{"_id":"673ce43ff77a0e0c8101a027","slug":"the-accused-dug-up-10-thousand-cubic-meters-of-soil-sitapur-news-c-102-1-slko1037-122201-2024-11-20","type":"story","status":"publish","title_hn":"Sitapur News: आरोपियों ने खोद डाली 10 हजार घनमीटर मिट्टी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Sitapur News: आरोपियों ने खोद डाली 10 हजार घनमीटर मिट्टी
Wed, 20 Nov 2024 12:47 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सीतापुर
संवाद न्यूज एजेंसी, सीतापुर
Updated Wed, 20 Nov 2024 12:47 AM IST
विज्ञापन
सीतापुर। रामकोट के धनईखेड़ा में खनन माफिया ने करीब 10 घनमीटर मिट्टी खोद डाली थी। जिलाधिकारी अभिषेक आनंद के निर्देश पर नायब तहसीलदार अतुल सेन के नेतृत्व में विशेष जांच टीम ने धनईखेड़ा की जांच की। जांच टीम की रिपोर्ट चौंकाने वाली है।
दरअसल, खनन की सूचना मिलने पर खनन अधिकारी छह नवंबर को धनईखेड़ा में जांच करने पहुंची थीं। इस दौरान जेसीबी से खनन हो रहा था। उन्होंने वीडियो बनाया तो आरोपियों ने छेड़छाड़ के साथ अभद्रता की थी। मोबाइल भी तोड़ दिया था।
मामले का संज्ञान लेकर डीएम ने सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए थे। साथ ही खनन की जांच करने को कहा था। नायब तहसीलदार अतुल सेन के नेतृत्व में विशेष जांच टीम ने खनन की जांच की। इस रिपोर्ट के मुताबिक आरोपियों ने करीब दस घन मीटर तक अवैध खनन कर डाला था। इसमें विशेष रूप से सरकारी ऊसर बंजर व पिरई नदी की जमीन शामिल है। रिपोर्ट के अनुसार धनई खेड़ा की गाटा संख्या 124 खतौनी में ऊसर दर्ज है।
विज्ञापन
इस गाटा संख्या का क्षेत्रफल 1.019 हेक्टेयर है। यह सरकारी भूमि है और यहां अवैध रूप से खनन के पुख्ता प्रमाण मिले हैं। आरोपियों ने इस गाटा संख्या में 4992 घन मीटर तक खनन कर डाला है। वहीं, धनईखेड़ा का गाटा संख्या 239 पिरई नदी के नाम दर्ज है। इसके एक हिस्से में अवैध खनन किया गया। वहीं, मौके पर नाले के रूप में मिले दूसरे हिस्से को पाटकर ऊपर से रास्ता बनाया गया। अवैध खनन के आरोपियों की इस करतूत से पिरई नदी का बहाव भी अवरुद्ध हुआ है।
जिसका अनुज्ञा पत्र, वहां भी मानक विपरीत खनन
धनईखेड़ा का गाटा संख्या 125 अवधेश कुमार आदि के नाम खतौनी में दर्ज है। इसका कुल क्षेत्रफल 1.769 हेक्टेयर है। इसके सापेक्ष 26 अक्तूबर से 26 नवंबर तक खनन अनुज्ञा संख्या पत्र एनओसी/डीई/2023/11/18/287172 दिवाकर प्रसाद के नाम जारी हुआ था। जांच रिपोर्ट के मुताबिक इस अनुज्ञा पत्र को आधार बनाकर दिवाकर प्रसाद के साथ अवैध रूप से खनन अधिकारी पर हमले का मुख्य आरोपी अरजीत शुक्ला नामक शख्स भी रात में खनन कर रहा था। जांच टीम के पूछने पर कई ग्रामीणों ने भी इसकी पुष्टि की है। गाटा संख्या 125 पर 4794 घनमीटर खनन मिला है। यहां मानक के विपरीत रात में अवैध खनन होना पाया गया। वहीं, इस गाटा संख्या पर मानक विपरीत तीन मीटर गहरा खनन किया गया है। मौके पर अनुज्ञा का कोई साइन बोर्ड भी नहीं मिला है।
मंडलायुक्त कार्यालय भी सक्रिय
इस पूरे प्रकरण पर मंडलायुक्त कार्यालय से भी नजर रखी जा रही है। मंडलायुक्त डॉ. रोशन जैकब इस पूरे मामले की जांच रिपोर्ट पर नजर बनाए हैं। सूत्रों की मानें तो इस पूरे मामले की एक गोपनीय रिपोर्ट दिल्ली स्थित गृह मंत्रालय भी भेजी गई है। आरोपियों पर कड़ी कार्रवाई की तैयारी है।
खनन कार्यालय की सुरक्षा दुरुस्त
जिला खनन कार्यालय की सुरक्षा व्यवस्था को दुरुस्त किया जा रहा है। कार्यालय को सीसीटीवी कैमरों से लैस किया गया है। वहीं, महिला खनन अधिकारी के आवास के आसपास भी कैमरों को दुरुस्त किया गया है जिससे अराजकतत्वों पर नजर रखी जा सके। बता दें कि रामकोट पुलिस ने खनन करते समय पकड़े गए तीन आराेपियों डंपर चालक आकाश, जेसीबी चालक राजकुमार व सहयोगी नरेंद्र को गिरफ्तार कर लिया है।
विज्ञापन
दरअसल, खनन की सूचना मिलने पर खनन अधिकारी छह नवंबर को धनईखेड़ा में जांच करने पहुंची थीं। इस दौरान जेसीबी से खनन हो रहा था। उन्होंने वीडियो बनाया तो आरोपियों ने छेड़छाड़ के साथ अभद्रता की थी। मोबाइल भी तोड़ दिया था।
विज्ञापन
मामले का संज्ञान लेकर डीएम ने सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए थे। साथ ही खनन की जांच करने को कहा था। नायब तहसीलदार अतुल सेन के नेतृत्व में विशेष जांच टीम ने खनन की जांच की। इस रिपोर्ट के मुताबिक आरोपियों ने करीब दस घन मीटर तक अवैध खनन कर डाला था। इसमें विशेष रूप से सरकारी ऊसर बंजर व पिरई नदी की जमीन शामिल है। रिपोर्ट के अनुसार धनई खेड़ा की गाटा संख्या 124 खतौनी में ऊसर दर्ज है।
विज्ञापन
इस गाटा संख्या का क्षेत्रफल 1.019 हेक्टेयर है। यह सरकारी भूमि है और यहां अवैध रूप से खनन के पुख्ता प्रमाण मिले हैं। आरोपियों ने इस गाटा संख्या में 4992 घन मीटर तक खनन कर डाला है। वहीं, धनईखेड़ा का गाटा संख्या 239 पिरई नदी के नाम दर्ज है। इसके एक हिस्से में अवैध खनन किया गया। वहीं, मौके पर नाले के रूप में मिले दूसरे हिस्से को पाटकर ऊपर से रास्ता बनाया गया। अवैध खनन के आरोपियों की इस करतूत से पिरई नदी का बहाव भी अवरुद्ध हुआ है।
जिसका अनुज्ञा पत्र, वहां भी मानक विपरीत खनन
धनईखेड़ा का गाटा संख्या 125 अवधेश कुमार आदि के नाम खतौनी में दर्ज है। इसका कुल क्षेत्रफल 1.769 हेक्टेयर है। इसके सापेक्ष 26 अक्तूबर से 26 नवंबर तक खनन अनुज्ञा संख्या पत्र एनओसी/डीई/2023/11/18/287172 दिवाकर प्रसाद के नाम जारी हुआ था। जांच रिपोर्ट के मुताबिक इस अनुज्ञा पत्र को आधार बनाकर दिवाकर प्रसाद के साथ अवैध रूप से खनन अधिकारी पर हमले का मुख्य आरोपी अरजीत शुक्ला नामक शख्स भी रात में खनन कर रहा था। जांच टीम के पूछने पर कई ग्रामीणों ने भी इसकी पुष्टि की है। गाटा संख्या 125 पर 4794 घनमीटर खनन मिला है। यहां मानक के विपरीत रात में अवैध खनन होना पाया गया। वहीं, इस गाटा संख्या पर मानक विपरीत तीन मीटर गहरा खनन किया गया है। मौके पर अनुज्ञा का कोई साइन बोर्ड भी नहीं मिला है।
मंडलायुक्त कार्यालय भी सक्रिय
इस पूरे प्रकरण पर मंडलायुक्त कार्यालय से भी नजर रखी जा रही है। मंडलायुक्त डॉ. रोशन जैकब इस पूरे मामले की जांच रिपोर्ट पर नजर बनाए हैं। सूत्रों की मानें तो इस पूरे मामले की एक गोपनीय रिपोर्ट दिल्ली स्थित गृह मंत्रालय भी भेजी गई है। आरोपियों पर कड़ी कार्रवाई की तैयारी है।
खनन कार्यालय की सुरक्षा दुरुस्त
जिला खनन कार्यालय की सुरक्षा व्यवस्था को दुरुस्त किया जा रहा है। कार्यालय को सीसीटीवी कैमरों से लैस किया गया है। वहीं, महिला खनन अधिकारी के आवास के आसपास भी कैमरों को दुरुस्त किया गया है जिससे अराजकतत्वों पर नजर रखी जा सके। बता दें कि रामकोट पुलिस ने खनन करते समय पकड़े गए तीन आराेपियों डंपर चालक आकाश, जेसीबी चालक राजकुमार व सहयोगी नरेंद्र को गिरफ्तार कर लिया है।