{"_id":"5e6fc0138ebc3ea7df76b5b7","slug":"roadways-worth-three-lakhs-daily-sitapur-news-lko513860167","type":"story","status":"publish","title_hn":"कोरोना का कहर : रोडवेज को रोजाना तीन लाख की चपत","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
कोरोना का कहर : रोडवेज को रोजाना तीन लाख की चपत
विज्ञापन
सीतापुर। कोरोना वायरस के बढ़ते कहर से रोडवेज बसों में अचानक मुसाफिरों की संख्या घटने लगी है। यात्रा के दौरान लोगों के संपर्क में आने से यात्रियों को संक्रमण का खतरा सता रहा है। परिवहन निगम केे आंकड़े इसकी तस्दीक कर रहे हैं। सीतापुर डिपो की बसों में रोजाना सफर करने वाले चार से पांच हजार यात्रियों की संख्या में अचानक कमी आई है। इससे रोडवेज को प्रतिदिन लाखों की चपत लग रही है।
सफर के दौरान लोगों से मिलने, संपर्क में आने से संक्रमण का खतरा बढ़ने की आशंका अधिक रहती है। इस वजह से लोग सफर करने में कतराने लगे हैं। डिपो की बात करें तो यहां पर रोडवेज की 108 और अनुबंधित की 78 बसें है। आंकड़े बताते हैं कि फरवरी माह में डिपो की इन बसों में करीब 24 से 25 हजार यात्री रोजाना सफर करते थे, इससे करीब 25 लाख तक की कमाई रोडवेज को रोजाना हो जाती थी, लेकिन इधर कोरोना वायरस फैलने के बाद लगातार यात्रियों की संख्या में गिरावट हो रही थी।
जानकार बताते हैं कि फरवरी तक हालात काबू में थे। एक औसत के हिसाब से रोडवेज कमाई कर रहा था, लेकिन कोरोना के महामारी घोषित होने के बाद अचानक यात्रियों की संख्या हजारों में कम हो गई है। संख्या मेें कमी फरवरी के आखिरी सप्ताह से ही होने लगी थी। निगम के जानकारों की माने तो मार्च के शुरुआत से डिपो की बसों में यात्रा करने वाले मुसाफिरों की संख्या चार से पांच हजार तक प्रतिदिन के हिसाब से कम हो रही है, इससे कम से कम रोडवेज को औसत के मुताबिक, तीन लाख का नुकसान प्रतिदिन हो रहा है।
विज्ञापन
अब 22 लाख रुपये की ही कमाई हो पा रही है। ये आंकड़ा एक मार्च से अब तक (16 मार्च) का होना बताया जा रहा है। जानकारों की माने तो अगर हालात सुधरे नहीं तो अभी यात्रियों की संख्या और कम हो सकती है। इसकी वजह कोरोना वायरस के डर से लोग बसों में सफर नहीं कर रहे हैं। जानकारों की माने तो पहली बार इतनी तादात में यात्रियों की संख्या कम हुई है, जिससे निगम दिन पर दिन घाटे की ओर जा रहा है।
15 दिन में 45 लाख का नुकसान
पिछले वर्ष होली पर्व पर सीतापुर डिपो ने 17 मार्च से 26 मार्च यानी दस दिनों में करीब 223 लाख की कमाई की थी, लेकिन इस बार होली के सीजन में 232 लाख की ही कमाई हो सकी है, जबकि पिछले साल की तुलना में करीब 245 लाख रुपये की कमाई होनी चाहिए थी।
ऐसा इसलिए कि क्योंकि इस बार रोडवेज के किराए में 10 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है, लेकिन फिर भी कमाई का आंकड़ा कम है। इस होली में रोडवेज को 13 लाख का घाटा हुआ है। एआरएम की माने तो एक मार्च से अब तक यानी 15 दिनों में निगम को करीब 45 लाख का नुकसान यात्रियों की संख्या घटने से हुआ है। ये औसत रोजाना तीन लाख की लग रही चपत से निकाला गया है।
विज्ञापन
सफर के दौरान लोगों से मिलने, संपर्क में आने से संक्रमण का खतरा बढ़ने की आशंका अधिक रहती है। इस वजह से लोग सफर करने में कतराने लगे हैं। डिपो की बात करें तो यहां पर रोडवेज की 108 और अनुबंधित की 78 बसें है। आंकड़े बताते हैं कि फरवरी माह में डिपो की इन बसों में करीब 24 से 25 हजार यात्री रोजाना सफर करते थे, इससे करीब 25 लाख तक की कमाई रोडवेज को रोजाना हो जाती थी, लेकिन इधर कोरोना वायरस फैलने के बाद लगातार यात्रियों की संख्या में गिरावट हो रही थी।
विज्ञापन
जानकार बताते हैं कि फरवरी तक हालात काबू में थे। एक औसत के हिसाब से रोडवेज कमाई कर रहा था, लेकिन कोरोना के महामारी घोषित होने के बाद अचानक यात्रियों की संख्या हजारों में कम हो गई है। संख्या मेें कमी फरवरी के आखिरी सप्ताह से ही होने लगी थी। निगम के जानकारों की माने तो मार्च के शुरुआत से डिपो की बसों में यात्रा करने वाले मुसाफिरों की संख्या चार से पांच हजार तक प्रतिदिन के हिसाब से कम हो रही है, इससे कम से कम रोडवेज को औसत के मुताबिक, तीन लाख का नुकसान प्रतिदिन हो रहा है।
विज्ञापन
अब 22 लाख रुपये की ही कमाई हो पा रही है। ये आंकड़ा एक मार्च से अब तक (16 मार्च) का होना बताया जा रहा है। जानकारों की माने तो अगर हालात सुधरे नहीं तो अभी यात्रियों की संख्या और कम हो सकती है। इसकी वजह कोरोना वायरस के डर से लोग बसों में सफर नहीं कर रहे हैं। जानकारों की माने तो पहली बार इतनी तादात में यात्रियों की संख्या कम हुई है, जिससे निगम दिन पर दिन घाटे की ओर जा रहा है।
15 दिन में 45 लाख का नुकसान
पिछले वर्ष होली पर्व पर सीतापुर डिपो ने 17 मार्च से 26 मार्च यानी दस दिनों में करीब 223 लाख की कमाई की थी, लेकिन इस बार होली के सीजन में 232 लाख की ही कमाई हो सकी है, जबकि पिछले साल की तुलना में करीब 245 लाख रुपये की कमाई होनी चाहिए थी।
ऐसा इसलिए कि क्योंकि इस बार रोडवेज के किराए में 10 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है, लेकिन फिर भी कमाई का आंकड़ा कम है। इस होली में रोडवेज को 13 लाख का घाटा हुआ है। एआरएम की माने तो एक मार्च से अब तक यानी 15 दिनों में निगम को करीब 45 लाख का नुकसान यात्रियों की संख्या घटने से हुआ है। ये औसत रोजाना तीन लाख की लग रही चपत से निकाला गया है।