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टिकट को लेकर तेज हुआ सियासी घमासान
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सीतापुर। जिले में लोकतंत्र के महापर्व की तारीख जैसे-जैस करीब आ रही है, वैसे-वैसे टिकट को लेकर सियासी घमासान भी तेज होता जा रहा है। मैदान मारने में कौन कामयाब होता है, इसको लेकर असमंजस और गहराता जा रहा है। अभी के हालात में दावेदार टिकट को लेकर अड़े हैं। पार्टियां उलझन में हैं। सभी सीटों पर प्रत्याशियों को उतारने में हो रही देरी की वजह अभी निर्णय नहीं ले पाना बताया जा रहा है। ऐसे में जिले की कई सीटों पर सियासी जंग भी छिड़ने के आसार नजर आ रहे हैं।
चुनाव की रणभेरी बजने के साथ ही टिकट को लेकर कयासों का दौर शुरू हो गया था, जो अभी तक थमता नहीं नजर आ रहा है। हालांकि, हर बार सबसे आखिरी प्रत्याशियों को लेकर पत्ते खोलने वाली भाजपा ने इस बार जिले की पांच सीटों पर पहले ही पुराने चेहरों को उतार दिया है, लेकिन इसी के साथ सदर, महोली, बिसवां और सिधौली की सीटों को होल्ड पर रखा है।
ऐसे में इन सीटों पर प्रत्याशियों को उतारने को लेकर अटकलें और तेज हो गई हैं। हर दिन के साथ इन सीटों को लेकर सियासी फिजा में लोगों के नाम भी जुड़ रहे हैं। वहीं, सोमवार की शाम सपा की ओर से जिले की छह सीटों पर प्रत्याशियों को उतार दिया गया है। तीन सीटों को पार्टी ने होल्ड पर रखा है। भाजपा की तर्ज पर सपा की ओर से प्रत्याशियों को उतारने के बाद होल्ड की गईं इन सीटों को लेकर सियासी घमासान और तेज हो सकता है। ऐसे संकेत नजर आ रहे हैं।
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और भी दल नहीं ले पा रहे निर्णय
भाजपा ने पांच, सपा ने छह सीटों पर प्रत्याशियों को उतार दिया है, जबकि कांग्रेस ने अभी तक सदर, बिसवां में ही प्रत्याशी उतारे हैं। बसपा ने बिसवां में ही अभी तक एक प्रत्याशी को उतारा है। आप ने सदर, महोली, मिश्रिख में प्रत्याशी घोषित किए हैं। ऐसे में भाजपा और सपा ही नहीं और भी दल प्रत्याशियों को मैदान में उतारने का फैसला नहीं ले पा रहे हैं।
सीटों पर बदलाव के संकेत
सियासी जानकारों की माने तो जिस तरह से पेच फंसा होने की वजह से भाजपा सदर, महोली, बिसवां, सिधौली में प्रत्याशियों को नहीं उतार पाई है, उसी तरह से सपा में भी पेच फंसा है। यही वजह है मिश्रिख, लहरपुर और सिधौली की सीटों पर प्रत्याशियों को सपा ने नहीं उतारा है। सियासी जानकारों की माने तो इन सीटों पर अभी तक प्रत्याशियों को नहीं उतारने के पीछे माना जा रहा है कि पार्टी इन सीटों पर 2017 में चुनाव लड़ने वाले पूर्व प्रत्याशियों का टिकट काट सकती है। बदलाव के संकेत प्रबल नजर आ रहे हैं।
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चुनाव की रणभेरी बजने के साथ ही टिकट को लेकर कयासों का दौर शुरू हो गया था, जो अभी तक थमता नहीं नजर आ रहा है। हालांकि, हर बार सबसे आखिरी प्रत्याशियों को लेकर पत्ते खोलने वाली भाजपा ने इस बार जिले की पांच सीटों पर पहले ही पुराने चेहरों को उतार दिया है, लेकिन इसी के साथ सदर, महोली, बिसवां और सिधौली की सीटों को होल्ड पर रखा है।
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ऐसे में इन सीटों पर प्रत्याशियों को उतारने को लेकर अटकलें और तेज हो गई हैं। हर दिन के साथ इन सीटों को लेकर सियासी फिजा में लोगों के नाम भी जुड़ रहे हैं। वहीं, सोमवार की शाम सपा की ओर से जिले की छह सीटों पर प्रत्याशियों को उतार दिया गया है। तीन सीटों को पार्टी ने होल्ड पर रखा है। भाजपा की तर्ज पर सपा की ओर से प्रत्याशियों को उतारने के बाद होल्ड की गईं इन सीटों को लेकर सियासी घमासान और तेज हो सकता है। ऐसे संकेत नजर आ रहे हैं।
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और भी दल नहीं ले पा रहे निर्णय
भाजपा ने पांच, सपा ने छह सीटों पर प्रत्याशियों को उतार दिया है, जबकि कांग्रेस ने अभी तक सदर, बिसवां में ही प्रत्याशी उतारे हैं। बसपा ने बिसवां में ही अभी तक एक प्रत्याशी को उतारा है। आप ने सदर, महोली, मिश्रिख में प्रत्याशी घोषित किए हैं। ऐसे में भाजपा और सपा ही नहीं और भी दल प्रत्याशियों को मैदान में उतारने का फैसला नहीं ले पा रहे हैं।
सीटों पर बदलाव के संकेत
सियासी जानकारों की माने तो जिस तरह से पेच फंसा होने की वजह से भाजपा सदर, महोली, बिसवां, सिधौली में प्रत्याशियों को नहीं उतार पाई है, उसी तरह से सपा में भी पेच फंसा है। यही वजह है मिश्रिख, लहरपुर और सिधौली की सीटों पर प्रत्याशियों को सपा ने नहीं उतारा है। सियासी जानकारों की माने तो इन सीटों पर अभी तक प्रत्याशियों को नहीं उतारने के पीछे माना जा रहा है कि पार्टी इन सीटों पर 2017 में चुनाव लड़ने वाले पूर्व प्रत्याशियों का टिकट काट सकती है। बदलाव के संकेत प्रबल नजर आ रहे हैं।