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Sitapur News: व्यवस्था बेपटरी, 320 गांवों में 12 घंटे ठप रही बिजली आपूर्ति
Mon, 21 Sep 2026 12:27 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सीतापुर
संवाद न्यूज एजेंसी, सीतापुर
Updated Mon, 21 Sep 2026 12:27 AM IST
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फाल्ट दुरुस्त करता कर्मी। -संवाद
सीतापुर। जिले में बिजली आपूर्ति व्यवस्था बेपटरी हो गई है। तंबौर उपकेंद्र से जुड़े करीब 320 गांवों में रविवार को 12 घंटे बिजली आपूर्ति बंद रही। इससे करीब तीन लाख की आबादी प्रभावित हुई। घरों में पानी का संकट खड़ा हो गया। उद्योग-धंधे ठप हो गए। गर्मी में इलेक्ट्राॅनिक उपकरण बंद होने से उमस से लोग परेशान रहे। उधर, शहर में 25 से अधिक मोहल्लों में दो घंटे बिजली आपूर्ति बंद होने से लोगों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा।
तंबौर उपकेंद्र से जुड़े फीडरों की बिजली सुबह आठ बजे बंद कर दी गई। इस दौरान तंबौर-लहरपुर मार्ग पर तारों पर आ रहे पेड़ों की डालियों की छंटाई की गई। उपभोक्ता मोहित व राकेश ने बताया कि एक सप्ताह से बहुत ही समस्या बनी हुई है। 24 घंटे में मुश्किल से 12 से 14 घंटे ही बिजली मिल पा रही है। रोस्टर के मुताबिक आपूर्ति बहुत ही मुश्किल हो गई है।
व्यापारी हर्ष व रामनरेश ने बताया कि दिनभर बिजली नहीं आई। इससे काफी नुकसान उठाना पड़ा। बिजली विभाग अगर दो से तीन घंटे ही आपूर्ति बंद करे तो कारोबार प्रभावित नहीं होता है। बिजली न आने से इस इलाके की प्लाईवुड फैक्टरियों में कामकाज ठप रहा। कुछ जगहों पर जनरेटर चलते हुए नजर आए।
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रामू ने बताया कि रविवार को आराम करने का मन बनाया था, लेकिन बिजली नहीं आई तो टीबी का भी आनंद नहीं उठा सके। कूलर व एसी बंद होने से गर्मी में बहुत परेशानी हुई। इन्वर्टर तीन घंटे में ही डिस्चार्ज हो गए। शाम आठ बजे आपूर्ति बहाल होने पर लोगों ने राहत की सांस ली।
उधर, शहर के पुराना सीतापुर उपकेंद्र में मरम्मत का काम चला। इसके चलते सुबह 11 से दोपहर एक बजे तक बिजली आपूर्ति बंद कर दी गई। व्यापारी सैदू ने बताया कि इस दौरान बेकरी का कारखाना बंद रहा। अगर जनरेटर से चलाते तो लागत निकालना भी मुश्किल हो जाता है।
उन्होंने बताया कि रोजाना चार से पांच घंटे की कटौती हो रही है। कभी लाइन फॉल्ट तो कहीं जंपर उड़ने व तार टूटने की वजह से आपूर्ति प्रभावित हो रही है। अधीक्षण अभियंता ललित कृष्ण ने बताया कि मरम्मत के चलते शटडाउन लिया गया था। कार्य पूर्ण होने के बाद बिजली आपूर्ति बहाल कर दी गई।
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तंबौर उपकेंद्र से जुड़े फीडरों की बिजली सुबह आठ बजे बंद कर दी गई। इस दौरान तंबौर-लहरपुर मार्ग पर तारों पर आ रहे पेड़ों की डालियों की छंटाई की गई। उपभोक्ता मोहित व राकेश ने बताया कि एक सप्ताह से बहुत ही समस्या बनी हुई है। 24 घंटे में मुश्किल से 12 से 14 घंटे ही बिजली मिल पा रही है। रोस्टर के मुताबिक आपूर्ति बहुत ही मुश्किल हो गई है।
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व्यापारी हर्ष व रामनरेश ने बताया कि दिनभर बिजली नहीं आई। इससे काफी नुकसान उठाना पड़ा। बिजली विभाग अगर दो से तीन घंटे ही आपूर्ति बंद करे तो कारोबार प्रभावित नहीं होता है। बिजली न आने से इस इलाके की प्लाईवुड फैक्टरियों में कामकाज ठप रहा। कुछ जगहों पर जनरेटर चलते हुए नजर आए।
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रामू ने बताया कि रविवार को आराम करने का मन बनाया था, लेकिन बिजली नहीं आई तो टीबी का भी आनंद नहीं उठा सके। कूलर व एसी बंद होने से गर्मी में बहुत परेशानी हुई। इन्वर्टर तीन घंटे में ही डिस्चार्ज हो गए। शाम आठ बजे आपूर्ति बहाल होने पर लोगों ने राहत की सांस ली।
उधर, शहर के पुराना सीतापुर उपकेंद्र में मरम्मत का काम चला। इसके चलते सुबह 11 से दोपहर एक बजे तक बिजली आपूर्ति बंद कर दी गई। व्यापारी सैदू ने बताया कि इस दौरान बेकरी का कारखाना बंद रहा। अगर जनरेटर से चलाते तो लागत निकालना भी मुश्किल हो जाता है।
उन्होंने बताया कि रोजाना चार से पांच घंटे की कटौती हो रही है। कभी लाइन फॉल्ट तो कहीं जंपर उड़ने व तार टूटने की वजह से आपूर्ति प्रभावित हो रही है। अधीक्षण अभियंता ललित कृष्ण ने बताया कि मरम्मत के चलते शटडाउन लिया गया था। कार्य पूर्ण होने के बाद बिजली आपूर्ति बहाल कर दी गई।