{"_id":"64b40c2658d94bc2a00cf066","slug":"shankarpurwa-village-empty-families-migrated-sitapur-news-c-13-1-337358-2023-07-16","type":"story","status":"publish","title_hn":"Sitapur News: शंकरपुरवा गांव खाली, परिवारों ने किया पलायन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Sitapur News: शंकरपुरवा गांव खाली, परिवारों ने किया पलायन
Sun, 16 Jul 2023 08:56 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सीतापुर
संवाद न्यूज एजेंसी, सीतापुर
Updated Sun, 16 Jul 2023 08:56 PM IST
विज्ञापन
रामपुर मथुरा/सीतापुर। सरयू व शारदा नदियों में पानी का उतार-चढ़ाव जारी है। सरयू का जलस्तर रविवार को 118.30 मीटर दर्ज किया गया। शनिवार की तुलना में पानी 10 सेमी. घटा है। इसके बाद भी कटान नहीं थम रही है। वहीं, तीनों बैराजों से रविवार को नदी में 2,54,709 क्यूसेक पानी फिर छोड़ा गया है। बैराजों से लगातार छोड़ा जा रहा पानी तराई क्षेत्र के बाशिंदों की बेचैनी बढ़ा रहा है।
सरयू के जलस्तर में 10 सेमी. की कमी होने के साथ कटान भी कुछ धीमी हुई। हालांकि शंकरपुरवा लहरों के निशाने पर है। यहां के अमरजीत का मकान आधे से अधिक कट चुका है। कटान के भय से शंकरपुरवा में रहने वाले सभी आठ परिवार गांव से पलायन कर चुके हैं। यहां के शंकर, हरिश्चंद्र व लालसा ने बताया कि शंकरपुरवा को कटान से बचाने के लिए कोई ठोस प्रयास नहीं किए जा रहे हैं। यहां के अमरजीत का मकान लीलने को लहरें बेताब हैं।
नदी की धारा अब अब महेंद्र, मदनपाल, शंकर, सुरेंद्र, बिंदू , रमेश, हरिशंकर तथा नारायण के मकानों की ओर बढ़ रही है। वहीं, सोनरख पुरैना में भी लहरें आबादी की ओर बढ़ रही हैं। अखरी में जुगुल किशोर के घर के पास हो रही कटान में रविवार को कुछ कमी आई है।
विज्ञापन
इस गांव के पास के खेतों में कटान हो रही है। वहीं अखरी को कटान से बचाने के लिए लगाई गई बांस की बाड़ से कोई फायदा मिलता नजर नहीं आ रहा है। बांस की बाड़ नदी में धंस गई है। ग्रामीणों के मुताबिक बाढ़ आई तो हालात पहले की तरह बिगड़ सकते हैं। उधर, तीनों बैराजों से रविवार को फिर 2,54,709 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। इससे तराई में बसे करीब 25 गांवों के लोग संभावित बाढ़ को लेकर भयभीत हैं।
किस बैराज से छोड़ा गया कितना पानी
घाघरा बैराज- 1,11,207 क्यूसेक
शारदा बैराज- 1,09,035 क्यूसेक
बनबसा बैैराज- 34,467 क्यूसेक
हालात पर रखी जा रही नजर
सरयू के तटवर्ती इलाके में हालात काबू में हैं। जलस्तर में उतार-चढ़ाव हो रहा है। बाढ़ जैसी कोई स्थिति नहीं है। कटान भी धीमी हो गई है। हालात पर लगातार नजर रखी जा रही है।
सुखवीर सिंह, तहसीलदार, महमूदाबाद
विज्ञापन
सरयू के जलस्तर में 10 सेमी. की कमी होने के साथ कटान भी कुछ धीमी हुई। हालांकि शंकरपुरवा लहरों के निशाने पर है। यहां के अमरजीत का मकान आधे से अधिक कट चुका है। कटान के भय से शंकरपुरवा में रहने वाले सभी आठ परिवार गांव से पलायन कर चुके हैं। यहां के शंकर, हरिश्चंद्र व लालसा ने बताया कि शंकरपुरवा को कटान से बचाने के लिए कोई ठोस प्रयास नहीं किए जा रहे हैं। यहां के अमरजीत का मकान लीलने को लहरें बेताब हैं।
विज्ञापन
नदी की धारा अब अब महेंद्र, मदनपाल, शंकर, सुरेंद्र, बिंदू , रमेश, हरिशंकर तथा नारायण के मकानों की ओर बढ़ रही है। वहीं, सोनरख पुरैना में भी लहरें आबादी की ओर बढ़ रही हैं। अखरी में जुगुल किशोर के घर के पास हो रही कटान में रविवार को कुछ कमी आई है।
विज्ञापन
इस गांव के पास के खेतों में कटान हो रही है। वहीं अखरी को कटान से बचाने के लिए लगाई गई बांस की बाड़ से कोई फायदा मिलता नजर नहीं आ रहा है। बांस की बाड़ नदी में धंस गई है। ग्रामीणों के मुताबिक बाढ़ आई तो हालात पहले की तरह बिगड़ सकते हैं। उधर, तीनों बैराजों से रविवार को फिर 2,54,709 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। इससे तराई में बसे करीब 25 गांवों के लोग संभावित बाढ़ को लेकर भयभीत हैं।
किस बैराज से छोड़ा गया कितना पानी
घाघरा बैराज- 1,11,207 क्यूसेक
शारदा बैराज- 1,09,035 क्यूसेक
बनबसा बैैराज- 34,467 क्यूसेक
हालात पर रखी जा रही नजर
सरयू के तटवर्ती इलाके में हालात काबू में हैं। जलस्तर में उतार-चढ़ाव हो रहा है। बाढ़ जैसी कोई स्थिति नहीं है। कटान भी धीमी हो गई है। हालात पर लगातार नजर रखी जा रही है।
सुखवीर सिंह, तहसीलदार, महमूदाबाद