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Sitapur News: आधुनिक डाई हाउस वाॅटर ट्रीटमेंट प्लांट के बिना दिक्कत
Fri, 31 Oct 2025 11:54 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सीतापुर
संवाद न्यूज एजेंसी, सीतापुर
Updated Fri, 31 Oct 2025 11:54 PM IST
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खैराबाद। जिलाधिकारी डॉ. राजा गणपति आर ने शुक्रवार को बुनकरों व उद्यमियों से बातचीत कर दरी उद्योग से जुड़ी समस्याओं को समझा। इस दौरान व्यवसायियों ने आधुनिक डाई हाउस वॉटर ट्रीटमेंट प्लांट की मांग जोरशोर से उठाई। डीएम ने इस संबंध में उचित कार्रवाई का भरोसा दिलाया है।
इस दौरान दरी व्यवसायी लईक अंसारी ने कारोबारियों की परेशानी बताते हुए कहा कि यहां डाई का कोई आधुनिक प्लांट नही है। इससे बहुत परेशानी होती है। पानीपत से डाई कराकर सामग्री मंगाना पड़ती है। ओडीओपी के माध्यम से प्लांट लगाने के लिए समिति ने जमीन भी खरीद ली है। इसके बाद भी अब तक प्लांट नहीं लग सका है। डीएम ने समस्या सुनकर उचित कार्रवाई का भरोसा जताया। अन्य कारोबारियों ने भी डीएम से सीधे बातचीत कर दरी उद्योग से जुड़ी मूल समस्याओं के बारे में बताते हुए, इन्हें शीघ्र निस्तारित कराने की मांग की।
इससे पहले डीएम ने सबसे पहले नगर के कजियारा निवासी दरी व्यवसायी बदरुजमा के कारखाने पर पहुंचे। यहां उन्होंने दरी उद्योग की बारीकियां व होने वाली परेशानियों को समझा। इस दौरान उन्होंने सामग्री से लेकर इसे निर्यात करने तक की पूरी प्रक्रिया को विस्तार से समझा। इसके बाद डीएम नहर बाईपास खपरैला के पास अनिल कुमार के डाई हाउस पहुंचे। उन्होंने देखा कि यहां किस तरह से धागे की रंगाई होती है। इसके बाद मछरेहटा मार्ग गुरुपलिया स्थित प्रदीप दीक्षित की कंपनी रग्स एनआईसी दरी एक्सपोर्ट पहुंचकर दरी की फिनिशिंग से लेकर पैकिंग तक की प्रक्रिया को समझा। साथ ही जाना कि यहां की बनी दरी किन-किन देशों में निर्यात होती है।
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इस दौरान दरी व्यवसायी लईक अंसारी ने कारोबारियों की परेशानी बताते हुए कहा कि यहां डाई का कोई आधुनिक प्लांट नही है। इससे बहुत परेशानी होती है। पानीपत से डाई कराकर सामग्री मंगाना पड़ती है। ओडीओपी के माध्यम से प्लांट लगाने के लिए समिति ने जमीन भी खरीद ली है। इसके बाद भी अब तक प्लांट नहीं लग सका है। डीएम ने समस्या सुनकर उचित कार्रवाई का भरोसा जताया। अन्य कारोबारियों ने भी डीएम से सीधे बातचीत कर दरी उद्योग से जुड़ी मूल समस्याओं के बारे में बताते हुए, इन्हें शीघ्र निस्तारित कराने की मांग की।
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इससे पहले डीएम ने सबसे पहले नगर के कजियारा निवासी दरी व्यवसायी बदरुजमा के कारखाने पर पहुंचे। यहां उन्होंने दरी उद्योग की बारीकियां व होने वाली परेशानियों को समझा। इस दौरान उन्होंने सामग्री से लेकर इसे निर्यात करने तक की पूरी प्रक्रिया को विस्तार से समझा। इसके बाद डीएम नहर बाईपास खपरैला के पास अनिल कुमार के डाई हाउस पहुंचे। उन्होंने देखा कि यहां किस तरह से धागे की रंगाई होती है। इसके बाद मछरेहटा मार्ग गुरुपलिया स्थित प्रदीप दीक्षित की कंपनी रग्स एनआईसी दरी एक्सपोर्ट पहुंचकर दरी की फिनिशिंग से लेकर पैकिंग तक की प्रक्रिया को समझा। साथ ही जाना कि यहां की बनी दरी किन-किन देशों में निर्यात होती है।
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