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Sitapur News: महापुरुषों की प्रतिमाओं पर जमी उपेक्षा की धूल
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सीतापुर। राष्ट्र के गौरव का पर्व गणतंत्र दिवस अब मात्र 5 दिन दूर है। देशवासियों को मौलिक अधिकारों-कर्तव्यों से गौरवान्वित करने वाले इस पर्व के लिए हमारे देश के तमाम महापुरुषों का योगदान रहा है। 1857 से लेकर 1947 तक देशवासियों को उनका हक दिलाने में अपना सर्वस्व न्यौछावर करने वाले इन महापुरुषों का यह लापरवाह सिस्टम कितना सम्मान करता है, इसकी बानगी शहर में लगी महापुरुष की प्रतिमाएं खुद बयां करने को काफी हैं। शहर में स्थापित महापुरुषों की प्रतिमाएं उपेक्षित हैं। धूल-धूसरित, गंदगी और अतिक्रमण की चपेट में हैं। वहीं गणतंत्र दिवस की तैयारियों में मशगूल जिम्मेदार इस ओर ध्यान देने की जरूरत नहीं समझ रहे हैं।शहर के तामसेनगंज में छोटे हनुमान मंदिर के करीब राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की प्रतिमा स्थापित है। आजादी की जंग में कई आंदोलनों के मुखिया रहे बापू के नाम से प्रसिद्ध मोहनदास करमचंद गांधी के व्यक्तित्व व कृतित्व से लोगों को परिचित कराने के उद्देश्य से लगाई गई यह प्रतिमा इन दिनों अनदेखी का शिकार है। प्रतिमा के दाएं पैर में दरारें आ गई हैं। छाया की व्यवस्था न होने के कारण बारिश आदि के चलते पूरी प्रतिमा रंगहीन हो चुकी है। उस पर कालिख सी जम गई है। इसके बावजूद प्रतिमा की देखरेख की ओर जिम्मेदारों का ध्यान नहीं जा रहा है, जो सिस्टम की लापरवाही उजागर करता है।
शहर के मुख्य बाजारों में से एक ग्रीकगंज मोहल्ले में शहीदे आजम सरदार भगत सिंह की प्रतिमा अनदेखी का शिकार है। ग्रीकगंज से जेल रोड को जोड़ने वाली सड़क के किनारे एक प्याऊ के ऊपर स्थापित यह प्रतिमा अतिक्रमण का शिकार है। आसपास अतिक्रमण के चलते देश की आजादी में अपने प्राणों की आहुति देने वाले वीर सपूत की प्रतिमा गुम सी गई है। कई बार विभिन्न संगठनों द्वारा इसकी शिकायत की गई, लेकिन नतीजा ढाक के तीन पात साबित हुआ है। चंद दिनों बाद गणतंत्र दिवस का पर्व है। अब सवाल यह है कि जिम्मेदार शहीदे आजम की प्रतिमा की सुध लेकर उनको श्रद्धांजलि देते हैं, या सरकारी कार्यक्रमों की फोटोग्राफी तह ही सिमटे रह जाएंगे।
करवाएंगे सफाई
26 जनवरी के पहले महापुरुषों की प्रतिमाओं की साफ-सफाई व रंग रोगन के लिए नगर पालिका प्रशासन को निर्देशित किया जाएगा। 26 जनवरी से पहले सारे काम करवाए जाएंगे। -केएन तिवारी, सिटी मजिस्ट्रेट
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शहर के मुख्य बाजारों में से एक ग्रीकगंज मोहल्ले में शहीदे आजम सरदार भगत सिंह की प्रतिमा अनदेखी का शिकार है। ग्रीकगंज से जेल रोड को जोड़ने वाली सड़क के किनारे एक प्याऊ के ऊपर स्थापित यह प्रतिमा अतिक्रमण का शिकार है। आसपास अतिक्रमण के चलते देश की आजादी में अपने प्राणों की आहुति देने वाले वीर सपूत की प्रतिमा गुम सी गई है। कई बार विभिन्न संगठनों द्वारा इसकी शिकायत की गई, लेकिन नतीजा ढाक के तीन पात साबित हुआ है। चंद दिनों बाद गणतंत्र दिवस का पर्व है। अब सवाल यह है कि जिम्मेदार शहीदे आजम की प्रतिमा की सुध लेकर उनको श्रद्धांजलि देते हैं, या सरकारी कार्यक्रमों की फोटोग्राफी तह ही सिमटे रह जाएंगे।
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26 जनवरी के पहले महापुरुषों की प्रतिमाओं की साफ-सफाई व रंग रोगन के लिए नगर पालिका प्रशासन को निर्देशित किया जाएगा। 26 जनवरी से पहले सारे काम करवाए जाएंगे। -केएन तिवारी, सिटी मजिस्ट्रेट
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