{"_id":"61101c758ebc3e7b993d53cb","slug":"seven-families-left-home-due-to-fear-of-erosion-sitapur-news-lko5905014175","type":"story","status":"publish","title_hn":"कटान के डर से सात परिवारों ने छोड़ा घर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
कटान के डर से सात परिवारों ने छोड़ा घर
विज्ञापन
बिसवां तहसील में सिंचाई विभाग द्वारा बाढ़ से बचाव के लिए डाले जा रहे स्टंड। (संवाद)
- फोटो : SITAPUR
सीतापुर। बिसवां तहसील में शारदा व सरयू नदी का जलस्तर कम हो रहा है, लेकिन कटान तेज हो गई है। परमेश्वरपुरवा में कटान के डर से सात परिवार अपना घर तोड़कर पलायन कर गए। इन लोगों ने अपने खेत में ही आशियाना बना लिया है।
तराई इलाके में बह रही शारदा व सरयू नदी के जलस्तर कम होता जा रहा है। पानी की वजह से राहत तो मिली है। लेकिन तेजी से हो रहे कटान से मुसीबतें बढ़ती जा रही है। परमेश्वरपुरवा के पास नदी तेज कटान कर रही है। यहां पर रामचंद्र ने कटान की वजह से रविवार को अपना पक्का मकान तोड़ डाला। वह गांव छोड़कर पलायन कर गए है। मौजीलाल, प्रथ्वीपाल, श्रीकेशन, संदीप, कमलेश व उमेश भी कटान की जद में आ गए है। इन लोगों की गांव में झोपड़ी पड़ी हुई थी। इन झोपड़ियों में ही रहते थे।
कटान की जद में आने से इनकी झोपड़ी कट गई है। यह लोग पड़ोस में ही अपने खेत में आशियाना बनाया है। जबकि परमेश्वरपुरवा के पश्चिम में करीब 10 बीघा परती जमीन कटान में समा गई।
विज्ञापन
तहसीलदार अभिचल प्रताप सिंह ने बताया कि अब नदियों का जलस्तर स्थिर रहने की उम्मीद है। कटान पीड़ित 142 लोगों को आर्थिक मदद पहुंचाई जा चुकी है। अधिशासी अभियंता सिंचाई विशाल पोरवाल ने बताया कि नेपाल व उत्तराखंड से आने वाला नदियों में पानी जिले में सही तरीके से पास हो रहा है। स्थितियां सामान्य बनी हुई है। लीलापुरवा, बरछता, बढ़ईनपुरवा, कमरिया शेखूपुर व चौकीपुरवा में बाढ़ से बचाव के कार्य कराए जा रहे है।
विज्ञापन
तराई इलाके में बह रही शारदा व सरयू नदी के जलस्तर कम होता जा रहा है। पानी की वजह से राहत तो मिली है। लेकिन तेजी से हो रहे कटान से मुसीबतें बढ़ती जा रही है। परमेश्वरपुरवा के पास नदी तेज कटान कर रही है। यहां पर रामचंद्र ने कटान की वजह से रविवार को अपना पक्का मकान तोड़ डाला। वह गांव छोड़कर पलायन कर गए है। मौजीलाल, प्रथ्वीपाल, श्रीकेशन, संदीप, कमलेश व उमेश भी कटान की जद में आ गए है। इन लोगों की गांव में झोपड़ी पड़ी हुई थी। इन झोपड़ियों में ही रहते थे।
विज्ञापन
कटान की जद में आने से इनकी झोपड़ी कट गई है। यह लोग पड़ोस में ही अपने खेत में आशियाना बनाया है। जबकि परमेश्वरपुरवा के पश्चिम में करीब 10 बीघा परती जमीन कटान में समा गई।
विज्ञापन
तहसीलदार अभिचल प्रताप सिंह ने बताया कि अब नदियों का जलस्तर स्थिर रहने की उम्मीद है। कटान पीड़ित 142 लोगों को आर्थिक मदद पहुंचाई जा चुकी है। अधिशासी अभियंता सिंचाई विशाल पोरवाल ने बताया कि नेपाल व उत्तराखंड से आने वाला नदियों में पानी जिले में सही तरीके से पास हो रहा है। स्थितियां सामान्य बनी हुई है। लीलापुरवा, बरछता, बढ़ईनपुरवा, कमरिया शेखूपुर व चौकीपुरवा में बाढ़ से बचाव के कार्य कराए जा रहे है।