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सुबह बंद रहे मंदिरों के कपाट, शाम को रौनक
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आर्यनगर सीताराम मंदिर में कपाट खुलने के बाद पूजन करते श्रद्धालु।
- फोटो : SITAPUR
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सीतापुर। सूर्य ग्रहण के चलते गुरुवार सुबह मंदिरों के कपाट बंद रहे। शाम को श्रद्धालुओं के पहुंचने से मंदिरों में रौनक रही। फिर निर्धारित समय पर पूजन व आरती की गई। वहीं, ग्रहण की अवधि में घरों में भी लोगों ने पूजा करने से परहेज की। इसके अलावा ग्रहण के समय लोगों ने घरों में न तो खाना बनाया और न ही खानपान किया।
ज्योतिष विद्वानों के मुताबिक सूर्य ग्रहण गुरुवार सुबह 08:21 बजे से शुरू होकर 11 बजे तक रहा। अलग-अलग जिलों में ग्रहण की अवधि में पांच से दस मिनट का अंतर रहा। मान्यता के अनुसार सूर्य ग्रहण से 12 घंटे पहले सूतक काल शुरू हो जाता है। इस काल में पूजापाठ करना वर्जित है। लिहाजा, मंदिरों के कपाट बुधवार शाम से ही बंद कर दिए गए थे।
गुरुवार सुबह भी मंदिरों में पूजापाठ नहीं किया गया। ग्रहण की अवधि में लोगों ने घरों में भी पूजापाठ के अलावा खाना बनाने व खाने-पीने से परहेज की। इसके अलावा ग्रहण काल में यात्रा करने से भी लोग बचते रहे। कई लोग ग्रहण काल में गायत्री मंत्र का जाप करते रहे।
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ग्रहण की अवधि बीतने पर घरों में भोजन बनाया गया। वहीं, शहर के साईं मंदिर, राम जानकी मंदिर, दुर्गा मंदिर, हनुमान मंदिर में शाम को कपाट खुलने पर भक्तों के पहुंचने से चहल-पहल रही। मंदिरों में निर्धारित समय पर पूजन व आरती की गई।
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ज्योतिष विद्वानों के मुताबिक सूर्य ग्रहण गुरुवार सुबह 08:21 बजे से शुरू होकर 11 बजे तक रहा। अलग-अलग जिलों में ग्रहण की अवधि में पांच से दस मिनट का अंतर रहा। मान्यता के अनुसार सूर्य ग्रहण से 12 घंटे पहले सूतक काल शुरू हो जाता है। इस काल में पूजापाठ करना वर्जित है। लिहाजा, मंदिरों के कपाट बुधवार शाम से ही बंद कर दिए गए थे।
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गुरुवार सुबह भी मंदिरों में पूजापाठ नहीं किया गया। ग्रहण की अवधि में लोगों ने घरों में भी पूजापाठ के अलावा खाना बनाने व खाने-पीने से परहेज की। इसके अलावा ग्रहण काल में यात्रा करने से भी लोग बचते रहे। कई लोग ग्रहण काल में गायत्री मंत्र का जाप करते रहे।
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ग्रहण की अवधि बीतने पर घरों में भोजन बनाया गया। वहीं, शहर के साईं मंदिर, राम जानकी मंदिर, दुर्गा मंदिर, हनुमान मंदिर में शाम को कपाट खुलने पर भक्तों के पहुंचने से चहल-पहल रही। मंदिरों में निर्धारित समय पर पूजन व आरती की गई।