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आजम का हाल जानने के लिए भी नहीं पहुंचे कद्दावर सपा नेता
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सीतापुर। आजम खां की रिहाई के बाद सूबे की सियासत नई करवट ले सकती है, इसकी चर्चा तेज है। नए राजनीतिक समीकरणों की भी चर्चा तेज है। लगातार 27 महीने से जेल में बंद आजम खां को वह दौर भी देखना पड़ा, जिसकी शायद उन्होंने कल्पना भी नहीं की होगी। आजम जिस पार्टी के कद्दावर नेता कहे जाते हैं, आरोप है कि उनकी ही पार्टी के मुखिया ने काफी समय तक उनका हाल जानने की कोशिश भी नहीं की। जिस तरह समाजवादी पार्टी से आजम खां की नाराजगी जाहिर हो रही थी, शुक्रवार को भी कुछ ऐसा ही देखने को मिला। एक समय पर आजम से मुलाकात को तरसने वाले सपा के विधायक और नेता उनकी रिहाई होने पर कहीं दिखाई नहीं पडे़।
ऐसा नहीं है कि जिले में सपा नेताओं की कमी है। वर्ष 2012 में जब सपा सरकार बनी थी तो सीतापुर समाजवादी के गढ़ के रूप में निकलकर सामने आया था। महोली, सदर, महमूूदाबाद ऐसी विधानसभा सीटों पर सपा के कद्दावर नेता विधायक बने थे। इसके बाद भी आजम खां से मिलने के लिए कारागार पर मौजूद लहरपुर विधायक को छोड़ कर कोई भी सपा नेता या पूर्व विधायक नजर नहीं आया। हालांकि पुलिस ने आजम खां के समर्थकों को गेट से हटा दिया था। लेकिन ये वह समर्थक थे जो गैर जनपद से आए हुए थे। इससे पहले भी गेट पर समाजवादी पार्टी का कोई बड़ा चेहरा देखने के नहीं मिला।
पूरे परिवार ने झेली परेशानियां
उनके साथ उनकी पत्नी और बेटे ने भी काफी परेशानी झेली। उनकी पत्नी तंजीम फातिमा एक बार जिला कारागार में गिर गई थीं तो उनकी कमर में काफी चोटें आईं थीं। आजम खां को भी कोविड हो गया था। काफी दिन तक उनका इलाज भी चला।
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गुप्ता परिवार के साथ गुजरा आधा घंटा
आजम खां सीधे रामपुर रवाना न होकर पूर्व सपा विधायक अनूप गुप्ता के यहां करीब आधा घंटे तक रुके रहे। यहां उनके समर्थकों की भीड़ जमा रही। आजम खां ने अनूप गुप्ता से उनके परिवार का हाल जाना। जेल से निकलने के बाद अनूप के घर हुई मुलाकात के कई मायने निकाले जा रहे हैं। ऐसा माना जा रहा है कि गुप्ता परिवार आजम खां का काफी करीबी रहा है। जब से आजम खां जेल में बंद हुए हैं तब से गुप्ता परिवार ने उनकी काफी मदद की है। अक्सर आजम के बेटे अनूप के घर आते रहे हैं। इससे पहले अब्दुल्ला की रिहाई हुई थी, तब भी वह काफी देर तक अनूप गुप्ता के घर पर रुके थे।
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ऐसा नहीं है कि जिले में सपा नेताओं की कमी है। वर्ष 2012 में जब सपा सरकार बनी थी तो सीतापुर समाजवादी के गढ़ के रूप में निकलकर सामने आया था। महोली, सदर, महमूूदाबाद ऐसी विधानसभा सीटों पर सपा के कद्दावर नेता विधायक बने थे। इसके बाद भी आजम खां से मिलने के लिए कारागार पर मौजूद लहरपुर विधायक को छोड़ कर कोई भी सपा नेता या पूर्व विधायक नजर नहीं आया। हालांकि पुलिस ने आजम खां के समर्थकों को गेट से हटा दिया था। लेकिन ये वह समर्थक थे जो गैर जनपद से आए हुए थे। इससे पहले भी गेट पर समाजवादी पार्टी का कोई बड़ा चेहरा देखने के नहीं मिला।
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पूरे परिवार ने झेली परेशानियां
उनके साथ उनकी पत्नी और बेटे ने भी काफी परेशानी झेली। उनकी पत्नी तंजीम फातिमा एक बार जिला कारागार में गिर गई थीं तो उनकी कमर में काफी चोटें आईं थीं। आजम खां को भी कोविड हो गया था। काफी दिन तक उनका इलाज भी चला।
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गुप्ता परिवार के साथ गुजरा आधा घंटा
आजम खां सीधे रामपुर रवाना न होकर पूर्व सपा विधायक अनूप गुप्ता के यहां करीब आधा घंटे तक रुके रहे। यहां उनके समर्थकों की भीड़ जमा रही। आजम खां ने अनूप गुप्ता से उनके परिवार का हाल जाना। जेल से निकलने के बाद अनूप के घर हुई मुलाकात के कई मायने निकाले जा रहे हैं। ऐसा माना जा रहा है कि गुप्ता परिवार आजम खां का काफी करीबी रहा है। जब से आजम खां जेल में बंद हुए हैं तब से गुप्ता परिवार ने उनकी काफी मदद की है। अक्सर आजम के बेटे अनूप के घर आते रहे हैं। इससे पहले अब्दुल्ला की रिहाई हुई थी, तब भी वह काफी देर तक अनूप गुप्ता के घर पर रुके थे।