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Sitapur News: खेत-तालाब योजना से मखाना उत्पादन की तैयारी
Thu, 09 Apr 2026 01:18 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सीतापुर
संवाद न्यूज एजेंसी, सीतापुर
Updated Thu, 09 Apr 2026 01:18 AM IST
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मखाना खेती के सेमिनार के दौरान मौजूद प्रतिभागी। संवाद
सीतापुर। जिले में खेत-तालाब योजना के साथ मखाना उत्पादन को बढ़ावा देकर उद्यमिता विकसित करने की तैयारी है। इसी कड़ी में मंगलवार को एक निजी प्रतिष्ठान में राष्ट्रीय मखाना बोर्ड, केवीके कटिया और कृषि अनुसंधान परिषद द्वारा प्रवृद्ध फाउंडेशन के सहयोग से सेमिनार का आयोजन किया गया। इसमें विशेषज्ञों ने मखाना खेती के लाभ और उन्नत तकनीकों की जानकारी दी।
मुख्य अतिथि प्रवृद्ध फाउंडेशन के निदेशक पीएस ओझा ने कहा कि प्रदेश में मखाना उत्पादन के विस्तार की अपार संभावनाएं हैं। जिला उद्यान अधिकारी राजश्री ने इसे महिलाओं की आजीविका के लिए वरदान बताया, वहीं जिला कृषि अधिकारी संजीव कुमार सिंह ने खेत-तालाब योजना के जरिए इसे अपनाने पर बल दिया। कृषि रक्षा अधिकारी शिवशंकर ने बताया कि इस खेती में कीट व बीमारियों का खतरा न्यूनतम है।
केवीके के वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. दया एस श्रीवास्तव ने मखाना को सेहत का खजाना बताते हुए इसे कम लागत और कम समय में अधिक मुनाफा देने वाली खेती करार दिया। परियोजना अन्वेषक डॉ. शुभम सिंह राठौर ने ऑडियो-वीडियो के माध्यम से तकनीक व मूल्य संवर्धन की जानकारी दी। विशेषज्ञों ने युवाओं को इस क्षेत्र में उद्यमी बनने के लिए प्रेरित किया।
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मुख्य अतिथि प्रवृद्ध फाउंडेशन के निदेशक पीएस ओझा ने कहा कि प्रदेश में मखाना उत्पादन के विस्तार की अपार संभावनाएं हैं। जिला उद्यान अधिकारी राजश्री ने इसे महिलाओं की आजीविका के लिए वरदान बताया, वहीं जिला कृषि अधिकारी संजीव कुमार सिंह ने खेत-तालाब योजना के जरिए इसे अपनाने पर बल दिया। कृषि रक्षा अधिकारी शिवशंकर ने बताया कि इस खेती में कीट व बीमारियों का खतरा न्यूनतम है।
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केवीके के वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. दया एस श्रीवास्तव ने मखाना को सेहत का खजाना बताते हुए इसे कम लागत और कम समय में अधिक मुनाफा देने वाली खेती करार दिया। परियोजना अन्वेषक डॉ. शुभम सिंह राठौर ने ऑडियो-वीडियो के माध्यम से तकनीक व मूल्य संवर्धन की जानकारी दी। विशेषज्ञों ने युवाओं को इस क्षेत्र में उद्यमी बनने के लिए प्रेरित किया।
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