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Sitapur News: नामांकन बढ़ाने में फिसड्डी 200 प्रधानाध्यापकों का रोका वेतन
Tue, 19 May 2026 11:37 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सीतापुर
संवाद न्यूज एजेंसी, सीतापुर
Updated Tue, 19 May 2026 11:37 PM IST
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सीतापुर। परिषदीय विद्यालयों में नये दाखिले कराने में दिलचस्पी न लेना कई प्रधानाध्यापकों पर भारी पड़ा। बीएसए अखिलेश प्रताप सिंह ने परिषदीय स्कूलों में बच्चों का नामांकन बढ़ाने में फिसड्डी रहने वाले दो सौ प्रधानाध्यापकों का मई माह का वेतन रोकने की कार्रवाई की है। बच्चों के नामांकन में यह कमी पिछले साल की तुलना में इस बार आई है।
एक अप्रैल से नए शैक्षिक सत्र का शुभारंभ हुआ था। इसके बाद से ही स्कूलों में बच्चों का नामांकन बढ़ाने के लिए स्कूल चलो अभियान चलाया जा रहा है। इसके तहत प्रधानाध्यापकों को निर्देश दिए गए थे कि वह अधिक से अधिक नामांकन कराएं। इसके बावजूद प्रधानाध्यापकों ने इसमें कोई खास रूचि नहीं दिखाई। बीएसए द्वारा की गई समीक्षा में सामने आया कि कई विद्यालयों में नामांकन की प्रगति काफी पीछे है। करीब 200 ऐसे विद्यालय मिले, जहां पर नामांकन करीब 50 से 70 फीसदी तक कम दर्ज हुआ है। इन प्रधानाध्यापकों को चिन्हित करते हुए कार्रवाई की गई हैं। बीएसए ने बताया कि नामांकन में रूचि न दिखाने वाले प्रधानाध्यापकों का मई माह का वेतन रोक दिया गया है। इन सभी को कई बार चेतावनी दी गई। इसके बाद भी लापरवाही बरतने के कारण ही वेतन रोकने की कार्रवाई तय की गई है।
यह है हालात
रेउसा का कंपोजिट विद्यालय सिरकिड़ा में पिछले साल 256 नामांकन हुए थे। इस साल महज चार नामांकन हुए है। 252 की कमी आई है। इसी तरह बेहटा के हजरतपुर के 142 नामांकन हुए थे। इस साल केवल 33 दाखिले किए गए हैं। हरगांव का भनवापुर में 130 नामांकन हुए थे। इस साल महज 46 बच्चों ने दाखिला कराया है। रेउसा के सीपतपुर में 113 नामांकन हुए थे। इस साल महज 33 हुए हैं। सिधौली के अलादतपुर में 60 नामांकन हुए थे। इस साल महज सात नामांकन हुए है। इसी तरह अन्य विद्यालयों में नामांकन की प्रगति बेहद कम रही है।
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एक अप्रैल से नए शैक्षिक सत्र का शुभारंभ हुआ था। इसके बाद से ही स्कूलों में बच्चों का नामांकन बढ़ाने के लिए स्कूल चलो अभियान चलाया जा रहा है। इसके तहत प्रधानाध्यापकों को निर्देश दिए गए थे कि वह अधिक से अधिक नामांकन कराएं। इसके बावजूद प्रधानाध्यापकों ने इसमें कोई खास रूचि नहीं दिखाई। बीएसए द्वारा की गई समीक्षा में सामने आया कि कई विद्यालयों में नामांकन की प्रगति काफी पीछे है। करीब 200 ऐसे विद्यालय मिले, जहां पर नामांकन करीब 50 से 70 फीसदी तक कम दर्ज हुआ है। इन प्रधानाध्यापकों को चिन्हित करते हुए कार्रवाई की गई हैं। बीएसए ने बताया कि नामांकन में रूचि न दिखाने वाले प्रधानाध्यापकों का मई माह का वेतन रोक दिया गया है। इन सभी को कई बार चेतावनी दी गई। इसके बाद भी लापरवाही बरतने के कारण ही वेतन रोकने की कार्रवाई तय की गई है।
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यह है हालात
रेउसा का कंपोजिट विद्यालय सिरकिड़ा में पिछले साल 256 नामांकन हुए थे। इस साल महज चार नामांकन हुए है। 252 की कमी आई है। इसी तरह बेहटा के हजरतपुर के 142 नामांकन हुए थे। इस साल केवल 33 दाखिले किए गए हैं। हरगांव का भनवापुर में 130 नामांकन हुए थे। इस साल महज 46 बच्चों ने दाखिला कराया है। रेउसा के सीपतपुर में 113 नामांकन हुए थे। इस साल महज 33 हुए हैं। सिधौली के अलादतपुर में 60 नामांकन हुए थे। इस साल महज सात नामांकन हुए है। इसी तरह अन्य विद्यालयों में नामांकन की प्रगति बेहद कम रही है।
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