की लोकेशन बदली
Sat, 06 Sep 2025 12:07 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सीतापुर
संवाद न्यूज एजेंसी, सीतापुर
Updated Sat, 06 Sep 2025 12:07 AM IST
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पेड़ के नीचे लगाया गया पिंजरा।
सीतापुर। महोली के नरनी में लगाए गए पिंजरे की लोकेशन शुक्रवार को बदल दी गई। वनविभाग ने 900 मीटर की दूरी पर पिंजरे को लगाया है। विभाग लगातार कॉम्बिंग करने में जुटा हुआ है। हालांकि जिम्मेदारों का कहना है कि बारिश के बाद जगह-जगह हुए जलभराव के कारण बाघ को पकड़ पाने में दिक्कत हो रही है।
महोली के रघुनाथपुरवा व नरनी गांव में दो पिंजरे लगे हैं। नरनी के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के पास पिंजरा लगाया गया था। वहां से 900 सौ मीटर दूर बरगद के पेड़ के पास दो दिन पहले बाघ के पगचिह्न मिले थे।
वन विभाग ने शुक्रवार को सीएचसी के पास लगे पिंजरे को हटाकर कटिघरा के पचकारे बाबा स्थान पर बरगद के पेड़ के पास लगाया है। एक पिंजरा सीतारामपुर कोठी में बनाए गए अस्थायी सेंटर पर ट्राॅली में रखा गया है।
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इसका उपयोग बाघ को ट्रैंकुलाइज करने के बाद उसे कैद करने के लिए किया जाएगा। 15 कैमरे भी लगाए गए हैं। डीएफओ नवीन खंडेलवाल ने बताया कि शुक्रवार को पिंजरे के स्थान को बदल दिया गया है। जलभराव कम होने पर टीम बाघ का पीछा आसानी से कर पाएगी।
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महोली के रघुनाथपुरवा व नरनी गांव में दो पिंजरे लगे हैं। नरनी के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के पास पिंजरा लगाया गया था। वहां से 900 सौ मीटर दूर बरगद के पेड़ के पास दो दिन पहले बाघ के पगचिह्न मिले थे।
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वन विभाग ने शुक्रवार को सीएचसी के पास लगे पिंजरे को हटाकर कटिघरा के पचकारे बाबा स्थान पर बरगद के पेड़ के पास लगाया है। एक पिंजरा सीतारामपुर कोठी में बनाए गए अस्थायी सेंटर पर ट्राॅली में रखा गया है।
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इसका उपयोग बाघ को ट्रैंकुलाइज करने के बाद उसे कैद करने के लिए किया जाएगा। 15 कैमरे भी लगाए गए हैं। डीएफओ नवीन खंडेलवाल ने बताया कि शुक्रवार को पिंजरे के स्थान को बदल दिया गया है। जलभराव कम होने पर टीम बाघ का पीछा आसानी से कर पाएगी।