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पीड़ित टरकाने पर दरोगा-सिपाही लाइन हाजिर
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पिसावां (सीतापुर)। थाना क्षेत्र में रहस्यमय हालात में लापता हुए बेटे को खोजने में मदद के लिए एक पिता चार दिनों से थाने के चक्कर लगाता रहा, लेकिन कस्बा इंचार्ज और सिपाही ने उसकी कोई मदद नहीं की। परेशान होकर पीड़ित ने कप्तान के दफ्तर में पहुंचकर कार्रवाई की गुहार लगाई। एसपी ने मामले में लापरवाही बरतने पर दरोगा और सिपाही को लाइन हाजिर कर दिया है।
पिसावां इलाके के रमखेरा निवासी बृजेश कुमार का 12 साल का बेटा उपेंद्र कुमार बीती 23 सितंबर को घर से निकलने के बाद लापता हो गया। काफी तलाश के बाद पता नहीं चलने पर पिता ने थाने पर पहुंचकर मदद मांगी। बृजेश का कहना है कि वह बेटे की तलाश के लिए चार दिनों तक थाने के चक्कर लगाता रहा, लेकिन पुलिस ने उसकी एक नहीं सुनी। परेशान होकर वह शुक्रवार को एसपी आरपी सिंह के पास पहुंचा और पूरे मामले की जानकारी देते हुए बेटे का पता लगाने में मदद की गुहार लगाई।
सूत्र बताते हैं कि मामला संज्ञान में आते ही एसपी ने थाने से पूरे मामले की जानकारी ली। इसके बाद मामले में लापरवाही मिलने पर पिसावां कस्बे के हल्का इंचार्ज खालिद, सिपाही नसीम को लाइन हाजिर कर दिया है। एसपी ने मामले में गुमशुदगी दर्ज कर बालक की तलाश के आदेश एसओ को दिए हैं।
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एसओ पिसावां भानुप्रताप सिंह ने बताया कि बालक के लापता होने के मामले में गुमशुदगी दर्ज कर ली गई है। संदिग्ध नंबरों को सर्विलांस पर लगाकर पुलिस आगे की कार्रवाई कर रही है। पीड़ित बृजेश का कहना है कि यह उसका पहला बेटा गायब नहीं हुआ है, इससे पहले भी करीब पांच साल पहले भी 12 साल का उसका बड़ा बेटा हिमांशु लापता हो गया था, लेकिन उसका आज तक कोई सुराग नहीं लग सका।
उसका पता लगाने के लिए उसने काफी दौड़ भाग की। मदद मांगी, लेकिन कहीं सुनवाई नहीं हुई। अब दूसरा बेटा भी चला गया। ऊपर से पिसावां पुलिस का ऐसा रवैया, जो सोचने पर मजबूर कर दे रहा है।
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पिसावां इलाके के रमखेरा निवासी बृजेश कुमार का 12 साल का बेटा उपेंद्र कुमार बीती 23 सितंबर को घर से निकलने के बाद लापता हो गया। काफी तलाश के बाद पता नहीं चलने पर पिता ने थाने पर पहुंचकर मदद मांगी। बृजेश का कहना है कि वह बेटे की तलाश के लिए चार दिनों तक थाने के चक्कर लगाता रहा, लेकिन पुलिस ने उसकी एक नहीं सुनी। परेशान होकर वह शुक्रवार को एसपी आरपी सिंह के पास पहुंचा और पूरे मामले की जानकारी देते हुए बेटे का पता लगाने में मदद की गुहार लगाई।
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सूत्र बताते हैं कि मामला संज्ञान में आते ही एसपी ने थाने से पूरे मामले की जानकारी ली। इसके बाद मामले में लापरवाही मिलने पर पिसावां कस्बे के हल्का इंचार्ज खालिद, सिपाही नसीम को लाइन हाजिर कर दिया है। एसपी ने मामले में गुमशुदगी दर्ज कर बालक की तलाश के आदेश एसओ को दिए हैं।
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एसओ पिसावां भानुप्रताप सिंह ने बताया कि बालक के लापता होने के मामले में गुमशुदगी दर्ज कर ली गई है। संदिग्ध नंबरों को सर्विलांस पर लगाकर पुलिस आगे की कार्रवाई कर रही है। पीड़ित बृजेश का कहना है कि यह उसका पहला बेटा गायब नहीं हुआ है, इससे पहले भी करीब पांच साल पहले भी 12 साल का उसका बड़ा बेटा हिमांशु लापता हो गया था, लेकिन उसका आज तक कोई सुराग नहीं लग सका।
उसका पता लगाने के लिए उसने काफी दौड़ भाग की। मदद मांगी, लेकिन कहीं सुनवाई नहीं हुई। अब दूसरा बेटा भी चला गया। ऊपर से पिसावां पुलिस का ऐसा रवैया, जो सोचने पर मजबूर कर दे रहा है।