Sitapur Election 2024 Result: सीतापुर लोकसभा सीट पर गठबंधन प्रत्याशी राकेश राठौर 89641 मतों से जीते
सीतापुर संसदीय सीट पर इंडिया गठबंधन के कांग्रेस प्रत्याशी राकेश राठौर ने 89 हजार 641 मतों से जीत हासिल की। उन्होंने 5 लाख 31 हजार 138 मत हासिल किए। वहीं, भाजपा प्रत्याशी राजेश वर्मा ने 4 लाख 41 हजार 497 मत प्राप्त किए।
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सीतापुर संसदीय सीट पर इंडिया गठबंधन के कांग्रेस प्रत्याशी राकेश राठौर ने 89 हजार 641 मतों से जीत हासिल की। उन्होंने 5 लाख 31 हजार 138 मत हासिल किए। वहीं, भाजपा प्रत्याशी राजेश वर्मा ने 4 लाख 41 हजार 497 मत प्राप्त किए।
यह जीत मौजूदा केंद्र व राज्य सरकार की योजनाओं के प्रति नाराजगी के कारण मिली है। इस जीत में बेरोजगारी, बढ़ती महंगाई का जैसे मुद्दों का महत्वपूर्ण योगदान रहा। ऐसा मानना है किसान, युवा, नौकरीपेशा व गरीब महिलाओं का। जिन्होंने अपने वोट की ताकत से जिले का परिणाम बदल दिया है।
कांग्रेस प्रत्याशी राकेश राठौर की जीत पर किसान नरेंद्र शुक्ल कहते हैं कि भाजपा ने किसान सम्मान योजना जरूर शुरू की है। एक तरफ कुछ लाभ तो जरूर मिला, लेकिन फसल पैदा करने के लिए डीजल, बिजली, खाद सब कुछ महंगा हो गया। इससे किसान की कमर टूट गई है। युवा सौरभ मिश्रा बताते हैं कि टीईटी पास कर चुका हूं। भर्ती नहीं निकल रही है। अब तो उम्र भी बढ़ती जा रही है। इससे युवा बहुत परेशान थे।
उधर, मोहित कहते हैं कि सेना में अधिकतर ग्रामीण इलाके के युवाओं को जाने का सपना होता है। लेकिन केंद्र सरकार ने अग्निवीर जैसी योजना लाकर युवाओं के सपने तोड़ दिए। इससे युवाओं में काफी आक्रोश था। वहीं पुलिस भर्ती निकली तो पर्चा लीक हो गया। इससे युवाओं के सपने धरे के धरे रहे गए। इससे परेशान होकर भाजपा से हम लोगों ने किनारा कर लिया।
20 साल बाद भाजपा को लाए थे और 33 साल बाद कांग्रेस को दिलाई जीत
लोकसभा सीट सीतापुर से सांसद बने राकेश राठौर का जिले की राजनीति में काफी अनुभव रहा है। वह विधानसभा चुनाव जीतकर सदर सीट पर 20 साल बाद कमल खिलाया था। वहीं 33 साल बाद कांग्रेस की झोली में यह सीट डाल दी है। 2012 के विधानसभा चुनाव में भाजपा ने सदर सीट से राकेश राठौर को प्रत्याशी बनाया था। इन्होंने भाजपा के सपनों को साकार कर दिया। सपा से लगातार तीन बार विधायक रहे राधेश्याम जायसवाल से यह सीट छीन ली थी।
अगले विधानसभा चुनाव में 2017 से पहले इन्होंने भाजपा छोड़कर सपा में शामिल हो गए थे। लेकिन सपा ने फिर से राधेश्याम जायसवाल को टिकट दे दिया था। इसके बाद 2024 के चुनाव में कांग्रेस से टिकट हासिल करने में कामयाब रहे। हालांकि कांग्रेस ने पहले लिस्ट में इन्हें टिकट न देकर नकुल दुबे को दे दिया था। लेकिन नकुल दुबे के भारी विरोध के चलते इनका टिकट काटकर राकेश राठौर को सौंप दिया। 33 साल बाद इन्होंने कांग्रेस की झोली में यह सीट डालकर विजय पताका लहराई है।