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लखीमपुर जा रहे पूर्व कैबिनेट मंत्री काजी कमालपुर में रोके गये
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सीतापुर के अटरिया में प्रेस वार्ता करते सपा के पूर्व कैबिनेट मंत्री।
- फोटो : SITAPUR
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सीतापुर। लखीमपुर खीरी जिले की संपूर्णानगर इलाके में पूर्व विधायक की हत्या के बाद परिजनों से मिलने से जा रहे पूर्व कैबिनेट मंत्री व सपा नेता अभिषेक मिश्रा को रोकने में पुलिस को पसीने छूट गए। बावजूद इसके वह रास्ते, वाहन और कपड़े बदल कर शहर पार कर लखीमपुर के बॉर्डर के करीब तक पहुंचने में कामयाब रहे। हालांकि पुलिस ने घेराबंदी कर उन्हें इमलिया सुल्तानपुर थाना क्षेत्र के काजी कमालपुर के पास बैरिकेडिंग लगाकर रोक लिया। इसके बाद उन्हें वापस कर दिया गया। कुछ देर उन्हें अटरिया के पास ठहराया भी गया था।
पूर्व मंत्री अभिषेक मिश्रा के लखीमपुर जाने की जैसे ही पुलिस को भनक लगी वैसे ही सीतापुर सहित आसपास के जिलों की पुलिस को अलर्ट कर दिया गया। सूत्र बताते हैं कि सपा नेता अभिषेक मिश्रा सोमवार को इटौंजा पहुंचे। जहां लखनऊ की पुलिस ने उन्हें रोक लिया। वहीं से वापस कर दिया। लेकिन वह लुका छुपी का खेल करते हुए न सिर्फ लखनऊ की सीमा पार कर सीतापुर आ गए, बल्कि वह लखीमपुर की सीमा के करीब तक पहुंच गए। लखनऊ में रोके जाने के बाद उन्होंने चौपहिया वाहन छोड़ दिया। कपड़े भी बदल दिए। नेताओं वाले कपड़े उतार कर उन्होंने पैंट टीशर्ट पहन ली।
सूत्रों का दावा है कि वह बाइक के जरिए शॉर्टकट रास्तों से सीतापुर आ गए। यहां उन्होंने किसी दूसरी स्कॉर्पियो का प्रयोग किया। जिसके बाद वह जिला मुख्यालय होते हुए इमलिया सुल्तानपुर थाना पार करते हुए काजी कमालपुर पहुंच गए। लेकिन काजी कमालपुर की नाकेबंदी में वह रोक लिए गए। जहां एसडीएम सदर अमित भट्ट, सीओ सदर सहित अन्य पुलिस कर्मचारी व अधिकारी मौजूद थे। सपा नेता को वहां स्कॉर्पियो सहित कई कार्यकर्ताओं के साथ रोक लिया गया। जिसके बाद उन्हें पुलिस बल की मौजूदगी में अटरिया ले जाया गया। अटरिया स्थित एक मैरिज लॉन में कुछ देर ठहराया गया। जिसके बाद सीमा पार कर उन्हें लखनऊ वापस कर दिया गया।
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लखनऊ से लखीमपुर जाते समय पूर्व कैबिनेट मंत्री अभिषेक मिश्रा के स्वागत के लिए अटरिया, गोधना, सिधौली, कमलापुर में सपा नेता इंतजार कर रहे थे, लेकिन पुलिस की वजह से स्वागत नहीं हो सका। उधर, काजी कमालपुर से वापस आते समय अटरिया क्षेत्र के एक लान में उन्हें रोका गया। पूर्व मंत्री ने यहां प्रेस कांफ्रेंस में कहा कि लखीमपुर के पूर्व विधायक के अंतिम संस्कार में शामिल होने जा रहा था। वह मेरे घर के एक सदस्य की तरह थे। उत्तर प्रदेश की पुलिस ने हमें जाने नहीं दिया। इस सरकार में जंगल राज चल रहा है।
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पूर्व मंत्री अभिषेक मिश्रा के लखीमपुर जाने की जैसे ही पुलिस को भनक लगी वैसे ही सीतापुर सहित आसपास के जिलों की पुलिस को अलर्ट कर दिया गया। सूत्र बताते हैं कि सपा नेता अभिषेक मिश्रा सोमवार को इटौंजा पहुंचे। जहां लखनऊ की पुलिस ने उन्हें रोक लिया। वहीं से वापस कर दिया। लेकिन वह लुका छुपी का खेल करते हुए न सिर्फ लखनऊ की सीमा पार कर सीतापुर आ गए, बल्कि वह लखीमपुर की सीमा के करीब तक पहुंच गए। लखनऊ में रोके जाने के बाद उन्होंने चौपहिया वाहन छोड़ दिया। कपड़े भी बदल दिए। नेताओं वाले कपड़े उतार कर उन्होंने पैंट टीशर्ट पहन ली।
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सूत्रों का दावा है कि वह बाइक के जरिए शॉर्टकट रास्तों से सीतापुर आ गए। यहां उन्होंने किसी दूसरी स्कॉर्पियो का प्रयोग किया। जिसके बाद वह जिला मुख्यालय होते हुए इमलिया सुल्तानपुर थाना पार करते हुए काजी कमालपुर पहुंच गए। लेकिन काजी कमालपुर की नाकेबंदी में वह रोक लिए गए। जहां एसडीएम सदर अमित भट्ट, सीओ सदर सहित अन्य पुलिस कर्मचारी व अधिकारी मौजूद थे। सपा नेता को वहां स्कॉर्पियो सहित कई कार्यकर्ताओं के साथ रोक लिया गया। जिसके बाद उन्हें पुलिस बल की मौजूदगी में अटरिया ले जाया गया। अटरिया स्थित एक मैरिज लॉन में कुछ देर ठहराया गया। जिसके बाद सीमा पार कर उन्हें लखनऊ वापस कर दिया गया।
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लखनऊ से लखीमपुर जाते समय पूर्व कैबिनेट मंत्री अभिषेक मिश्रा के स्वागत के लिए अटरिया, गोधना, सिधौली, कमलापुर में सपा नेता इंतजार कर रहे थे, लेकिन पुलिस की वजह से स्वागत नहीं हो सका। उधर, काजी कमालपुर से वापस आते समय अटरिया क्षेत्र के एक लान में उन्हें रोका गया। पूर्व मंत्री ने यहां प्रेस कांफ्रेंस में कहा कि लखीमपुर के पूर्व विधायक के अंतिम संस्कार में शामिल होने जा रहा था। वह मेरे घर के एक सदस्य की तरह थे। उत्तर प्रदेश की पुलिस ने हमें जाने नहीं दिया। इस सरकार में जंगल राज चल रहा है।